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थाने में गैंती के हमले से घायल हवलदार ने तीन दिन किया जिंदगी से संघर्ष, दिल्ली में इलाज के दौरान मौत

मृतक उमेश बाबू के घर परिजन विलाप करते हुए। उमेश बाबू के कंधों पर थी पूरे परिवार की जिम्मेदारी उमेश बाबू के...

Dainik Bhaskar

Sep 13, 2018, 02:20 AM IST
Bhind - थाने में गैंती के हमले से घायल हवलदार ने तीन दिन किया जिंदगी से संघर्ष, दिल्ली में इलाज के दौरान मौत
मृतक उमेश बाबू के घर परिजन विलाप करते हुए।

उमेश बाबू के कंधों पर थी पूरे परिवार की जिम्मेदारी

उमेश बाबू के तीन बेटे सोनू (32), मोनू (26) और रजत (23) और एक बेटी रेनू (28) है। इनमें दो बेटे सोनू और मोनू की शादी हो गई हैं, लेकिन दोनों बेरोजगार हैं। बेटी रेनू की शादी दबोह के बड़ागांव में हुई है। सबसे छोटा बेटा रजत अभी पढ़ाई कर रहा है। पूरे परिवार के भरण पोषण की जिम्मेदारी उमेश बाबू के कंधों पर थी। उनके तीन नाती अभय (9) पुत्र सोनू, अनन्या (4) पुत्री सोनू व आर्यन (3) पुत्र मोनू हैं। उनकी प|ी गुड्डी दिल्ली से उनके शव के साथ आ रही हैं।

मुख्यमंत्री ने ट्वीट कर दी उमेश बाबू की शहादत पर उन्हें श्रद्धांजलि, और कहा दु:ख की घड़ी में पूरा प्रदेश साथ है

रविवार को भी वे रोज की तरह अपनी वर्दी पहनकर घर से ड्यूटी के लिए निकले और प|ी गुड्‌डी से कह गए थे कि वे रात 11 बजे तक आ जाएंगे, लेकिन शाम को आरोपी विष्णु राजावत ने उन पर गैंती से हमला कर दिया। दिल्ली के सफदरगंज अस्पताल में तीन दिन तक जिंदगी और मौत से लड़ रहे उमेश बाबू का बुधवार का सुबह निधन हो गया। प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी उनकी शहादत पर ट्वीट कर उन्हें श्रद्धांजलि दी है। साथ ही लिखा है कि उमेश बाबू को शहीद का दर्जा दिया जाएगा। उनके परिवार को एक करोड़ रुपए की सहायता और एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाएगी। इस दु:ख की घड़ी में पूरा प्रदेश उनके साथ है।

शहीद उमेश बाबू का शव बुधवार की शाम भिंड के लिए रवाना हुआ, जो कि देर रात तक उनके घर पहुंचेगा। एसपी रुडोल्फ अल्वारेस ने बताया कि परिवारीजन के अनुसार उनका अंतिम संस्कार गुरुवार की सुबह शहर के स्थानीय मुक्तिधाम पर होगा, जिसमें एडीजी स्तर के कोई अधिकारी, चंबल आईजी संतोष कुमार सिंह सहित पुलिस के अधिकारी कर्मचारी श्रद्धांजलि देने के लिए उपस्थित रहेंगे। उन्होंने बताया कि शहीद का गार्ड ऑफ ऑनर के साथ अंतिम संस्कार होगा।

बेटे का आरोप- रेत माफिया ने साजिशन कराई पिता की हत्या: शहीद उमेश बाबू के बड़े बेटे सोनू का कहना है कि उनके पिता की साजिशन रेत माफिया ने हत्या कराई है। जब पिता पर हमला हुआ तब पुलिस थाने का अन्य स्टाफ कहां गया था जबकि कंप्यूटर रूम में कम से कम चार लोगों का स्टाफ रहता है।

29 साल की नौकरी में कई बार मिली प्रशंसा

शहीद उमेश बाबू के पिता ठकुरीप्रसाद भी पुलिस विभाग में एएसआई के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। वे तीन भाई थे, जिसमें वे स्वयं भी पुलिस में प्रधान आरक्षक थे। उमेश बाबू को 29 साल की नौकरी में कई बार अच्छे कार्य को लेकर प्रशंसा और इनाम मिली थी। वे 1989 में सिपाही के पद से भर्ती हुए थे। वहीं उनके छोटे भाई महेश भी भिंड जिला पुलिस में ड्राइवर के पद पर पदस्थ हैं जबकि एक भाई ओमप्रकाश राजस्व निरीक्षक हैं।

गार्ड आॅफ ऑनर के साथ होगा अंतिम संस्कार


सीएसपी करेंगे जांच, फास्ट ट्रायल में चलेगा केस

ऊमरी थाना के मुंशी उमेश बाबू पर हमला करने वाले आरोपी विष्णु राजावत पुत्र रामशरण राजावत निवासी लारौल और उसके साथी मान सिंह पुत्र बलबीर सिंह राजपूत निवासी लारौल को पुलिस ने पकड़कर जेल भेज दिया है। वहीं एसपी रुडोल्फ अल्वारेस ने बताया कि इस मामले की जांच सीएसपी आलोक शर्मा करेंगे। साथ ही यह केस फास्ट ट्रायल में चलाया जाएगा ताकि एक माह में आरोपी को सजा हो सके।

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