3 दिन का पानी बचाएं, 1 माह का संकट दूर होगा
ग्रामीण क्षेत्र में खेली गई तिलक होली, पानी बचाने का लिया संकल्प
ग्रामीण इलाकों में होली का उत्सव धूमधाम से मनाया गया। इस पान ग्रामीण युवाओं ने पानी की बर्बादी न करते हुए अबीर गुलाल की होली खेलकर एक-दूसरे को मिठाइयां खिलाईं। लोगां ने इस दौरान पानी बचाने का संदेश देते हुुुुुए कहा कि तीन दिन का पानी बचाकर एक महीने का संकट दूर हो जाएगा।
युवाओं ने बड़ों के पैर छूकर आशीर्वाद लिया तो बुजुर्गों ने भी बच्चों को आशीष प्रदान किया। गांवों में जहां होली की परंपरा कीचड़ और रंगों पर उत्सव मनाने की थी वह इस बार बदली नजर आई। लोगों ने पानी संकट को देखते हुए सूखे रंग उड़ाकर त्योहार मनाया। पुलिस प्रशासन की ओर से भी झगड़े या विवाद जैसी स्थिति को रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए थे। कहीं फाग के उत्सव तो कहीं लोगों ने एक दूसरे को गुजिया, नमकीन खिलाकर गले लगाया। अंचल के लहार, मेहगांव, मालनपुर, फूप, ऊमरी, गोरमी, असवार, रावतपुरा, मिहोना, रौन, मछंड, भारौली, सुरपुरा, अटेर, नुन्हाड़, अकलौनी सहित आदि गांवों में रंगारंग कार्यक्रम आयोजित किए गए।
अमायन में तिलक होली खेलकर पानी बचाने का संदेश देते ग्रामीण।