• Hindi News
  • Rajya
  • Madhya Pradesh
  • Bhind
  • Bhind News mp news bhim singh rana gauri sarovar correspondent bhaskar lovers badan singh atar tourists shivraj singh chauhan archeology lovers rulers politicians people gaur surai contractor representatives authorities mahasingh bhadauriya jat scindia villagers department officials bhim singh holkar chhatri salvi gohad fort bhind buildings lake district heritage sites building fort reservoir rooms holkar chattar alampur akalal city tourist destination napa municipality country atre fort museum area river atre land madhu nagar chambal agra park houses alampur fort complex department archeology department district administration archaeological survey of india bhind fort indian archeology department banks department of archeology bhadavara maharaja administration trust dabangs council meeting repair work umbrella alcohol beautification existence ignorance plots order situation water development budget repair government office history drains demand neglect side presence heart work atar bhadawar fort water level thing evil cost parts demand initiative properties heritage dynasty absence supervision front sight application direction lime flutter walls wall bhadawar fortresses turret solution safety doors lack cracks independence marble stones development encroachment middle reasons action stone lots holkar elements foundation battle talk pact

नहीं हुआ जीर्णोद्घार, खंडहर हो रहीं पुरातत्व संपदाएं, अधिकारी बेखबर

Bhind News - भास्कर संवाददाता | भिंड/अंचल जिले में चार ऐसी प्राचीन पुरातत्व इमारतें और एक सरोवर है, जो जिले की जिले की...

Bhaskar News Network

Feb 05, 2019, 02:10 AM IST
Bhind News - mp news bhim singh rana gauri sarovar correspondent bhaskar lovers badan singh atar tourists shivraj singh chauhan archeology lovers rulers politicians people gaur surai contractor representatives authorities mahasingh bhadauriya jat scindia villagers department officials bhim singh holkar chhatri salvi gohad fort bhind buildings lake district heritage sites building fort reservoir rooms holkar chattar alampur akalal city tourist destination napa municipality country atre fort museum area river atre land madhu nagar chambal agra park houses alampur fort complex department archeology department district administration archaeological survey of india bhind fort indian archeology department banks department of archeology bhadavara maharaja administration trust dabangs council meeting repair work umbrella alcohol beautification existence ignorance plots order situation water development budget repair government office history drains demand neglect side presence heart work atar bhadawar fort water level thing evil cost parts demand initiative properties heritage dynasty absence supervision front sight application direction lime flutter walls wall bhadawar fortresses turret solution safety doors lack cracks independence marble stones development encroachment middle reasons action stone lots holkar elements foundation battle talk pact
भास्कर संवाददाता | भिंड/अंचल

जिले में चार ऐसी प्राचीन पुरातत्व इमारतें और एक सरोवर है, जो जिले की जिले की ऐतिहासिक पहचान बनाए हुए हैं। लेकिन इनका सही तरीके से जीर्णोद्घार नहीं होने से वह अपना अस्तित्व खोती जा रहा है। अटेर, भिंड, गोहद किला, होल्कर छतरी अलमपुर और गौरी सरोवर ऐतिहासिक धरोहर हैं। लेकिन संबंधित विभाग द्वारा की जा रही अनदेखी के कारण यह प्रचीन इमारत और सरोवर वर्तमान में अपना अस्तित्व खो रहे हैं।

वहीं जिले के कई पुरातत्व प्रेमी इन पुरा संपदा की मरम्मत कराने के लिए जिला प्रशासन से काफी लंबे से मांग करते आ रहे हैं। उनका कहना है कि अगर इन इमारतों और सरोवर के जीर्णोद्धार हो जाए तो यह पर्यटन स्थल बन जाएंगे। जिससे यहां भी बाहर के सैलानी घूमने के लिए आ सकेंगे।

गौर सरेावर: शहर के ऐतिहासिक गौरी सरोवर का इतिहास एक हजार पुराना हैं। लेकिन नगर पालिका की अनदेखी के कारण इस का सौंदर्यीकरण नहीं हो पा रहा है। स्थिति यह है कि नपा की ओर से सरोवर के सौंदर्यीकरण के लिए परिषद की बैठक में बजट मंजूर किया जाता है। लेकिन राजनेताओं के कारण गौरी सरोवर का विकास नहीं हो पा रहा है। वहीं सरोवर में नाले-नालियों का पानी जा रहा है।

आठ करोड़ मंजूर के बाद भी नहीं हुआ विकास: शहर के पुरातत्व प्रेमियों का कहना है कि शहर के बीचों बीच गौरी सरोवर के होने से उसके आसपास का वाटर लेवल हमेशा अच्छा बना रहता है। लेकिन नगर पालिका अधिकारियों और जनप्रतनिधियों की अनदेखी के कारण यह ऐतिहासिक सरोवर बदहाल हो चुका है। दो साल पहले नपा की ओर से सरोवर के सौंदर्यीकरण के लिए आठ करोड़ रुपए मंजूर किए गए थे। लेकिन उसके बाद भी सरोवर की स्थिति जस की तस बनी हुई है।

भिंड किला: शहर के माधौगंज हाट इलाके में भदावर महाराज महासिंह भदौरिया ने 17वीं सदी में कराया था। लेकिन बाद में सिंधिया शासकों ने इस किले को जीत लिया और भदौरिया शासकों को इसे छोड़कर अटेर किले में जाना पड़ा था। देश आजाद होने के बाद इस किले में भिंड के सरकारी दफ्तर लगने लगे। लेकिन देखरेख के अभाव में यह किला जीर्ण -शीर्ण होने लगा है।

