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कॉलेज में रखीं ईवीएम, 15 हजार छात्रों की परीक्षा के लिए जगह कम, प्राचार्य बोले- मैं तनाव में हूं, कलेक्टर मैडम निकालेंगी हल

Bhind News - प्राचार्य ने कलेक्टर को लिखित और मौखिक शिकायत की, अब तक नहीं हुआ समाधान नया स्ट्रांग रूम बनकर तैयार लेकिन...

Feb 20, 2020, 09:10 AM IST

प्राचार्य ने कलेक्टर को लिखित और मौखिक शिकायत की, अब तक नहीं हुआ समाधान

नया स्ट्रांग रूम बनकर तैयार लेकिन वहां कलेक्टोरेट न बनने से शिफ्ट नहीं की जा रहीं मशीनें

जीवाजी विश्वविद्यालय ने बीए, बीएससी और बीकॉम की परीक्षा का कार्यक्रम जारी कर दिया है। परीक्षाएं 3 मार्च से शुरू होंगी। शहर के श्रीमंत माधवराव सिंधिया शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय (जिले का लीड काॅलेज) में 15 हजार विद्यार्थी यह परीक्षा देंगे, लेकिन कॉलेज प्रबंधन परीक्षा कराने के लिए तैयार नहीं है। दरअसल, विधानसभा चुनाव के बाद ईवीएम को कॉलेज की फिजिक्स लैब, आर्ट और लॉ क्लास रूम में रख दिया गया था जो सालभर से कॉलेज में रखी हैं। इनकी सुरक्षा के लिए गार्ड तैनात हैं। एक कमरा सुरक्षा गार्डों को दे दिया गया है। इसलिए परीक्षा कराने के लिए कॉलेज में पर्याप्त जगह नहीं है। प्राचार्य प्रो. महेंद्र कुमार का ने कलेक्टर को लिखित और मौखिक शिकायत कर समस्या बताई, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं हुआ। प्राचार्य का यहां तक कहना है कि इस समस्या के कारण वे तनाव में हैं।

शहर के पीजी कॉलेज में नवंबर 2018 में हुए विधानसभा चुनाव के बाद जिला प्रशासन ने ईवीएम रखकर स्ट्रांग रूम बना दिया था। एक साल से अधिक वक्त गुजर गया, यह मशीनें कॉलेज में ही रखी हैं। इससे पहले हुए चुनाव में जब भी कॉलेज में स्ट्रांग रूम बनाया गया, अक्सर 6 महीने में मशीनें दूसरी जगह शिफ्ट कर दी जाती थीं, लेकिन इस बार ऐसा नहीं किया गया। ईवीएम की सुरक्षा के लिए पुलिस तैनात है। पुलिस ने भी कॉलेज का एक कमरा घेर रखा है। ऐसे में कॉलेज में सालभर से इन कमरों में कक्षाएं नहीं लग सकीं। विद्यार्थी फिजिक्स के प्रैक्टिकल भी नहीं कर सके। छात्रों ने कई बार नाराजगी जताई, लेकिन कॉलेज प्रबंधन कोई समाधान नहीं कर सका। अब वार्षिक परीक्षाएं होनी हैं। इसमें नियमित विद्यार्थियों के साथ प्राइवेट विद्यार्थी भी शामिल होंगे।

स्ट्रांग रूम के कारण कॉलेज में न सालभर प्रैक्टिकल हो सके न पढ़ाई


{ फिजिक्स लैब के दो कमरों में ईवीएम भरी हैं जिससे प्रथम और द्वितीय वर्ष के छात्रों के लिए बनाई गई प्रैक्टिकल लैब में छात्र प्रैक्टिकल नहीं कर सके। इन छात्रों को तृतीय वर्ष की प्रैक्टिकल लैब में तब भेजा जाता है, जब वह लैब फ्री हो।

{लॉ की कक्षाओं के लिए मूड कोर्ट रूम का उपयोग करना पड़ रहा है क्योंकि जिस जगह कक्षा लगती थी, वहां ईवीएम भरी हैं। इससे द्वितीय वर्ष के छात्र सबसे अधिक परेशान हैं।

{बीए और बीएससी की कक्षाएं संचालित करने के लिए गैलरी के पास बने 18 नंबर कमरे में भी ताला लगा है। यहां भी ईवीएम रखी हुई हैं। ऐसे में सालभर इन कक्षाओं की सालभर पढ़ाई ही नहीं हो सकी।

{एक कमरा पुलिसकर्मियों ने घेर रखा है। इसमें बीए की कक्षा संचालित होती थीं, लेकिन अब यहां कक्षा नहीं लग पा रही। यह कमरा पुलिसकर्मियों ने अपने रहने और दैनिक उपयोग के लिए घेर रखा है।

नया स्ट्रांग रूम बनकर तैयार लेकिन वहां शिफ्ट नहीं की जा रहीं ईवीएम

नया स्ट्रांग रूम 6 माह पहले ही कठमई के पास बनकर तैयार हो गया है। जिस तरह कॉलेज में ईवीएम रखी गई हैं, उसी तरह यहां भी पुलिस सुरक्षा के साथ ईवीएम रखी जा सकती हैं। इससे कॉलेज की समस्या खत्म हो जाएगी। हालांकि प्रशासनिक अफसरों का कहना है कि कलेक्टोरेट नहीं बन पाने से ईवीएम को शिफ्ट नहीं किया गया है। नियमानुसार, जहां कलेक्टोरेट कक्ष होता है, सुरक्षा के लिहाज से वहीं स्ट्रांग रूम बनाया जाता है। उधर, हकीकत यह है कि कठमई में स्ट्रांग रूम तो बन गया लेकिन वहां अब तक कलेक्टोरेट बनाने के लिए आधारशिला भी नहीं रखी गई है।

सालभर से परेशान, आखिर हम परीक्षाएं कराएं कहां


हमारे सामने जगह की समस्या है


क्लास रूम को स्ट्रांग रूम बनाए जाने के कारण गैलरी में पढ़ती छात्राएं।

विस चुनाव के बाद से कॉलेज की फिजिक्स लैब, आर्ट और लॉ क्लास रूम में रखी हैं ईवीएम, एक कमरा सुरक्षा गार्डों के हवाले

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