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स्वच्छता रैकिंग: इस बार वार्ड स्तर पर तय होगा कितना साफ है हमारा शहर

Bhind News - मीरा कॉलोनी के पास सफाई करते नपा के कर्मचारी। सिंगल यूज प्लास्टिक पर फोकस इस बार स्वच्छ सर्वेक्षण 2020 में सिंगल...

Dec 08, 2019, 08:27 AM IST
Bhind News - mp news sanitation ranking this time it will be decided at the ward level how clean our city is
मीरा कॉलोनी के पास सफाई करते नपा के कर्मचारी।

सिंगल यूज प्लास्टिक पर फोकस

इस बार स्वच्छ सर्वेक्षण 2020 में सिंगल यूज प्लास्टिक पर भी नजर रहेगी। नगर पालिका ने सिंगल यूज प्लास्टिक को लेकर क्या कार्रवाई की, कितना जुर्माना लगाया, जुर्माना लगाया या नहीं लगाया, इन सारी चीजों पर अंक निर्धारित है। 200 एमएल से नीचे के बोतल व पाउच प्रतिबंधित है। इस पर नगर निगम ने बैन लगाया या नहीं। प्लास्टिक नियम का पालन उसका मैनेजमेंट हो रहा है या नहीं, सब कुछ सर्वेक्षण टीम देखेगी। यदि प्लास्टिक प्रबंधन हो रहा है तो यहां प्लास्टिक का कितना ग्रेन्यूल बना, कितने का उपयोग हुआ इस पर भी इस पर भी टीम की नजर होगी।

नालियां आैर खुले में पड़ा कचरा बनेगा चुनौती

भारत स्वच्छता सर्वे के दौरान नगर पालिका के सामने सबसे बड़ी चुनौती कॉलोनियों की नालियांं,खुले में सड़कों पर फेंके जाने वाला कचरा और सिंगल यूज प्लास्टिक रहेगा। स्थिति यह है कि शहर की अधिकांश कॉलोनियों में जो नालियां बनी हुई हैं वे जर्जर होने के साथ मलबा और कचरे से चोक हैं। इसके अलावा नपाधिकारियों के समझाने के बाद भी लोगों द्वारा कचरा डस्टबिन में न डालकर खुले में सड़कों के किनारे फेंका जा रहा है, जो सर्वे के दौरान रैंकिंग में मिलने वाले अंकों काे कटवा सकता है।

नपा के पास संसाधन कम

वाहन दरोगा अमरदीप वाल्मीकि ने भास्कर द्वारा पूछे जाने पर बताया कि नगर पालिका के पास संसाधनों की कमी है। इसके बावजूद इस बार स्वच्छता सर्वें में शहर को अंडर 100 में लाने के लिए पूरे प्रयास किए जा रहे हैं। शहर के सभी 39 वार्डों से कचरा कलेक्शन के लिए नगर पालिका के पास वर्तमान में 3 सूपा वाले ट्रैक्टर, कचरा उठाव के लिए 6 ट्रैक्टर और 22 लोडिंग छोटे वाहन, 5 रिक्शा, तीन जेसीबी जिसमें एक किराए की जेसीबी ले रखी हैं। जबकि नपा के पास 10 सूपा वाले ट्रैक्टर,कचरा उठाव के लिए 30 ट्रैक्टर और 39 लोडिंग छोटे वाहन, 30 ईरिक्शा और 10 जेसीबी मशीन की जरूरत है।

चुनौतियों से निपटने के लिए काम किया जा रहा है


निचले पायदान से ऊपर आए हैं

स्वच्छ भारत अभियान के तहत वर्ष 2016 में हुए स्वच्छ सर्वेक्षण में भिंड को 498 वां स्थान मिला। यह देश के 500 शहरों का सर्वे था, जिसमें भिंड देश के दूसरा सबसे गंदा शहर था। एक साल बाद वर्ष 2017 में भिंड शहर 370 पायदान ऊपर उठकर 128वीं रैंक पर आया। इसके बाद भी लगातार स्वच्छता के प्रयास जारी रहे, जिसके तहत वर्ष 2018 में फिर भिंड शहर 14 पायदान ऊपर चलकर 114वीं रैंक पर पहुंच गया। जिसके बाद नगर पालिका के पुराने ढर्रे स्वच्छ सर्वेक्षण 2019 में भिंड 214वें स्थान पर रहा था।

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