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सिंधिया ने बनवाया था जयश्रीराम को जिलाध्यक्ष, अब बाेले- सिंधिया का जाना मेरे लिए गाेल्डन चांस

एक वर्ष पहले
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गोहद विधायक रणवीर जाटव और मेहगांव विधायक ओपीएस भदौरिया के इस्तीफे के बाद 30 से ज्यादा नेताअाें ने छोड़ी कांग्रेस, हेमंत कटारे और राकेश चौधरी ने साधी चुप्पी

सिंधिया के कांग्रेस छोड़ते ही भाजपाइयों के बैनर पर छाए, कांग्रेस विधायक के घर पर भाजपा का झंडा लगा

पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस से 17 साल पुराने रिश्ते को तोड़कर अब भाजपा से नाता जोड़ लिया है। वहीं उनके इस कदम के बाद कांग्रेस में सिंधिया समर्थकों के इस्तीफों की होड़ लग गई है। करीब 30 से ज्यादा पार्टी पदाधिकारियों के साथ ही कई कार्यकर्ताओं ने भी कांग्रेस छोड़ दी है। लेकिन अहम बात यह है कि खुद को सिंधिया समर्थक कहते हुए कभी न थकने वाले नेता इससे पीछे हट गए हैं। विधानसभा चुनाव में टिकट न मिलने से नाराज हुए जयश्रीराम बघेल को सिंधिया ने आनन फानन में कांग्रेस जिलाध्यक्ष बनाया था। लेकिन आज सिंधिया के साथ तमाम कांग्रेसी इस्तीफा दे रहे हैं तब जयश्रीराम बघेल का कहना है कि उनके पार्टी छोड़ने से अब उनकाे गोल्डन चांस मिलेगा। अब सरकार में हमारी ज्यादा सुनी जाएगी। सिंधिया के रहते यह संभव नहीं था। मालूम हाे कि जिले की पांच में से तीन सीटाें पर कांग्रेस काबिज है। इनमें गाेहद अाैर मेहगांव के विधायकाें ने सिंधिया के समर्थन में इस्तीफा
दे दिया है।

होली के दिन (मंगलवार) पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात कर कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। उनके इस्तीफे की खबर जैसे ही मीडिया में आई तो उनके सर्मथकों के इस्तीफों की झड़ी लग गई। लेकिन बुधवार की दोपहर 3 बजे जब उन्होंने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की तो उनके कई कट्टर समर्थक पशोपेशे में फंस गए हैं। उनके सामने संकट यह है कि वे अपने आप को भाजपा के ढांचे में कैसे ढाल पाएंगे। परिणामस्वरुप अब वे चुप्पी साधकर समय का इंतजार कर रहे हैं।

मेहगांव विधायक के लगे कमल के फूल वाले बैनर

प्रदेश में चल रहे गर्म सियासी माहौल के बीच मेहगांव विधायक ओपीएस भदौरिया के नए बैनर लगना शुरु हो गए हैं, जिसमें बैनर के बैक ग्राउंड कलर, चुनाव चिह्न (हाथ के पंजा) के निशान से लेकर शीर्ष नेताओं के सभी फोटो अब भाजपाई हो गए हैं। ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ उनके स्वागत, वंदन, अभिनंदन के यह बैनर मेहगांव क्षेत्र में लगाए जा रहे हैं।

पहले ग्वालियर बुलाया फिर दिल्ली भेजा, सिंधिया ने इस्तीफे की पूछा तो एक पल भी सोचे बगैर हां कह दिया

पंचायत हो रही थी, महाराज के यहां से फाेन अाया अाैर दिल्ली रवाना हाे गए...

8 मार्च को मेहगांव विधायक ओपीएस भदौरिया सड़ा गांव में थे। यहां पर दस गांव की एक पंचायत में बैठे थे, उसी समय सिंधिया जी के यहां से फाेन अाया। बताया अापकाे तत्काल ग्वालियर पहुंचना है। हम एयरपोर्ट से दिल्ली के लिए रवाना हो गए। यहां पर महाराज साहब ने सब विधायकों से बात की। उनके सामने इस्तीफे की बात हुई। सब ने इस्तीफे के लिए हां कर दी।

क्षेत्र की जनता से इन अनदेखी से टकराव बढ़ा...

{ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अक्टूबर और नवंबर माह में भिंड, मुरैना, शिवपुरी, श्योपुर और दतिया के दौरे किए। यहां कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कई समस्याएं बताईं। इन समस्याओं के समाधान के लिए सिंधिया ने सीएम कमलनाथ को चिट्‌ठी भी लिखी लेकिन एक भी काम पूरा नहीं हुआ।

द ग्रेट एमपी पॉलिटिकल ड्रामा

माफ करो?... अब हम धुर विरोधी भी साथ-साथ हैं...

