गणेश के नाम के बिना कोई काम सफल नहीं: व्यास

Bhaskar News Network

Jun 15, 2019, 06:30 AM IST

Bhind News - मिहोना के सिद्ध बाबा मंदिर में हो रही है कथा भास्कर संवाददाता | भिंड मिहोना कस्बे के सिद्ध बाबा मंदिर परिसर...

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मिहोना के सिद्ध बाबा मंदिर में हो रही है कथा

भास्कर संवाददाता | भिंड

मिहोना कस्बे के सिद्ध बाबा मंदिर परिसर में चल रही सात दिवसीय भागवत कथा के चौथे दिन शुक्रवार को भगवान के विभिन्न अवतारों की कथा सुनाई गयी। कथा सुनकर उपस्थित श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए।

कथा वाचक पंडित रामप्रकाश व्यास महाराज ने कहा कि भागवत का सार है ऊं नमो भगवते वासुदेवाय: नम:। जब अमृत की प्राप्ति के लिए देवों एवं असुरों ने समुद्र मंथन शुरू किया तब भगवान ने कच्छप का अवतार लिया एवं अपने ऊपर मथनी रखा जिससे समुद्र का मंथन हुआ। महाराज ने कथा में आगे बोलते हुए बताया कि ने कहा कि श्री गणेश के नाम के बिना कोई काम सफल नहीं होता है। समुद्र मंथन के समय भी पहले गणेश जी की प्रार्थना की गयी तब मंथन शुरू हुआ। समुद्र मंथन में 14 र| की प्राप्ति हुई थी। सबसे पहले हताहत विष निकला जिससे सभी देव एवं असुर डर गये। तब उन्होंने भगवान शंकर को पुकारा।

भगवान शंकर ने उक्त विष को ग्रहण किया एवं विष को गले में संग्रहित रखा तभी से भगवान शंकर नीलकंठ कहलाए। समुद्र मंथन से लक्ष्मी, ऐरावत हाथी, कोस्तु मणी, परिजात, धनवंतरी, चंद्रमा, कामधेनु, धनुष आदि र| का प्रादुर्भाव हुआ। सबसे अंत में अमृत का प्रादुर्भाव हुआ। इसी क्रम में कथा वाचक व्यास ने राजा बलि, वामन अवतार की कथा का वर्णन किया। इस दौरान कथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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