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12 मई तक विवाह मुहूर्त, 16 मई से अधिक मास

अक्षय तृतीया सप्त महायोग में मनेगी। इसी योग में विवाह और मांगलिक कार्य होंगे। आनंदादि सिद्धियोग, आयुष्यमान योग,...

Dainik Bhaskar

Apr 17, 2018, 02:20 AM IST
12 मई तक विवाह मुहूर्त, 16 मई से अधिक मास
अक्षय तृतीया सप्त महायोग में मनेगी। इसी योग में विवाह और मांगलिक कार्य होंगे। आनंदादि सिद्धियोग, आयुष्यमान योग, सर्वार्थ सिद्धि योग, रवि योग, सूर्य मेष राशि में, चंद्रमा वृषभ राशि में उच्च के सभी शुभ योगों की साक्षी में अक्षय तृतीया पर अद्भुत संयोग बना है। अक्षय तृतीया के अबूझ मुहूर्त के साथ 18 अप्रैल को शहनाई गूंजेगी। 12 मई तक शादी के मुहूर्त रहेंगे फिर 16 मई से अधिक मास लगने से विराम लग जाएगा। 13 जून तक इस अवधि में शादियां नहीं होंगी।

पं. अखिलेश शास्त्री के अनुसार 18 अप्रैल वैशाख शुक्ल पक्ष कृतिका नक्षत्र में अक्षय तृतीया (अखतीज) पर अद्भुत योग बन रहे हैं। इसमें किए कार्य शुभ और फलदायी होंगे। अबूझ मुहूर्त में शनिदेव भी वक्री रहेंगे। अक्षय तृतीया के दिन शनि धनु राशि में वक्री होंगे। यह अवधि 142 दिनों की होगी। इसके साथ सूर्य भी गोचर में उच्च के हो जाएंगे। इसी दिन से शादियों के मुहूर्त प्रारंभ हो जाएंगे। साथ ही भगवान परशुराम जयंती मनाई जाएगी। इस दिन को सतयुग और त्रेतायुग का प्रारंभ दिवस और हयग्रीव का प्राकट्य दिवस भी माना जाता है। यह संयोग शादी और खरीदारी के लिए काफी शुभ होगा।

ज्योतिष

कई वर्षों बाद बन रहा ऐसा दुर्लभ संयोग, 18 अप्रैल से गूंजेंगी शहनाइयां, 16 मई से 13 जून तक नहीं होंगी शादियां

ये रहेंगे शादी के मुहूर्त

18, 19, 20, 24, 25, 27, 28, 29, 30 अप्रैल। 1, 2, 3, 4, 5, 6, 11, 12, 13 मई। 16 मई 2018 से 13 जून 2018 तक अधिकमास रहने से एक माह विवाह निषिद्ध रहेंगे। 14,18, 19, 20, 21 23, 25, 27, 28, 29, 30 जून। 4, 5, 6, 10, 11, 15 व 16 जुलाई।

भास्कर संवाददाता | भिंड

अक्षय तृतीया सप्त महायोग में मनेगी। इसी योग में विवाह और मांगलिक कार्य होंगे। आनंदादि सिद्धियोग, आयुष्यमान योग, सर्वार्थ सिद्धि योग, रवि योग, सूर्य मेष राशि में, चंद्रमा वृषभ राशि में उच्च के सभी शुभ योगों की साक्षी में अक्षय तृतीया पर अद्भुत संयोग बना है। अक्षय तृतीया के अबूझ मुहूर्त के साथ 18 अप्रैल को शहनाई गूंजेगी। 12 मई तक शादी के मुहूर्त रहेंगे फिर 16 मई से अधिक मास लगने से विराम लग जाएगा। 13 जून तक इस अवधि में शादियां नहीं होंगी।

पं. अखिलेश शास्त्री के अनुसार 18 अप्रैल वैशाख शुक्ल पक्ष कृतिका नक्षत्र में अक्षय तृतीया (अखतीज) पर अद्भुत योग बन रहे हैं। इसमें किए कार्य शुभ और फलदायी होंगे। अबूझ मुहूर्त में शनिदेव भी वक्री रहेंगे। अक्षय तृतीया के दिन शनि धनु राशि में वक्री होंगे। यह अवधि 142 दिनों की होगी। इसके साथ सूर्य भी गोचर में उच्च के हो जाएंगे। इसी दिन से शादियों के मुहूर्त प्रारंभ हो जाएंगे। साथ ही भगवान परशुराम जयंती मनाई जाएगी। इस दिन को सतयुग और त्रेतायुग का प्रारंभ दिवस और हयग्रीव का प्राकट्य दिवस भी माना जाता है। यह संयोग शादी और खरीदारी के लिए काफी शुभ होगा।

23 जुलाई से प्रारंभ होगा चातुर्मास

23 जुलाई आषाढ़ शुक्ल एकादशी के दिन देवशयनी एकादशी होने के कारण चातुर्मास प्रारंभ हो जाएगा, जो 19 नवंबर तक चलेगा। अतः इन चार माह में विवाह नहीं होंगे। इसके बाद 16 दिसंबर 2018 से 14 जनवरी 2019 तक मलमास रहने के कारण विवाह नहीं होंगे। 12 नवंबर से 7 दिसंबर तक गुरु अस्त रहने के कारण विवाह नहीं हो पाएंगे।

यह मांगलिक कर्म हुए प्रारंभ: ग्रह प्रवेश, यज्ञोपवीत, संस्कार, भूमिपूजन, मुंडन संस्कार। खरीदारी होगी शुभ फलदायी। नया व्यापार, प्रॉपटी, सोना-चांदी, तांबा, कपड़े, बर्तन, वाहन, इलेक्ट्रॉनिक आइटम्स खरीदना अति फलदायी होगा।

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