क्या है स्थिति : पुरातत्व विभाग द्वारा किले का मरम्मत कार्य तीन साल पहले 75 लाख की लागत से शुरू किया गया था। उस दौरान किले के आगे और पीछे के हिस्सों की मरम्मत कराई गई थी। लेकिन बजट राशि खत्म होने के बाद संबंधित ठेकेदार द्वारा काम बंद कर दिया गया। वर्तमान में किले के अंदर बने कमरे जर्जर हो रहे हैं। खास बात यह है कि किले के अंदर बने म्यूजियम को पुरातत्व विभाग ने मरम्मत कार्य के दौरान काफी अच्छा बनाया है जो देखते ही बनता है।

वर्षों से चल रही मांग

जिले के इन पुरातत्व संपदाओं को पर्यटक स्थल के रूप में बनाने की मांग कई बर्षों से चली आ रही है। इसके लिए जिले के लोगों ने कई बार तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और पुरातत्व विभाग को आवेदन देकर मांग कर चुके हैं। लेकिन अभी तक इस दिशा में कोई सकारात्मक पहल होती नहीं दिख रही।

भिंड में यह पुरातत्व संपादाएं, जो सभी हंै बदहाल...

अटेर भदावर किला: अटेर में चंबल नदी के किनारे भदावर राजवंश का ऐतिहासिक किला बना है। इसे राजा बदन सिंह ने 16वीं शताब्दी में बनवाया था। इस किले को भारतीय पुरातत्व विभाग द्वारा संरक्षित किया गया। इसको देखने के लिए कभी-कभी विदेशी सैलानी देखने के लिए आगरा से आते हैं।

क्या है स्थिति: भारतीय पुरातत्व विभाग द्वारा करीब पांच साल पहले किले का जीर्णोद्घार भी कराया गया, जिसके तहत अब तक कुछ हिस्सा दुरुस्त भी हो चुका है, लेकिन काफी समय से काम बंद है। इससे किले के काफी हिस्से जर्जर थे वे और भी नष्ट हो रहे हैं। किला परिसर में असामाजिक तत्व एकत्रित होकर शराब पीते हैं। स्थानीय लोग किले की नींव से पत्थर निकालकर ले जा रहे हैं। किले के आसपास की जमीन पर दबंगों ने कब्जा कर रखा है।

गोहद किला: 18वीं शताब्दी के आसपास यह किला जाट राजा भीम सिंह राणा ने बनवाया था। इतिहास के अनुसार एक युद्ध में भीम सिंह पराजित हुए थे। इसके बाद सालवई संधि में उन्हें किला वापस देने की बात भी कही गई। जाट शासक भीम सिंह राणा अपने समय के लोकप्रिय शासकों में से एक रहे थे।

क्या है स्थिति: वर्तमान में गोहद किले का हाल यह है कि किले की कई दीवारों में दरारें हैं, उनसे चूना झड़ रहा है। इसके साथ ही बुर्ज भी क्षतिग्रस्त हो रहे हैं, लेकिन किले की मरम्मत और सुरक्षा को लेकर कोई उपाय नहीं किए जा रहे हैं। भारतीय पुरातत्व विभाग द्वारा ढाई साल पहले 65 लाख की लागत से जीर्णोद्घार कराया गया था, जिसमें किले के दो द्वार और किले की बाहरी दीवार की मरम्मत ही हो सकी। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बजट के अभाव में काम बंद है। किले की स्थिति बदतर हो गई है।

होल्कर छतरी: आलमपुर नगर में 16वीं शताब्दी में होल्कर वंश के राजाओं ने संगमरमर के पत्थर की छतरी का निर्माण दो बीघा जमीन पर कराया था, जिसमें पार्क भी बनाया गया था। वर्तमान में इनकी देखरेख ट्रस्ट द्वारा की जा रही है।

क्या है स्थिति: संगमरमर के पत्थर से बनी इस छतरी की देखरेख ट्रस्ट द्वारा की जा रही है। लेकिन पुरातत्व विभाग से इनकी देखरेख नहीं की जा रही है। छतरी की जमीन पर दबंगों ने कब्जा कर रखा है। उस जमीन पर पक्के मकान बना रखे हैं। इस अतिक्रमण हटाने के लिए प्रशासन ने तीन साल पहले प्रयास किया था, लेकिन कुछ राजनीतिक कारणों के चलते अतिक्रमण की कार्रवाई बीच में बंद कर दी गई।

X
Bhind News - mp news bhim singh rana gauri sarovar correspondent bhaskar lovers badan singh atar tourists shivraj singh chauhan archeology lovers rulers politicians people gaur surai contractor representatives authorities mahasingh bhadauriya jat scindia villagers department officials bhim singh holkar chhatri salvi gohad fort bhind buildings lake district heritage sites building fort reservoir rooms holkar chattar alampur akalal city tourist destination napa municipality country atre fort museum area river atre land madhu nagar chambal agra park houses alampur fort complex department archeology department district administration archaeological survey of india bhind fort indian archeology department banks department of archeology bhadavara maharaja administration trust dabangs council meeting repair work umbrella alcohol beautification existence ignorance plots order situation water development budget repair government office history drains demand neglect side presence heart work atar bhadawar fort water level thing evil cost parts demand initiative properties heritage dynasty absence supervision front sight application direction lime flutter walls wall bhadawar fortresses turret solution safety doors lack cracks independence marble stones development encroachment middle reasons action stone lots holkar elements foundation battle talk pact
COMMENT

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना