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जब आवश्यकता थी तब पानी दिया नहीं, बारिश के बाद छोड़ दिया

एक वर्ष पहले
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किसानों को एक महीने पहले जब सिंचाई के लिए पानी की आवश्यकता थी तब विभाग ने नहरों में पानी नहीं छोड़ा। अब जिलेभर में हुई भारी बारिश के बाद जरूरत खत्म होने पर नहरों में पानी छोड़ दिया गया है। गोरमी क्षेत्र के बाद शनिवार की रात ऊमरी क्षेत्र की नहरों में पानी छोड़ा गया है जिससे बिना सफाई के बंबा ओवरफ्लो हो गए हैं। पानी बंबा से निकलकर खेतों में खड़ी फसल में पहुंच रहा है। अगर इस सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने ध्यान नहीं दिया तो किसानों को दोहरी मार पड़ सकती है। फिलहाल जिम्मेदारों को अवगत कराया गया है लेकिन नहरों को बंद नहीं किया है।

बता दें कि रूर नहर से अकोड़ा होते हुए कनावर तक जाने वाले बंबा में रविवार की दोपहर पानी ओवरफ्लो होकर खेतों में घुस गया है। बंबा किनारे चरी, कनावर, अकोड़ा, सींगपुरा आदि गांवों में फसल को नुकसान होने की संभावना है। कनावर के किसान कैलेंडर सिंह, आकाश सिंह, राजू सिंह ने बताया कि फसल में अब सिंचाई की आवश्यकता नहीं है। इसके बावजूद पानी नहर से बंबा में छोड़ा जा रहा है। स्थिति यह है कि 20 से 25 बीघा में पानी भर गया है। अगर नहर को जल्द ही बंद नहीं किया गया तो किसानों की फसल बर्बाद हो सकती है।

कच्चा बंबा फूटा तो होगी बर्बादी

बंबा अकोड़ा के आगे पाटा नहीं गया है। पक्कीकरण के अभाव में बंबा का पानी खेतों में निकलने के आसार बढ़ गए हैं। किसानों ने इसकी शिकायत विभाग के अधिकारियों से की है लेकिन नहरों में पानी बंद नहीं किया गया है। किसानों ने बताया कि लगातार ओला और बारिश के कारण खेतों में खड़ी फसल को पानी की आवश्यकता नहीं है। खेतों में पहले से पानी नहीं सूख रहा है। ऐसे में अगर बंबा का पानी खेतों में चला गया तो फसल को और अधिक नुकसान पहुंच सकता है। ओलावृष्टि से पहले ही फसल नष्ट हो गई है अब जो शेष बची है वह अधिक पानी के कारण खेतों में ही गर जाएगी। जिस पर प्रशासन के अधिकारियों का ध्यान नहीं है।

अकोड़ा के पास बंबा से खेतों में ओवरफ्लो हो रहा पानी ।
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