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एक साल पहले नियमित होने थे कर्मचारी भिंड नपा में अभी भी छांटा जा रहा है रिकाॅर्ड

सीएमओ बोले- हमने 600 कर्मचारियों की सूची बनाकर भेजी है नगरीय प्रशासन विभाग को भास्कर संवाददाता | भिंड 10 साल से...

Danik Bhaskar | May 18, 2018, 03:30 AM IST
सीएमओ बोले- हमने 600 कर्मचारियों की सूची बनाकर भेजी है नगरीय प्रशासन विभाग को

भास्कर संवाददाता | भिंड

10 साल से लगातार एक ही नगरीय निकाय में काम कर रहे अस्थायी कर्मचारियों को स्थायी किए जाने की योजना भले ही सरकार ने बना दी। लेकिन भिंड नगरपालिका इसमें रुचि नहीं दिखा रही है, जिससे सैकड़ों कर्मचारियों के भविष्य पर संकट मंडरा रहा है। हालांकि इस मामले में नगरपालिका सीएमओ जेएन पारा का कहना है कि उन्होंने सूची बनाकर नगरीय प्रशासन विभाग को भेज दी है। साथ ही रिकाॅर्ड भी ढूंढवाया जा रहा है। वहीं नगरीय प्रशासन विभाग के उपसंचालक हिमांशू सिंह का कहना है कि उनके यहां यदि सूची आई तो उसमें जरूर कोई कमी रही होगी। नहीं तो एक सप्ताह में उनके यहां से कार्रवाई पूरी हो जाती है।

भिंड नपा में करीब 600 से ज्यादा कर्मचारी ऐसे हैं जिन्हें 10 साल से ज्यादा समय काम करते हुए हो गया है। शासन के आदेशानुसार इन कर्मचारियों को मई 2017 तक स्थायी किया जाना था। लेकिन नगरपालिका में यह कार्रवाई काफी सुस्त गति से चल रही है। बताया जा रहा है कि पिछले महीने नगरपालिका से करीब 160 कर्मचारियों को स्थाई किए जाने के लिए सूची बनाकर नगरीय प्रशासन विभाग मोतीमहल ग्वालियर को तो भेज दी गई। लेकिन रिकाॅर्ड अब तक नहीं भेजा गया। परिणामस्वरूप यह मामला वहीं के वहीं अटका हुआ है। वहीं भिंड नगरपालिका सीएमओ पारा का कहना है कि अस्थायी कर्मचारियों को स्थायी किए जाने की तारीख में शासन ने वृद्धि कर दी है। अब 20 जून तक पूरी कार्रवाई करना है। इसलिए उनके यहां से एक सूची बनाकर शासन को भेज दी गई है। साथ ही सभी कर्मचारियों का रिकार्ड ढूंढवाया जा रहा है। इधर नगरपालिका अधिकारियों के इस ढुलमुल रवैये के चलते अस्थायी कर्मचारियों के भविष्य पर संकट मंडरा रहा है।

नियमित होते ही बढ़ जाएगा वेतन

यहां बता दें कि सरकार ने नगरीय निकायों में पिछले 10 साल से कार्य कर रहे कर्मचारियों को नियमित किए जाने के लिए तीन श्रेणियां निर्धारित की हैं, जिनमें कुशल, अर्धकुशल और अकुशल शामिल हैं। यदि इन कर्मचारियों को शासन नियमित करता है तो जहां उनका भविष्य सुरक्षित होगा। वहीं उन्हें मिलने वाले वेतन में भी बढ़ोत्तरी हो जाएगी, जिससे उनके परिवार की माली हालत भी सुधरेगी।

रिकॉर्ड ढूंढवा रहे हैं


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