प्रभु की भक्ति में सबसे बड़ी शक्ति: महाराज

Bhind News - रौन और दबोह में चल रही भागवत कथा जिस भक्त प्रहलाद ने अपनी भक्ति से सभी शक्तियों को हरा दिया। उसी प्रकार आम...

Feb 15, 2020, 09:00 AM IST

रौन और दबोह में चल रही भागवत कथा

जिस भक्त प्रहलाद ने अपनी भक्ति से सभी शक्तियों को हरा दिया। उसी प्रकार आम व्यक्ति भी कठोर तप करके बड़ी शक्तियों पर विजय प्राप्त कर सकता है। जब हमारी भक्ति प्रभु के प्रति सच्ची और टिकाऊ होती है तो भगवान बड़ी से बड़ी मुसीबत अपने भक्त पर नहीं आने देते। इसलिए प्रभु को पाने को समर्पण जरूरी है। प्रभु को रिझाए भक्तिभाव से तो उनको पाना आसान है। यह कथा कोंद की मड़ैयन में चल रही भागवत कथा में पंडित विशंभर दयाल शास्त्री ने कही। उन्होंने कहा कि भागवत कथा के श्रवण से एक नहीं अपितु कई जन्मों के पाप नष्ट हो जाते हैं। इस मानव जीवन के कल्याण के लिए मनुष्य को एक बार जीवन में श्रीमद् भागवत कथा का श्रवण करना चाहिए। कथा के दौरान आयोजक ने श्रीमद्भागवत महापुराण की आरती उतारी। कथा सुनने बड़ी संख्या में भक्त जन पंडाल में पहुंचे।

भक्त भगवान का गहरा नाता:दूसरी ओर दबोह के नरसिंह सरकार मंदिर पर चल रही श्रीमद भागवत कथा में कथा वाचक पंडित मिथलेशानंद महाराज ने कहा भक्त और भगवान का गहरा नाता है। भक्त की साधना देख भगवान दौड़े चले आते हैं। शास्त्री ने आगे बताया जिस प्रकार व्याकुल व्यक्ति की इच्छा पूर्ति होने पर वह तृप्त हो जाता है, उसी प्रकार भक्त को भगवान के दर्शन होने पर वह भव सागर से पार हो जाता है। उन्होंने बताया धर्म करने वाला व्यक्ति जीवन में दुखी नहीं रहता। भक्त पर जो भी विपदाएं आती हैं, उन्हें प्रभु हर लेते हैं। इसलिए हमेशा अपने जन्म के उद्देश्य को साकार करने के लिए मोक्ष का मार्ग प्रदत्त करें और भगवान के भजन में चित्त लगाकर ईश्वर का गुणगान करें। तभी जीवन धन्य तथा सफल हो सकेगा।

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