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15 माह से बगैर मां के रह रहे बेटे को न्यायाधीश की समझाइश पर मिली मां

Bhind News - सुलह के बाद बच्चे को गोद में लिए प्रभा व दूसरे चित्र में फिर से एक दूसरे को माला पहनाते शैलेंद्र और आरती व अंतिम...

Dainik Bhaskar

Dec 09, 2018, 03:55 AM IST
Mo News - mother of the mother remained without mother for 15 months
सुलह के बाद बच्चे को गोद में लिए प्रभा व दूसरे चित्र में फिर से एक दूसरे को माला पहनाते शैलेंद्र और आरती व अंतिम चित्र में बलराम और पूनम।

पंचायत में भी नहीं हुई सुलह तो खटखटाया कोर्ट का दरवाजा, लोक अदालत में समझौता

बरगांय में रहने वाले शैलेंद्र परिहार का विवाह जून 2012 में मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत ग्राम सुनार निवासी आरती के साथ हुआ था। शादी के बाद से ही आरती पति के साथ रहने को तैयार नहीं थी। आरती अपने पति पर मायके में रहने के लिए दबाव बनाती थी। 28 जुलाई 2017 को वह अपने मायके चली गई। शैलेंद्र ने ससुराल पक्ष के लोगों को बुलाकर गांव में ही 25 नवंबर 2017 को पंचायत बुलाई। लेकिन पंचायत में सुलह नहीं हो सकी। प्रधान न्यायाधीश केके शर्मा और एडवोकेट महिपाल सिंह व राजेश पाठक ने दोनों को अलग-अलग समझाया और राजीनामा हो गया। लोक अदालत में कुल 7 दंपतियों के बीच राजीनामा करा कर परिवार उजड़ने से बचाए हैं।

विवाद घृणा से नहीं, प्रेम से खत्म होता है: यादव

इस मौके पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुनीता यादव ने कहा कि हर माह आयोजित होने वाले लोक अदालत में पक्षकारों को समझौता के लिए लंबे समय तक इंतजार नहीं करना पड़ता है। अधिवक्ता के सहयोग से समाज में मेलमिलाप एवं शांति की स्थिति बनाई जाती है। अपनी रंजिश को आपसी सलाह समझौता से खत्म कर इसे अगली पीढ़ी तक न ले जाएं। विवाद घृणा से नहीं, प्रेम से खत्म होता है। यादव ने कहा कि यह हम पर निर्भर करता है कि आने वाली पीढ़ी को आपसी वैमनस्यता देना चाहते हैं या प्रेम। कार्यक्रम में एडीजे संजय कुमार द्विवेदी, विशेष न्यायाधीश डीके श्रीवास्तव, प्रधान न्यायाधीश केके शर्मा, न्यायाधीश विजय कुमार शर्मा, डीके खटीक, चंद्रशेखर जायसवाल, नवनीता वालिया, रेखा मरकाम, मीनाक्षी शर्मा, गुंजन शर्मा, वरिष्ठ एडवोकेट राजेश शर्मा, बार उपाध्यक्ष मुकेश गुप्ता, पंकज श्रीवास्तव, महिपाल सिंह, रमा वैश आदि मौजूद रहे।

सेंवढ़ा में बलराम पूनम ने फिर पहनाई एक दूसरे को माला, जीवन भर साथ रहने की ली शपथ

लंबे समय से एक दूसरे से अलग रह रहे बलराम एवं पूनम अब एक दूसरे के साथ ही जीवन बिताएंगे। सेंवढ़ा एडीजे ठाकुरदास ने लोकअदालत में दोनों के बीच सुलह कराई। अदालत में यह प्रकरण एक वर्ष से लंबित था। एडीजे स्टेनो संतोष शर्मा ने बताया कि स्थानीय निवासी बलराम सेन एवं पूनम की शादी लगभग पांच साल पहले हुई थी। उनकी एक बेटी राधिका भी है। दोनों के बीच विवाद होने के बाद पूनम अपनी बेटी के साथ चली गई थी। शनिवार को नेशनल लोक अदालत में दोनों पक्ष के अभिभाषक श्रीराम शर्मा एवं महेंद्र निरंजन तथा अदालत की ओर से नियुक्त सुलहकर्ता अभिभाषक एनडी प्रजापति तथा एसएस गौर ने दोनों के मतभेद दूर करवाए।

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