भिंड }पांच महीने पहले लगाए गए बैनर से मिले थे सिंधिया के भाजपा के आने के संकेत: ज्योतिरादित्य सिंधिया के भिंड आगमन पर भारत रक्षा मंच के जिलाध्यक्ष हृदेश शर्मा ने 10 अक्टूबर 2019 को बैनर लगवाए थे। इनमें सिंधिया द्वारा धारा 370 हटाने के निर्णय का समर्थन करने पर उनका अभिनंदन किया गया था। यह बैनर न केवल चर्चाओं में रहे बल्कि इसको लेकर भोपाल में डॉ. गोविंद सिंह ने कहा था यह संघ का षड्यंत्र है, इसमें झूठ बोला जाता है। बैनर में उल्लेख था कि संविधान की काली धारा 370 हटाने के निर्णय का समर्थन करने वाले सिंधिया का स्वागत है। **

तेरहवीं में थे, बुलावा अाया तो दिल्ली पहुंचे, महाराज से कहा- निर्णय आप लो

गोहद से कांग्रेस विधायक रणवीर जाटव 8 मार्च को विस क्षेत्र के एक गांव में तेरहवीं में थे। वहां फोन आया कि तत्काल ग्वालियर पहुंचो। हम ग्वालियर के लिए निकल पड़े। रास्ते में अपने समर्थक विधायकों से पूरे मामले को जानना चाहा तो सभी को सिर्फ उतना ही पता था जितना हमें। एयरपोर्ट से दिल्ली के लिए रवाना हो गए। महाराज का आदेश हुआ तो बैंगलुरू के लिए निकल गए।

3 कारणों से समझिए बदलाव का असर

दाेनाें विधायकाें से जानिए इस्तीफे की पटकथा...

सियासी फेरबदल में अटेर विधायक अरविंद भदौरिया की भूमिका अहम

मप्र की राजनीति में फेरबदल के दौर में अटेर विधायक अरविंद सिंह भदौरिया मुख्य भूमिका में रहे हैं। प्रदेश सरकार के मंत्री और विधायकों के साथ बैंगलुरू में हैं। यहां बता दें पिछले रोज भदौरिया के भिंड मीरा कॉलोनी स्थित घर पर पुलिस ने दबिश दी थी।

यह होगी चुनाैती... इस बदलाव के बाद नगरीय निकाय और पंचायत के चुनावों का सामना करना होगा। इन चुनावों के नतीजों से स्पष्ट होगा कि यह बदलाव सही रहा या गलत।

यह रहेगी चिंता... भाजपाइयों को चिंता है कि कांग्रेसियों के कारण आने वाले चुनावों में टिकट कटने का खतरा रहेगा।

यह होगा टकराव... कांग्रेसियाें के पार्टी में अाने का फिलहाल ताे भाजपाई समर्थन कर रहे हैं लेकिन स्वीकार्यता को लेकर टकराव हो सकता है।



{अटेर- युवा कांग्रेस प्रदेश सचिव प्रिंस दुबे, पूर्व विधायक शिवशंकर समाधिया, जिला कांग्रेस महांमत्री डॉ तरुण शर्मा, सेवादल अध्यक्ष विकाश शर्मा, जिला कांग्रेस सदस्य दिलीप बोहरे, जिला कांग्रेस सचिव देवेंद्र सिंह आदि शामिल हैं।**

महत्वपूर्ण भूमिका

विस चुनाव मे सिंधिया समर्थक रमेश दुबे को टिकट मिलने के बाद जयश्रीराम बघेल को जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी देकर संतुष्ट किया गया था तो उन्होंने कुछ इस तरह अपनी खुशी जाहिर की थी। फोटो में दिख रहे रमेश दुबे कांग्रेस छोड़ गए हैं, जबकि जयश्रीराम डटे हुए हैं।

रमेश दुबे

जयश्री राम बघेल

भिंड, अटेर और मेहगांव में इस्तीफे, गोहद-लहार में नहीं

{भिंड- पूर्व जिलाध्यक्ष एवं विधानसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी रहे डॉ. रमेश दुबे, ब्लॉक कांग्रेस (ग्रामीण) के अध्यक्ष शिवप्रताप सिंह कुशवाह, ब्लॉक कांग्रेस (भिंड शहर) अध्यक्ष संतोष शर्मा, जिला उपाध्यक्ष शंकर शर्मा, जिला महामंत्री एडवोकेट रामदास सोनी, उदयवीर सिंह, प्रवक्ता अनुराग मिश्रा, पूर्व अध्यक्ष प्रदेश सेवादल बोर्ड की सदस्य सरोज जोशी, ब्लॉक कार्यकारी अध्यक्ष सिद्धार्थ जैन, आईटी सेल के प्रदेश महामंत्री राहुल भारद्वाज, पूर्व ब्लाक अध्यक्ष उदय सिंह यादव, पिछड़ा वर्ग उपाध्यक्ष राधेश्याम ओझा आदि शामिल हैं।**

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चिटि्ठयों का नहीं मिला जवाब

{श्योपुर, मुरैना और भिंड के बीच बनने वाले चंबल एक्सप्रेस-वे में से जब भिंड का 62 किमी का क्षेत्र हटाया तब भी सिंधिया ने सीएम को चिट्‌ठी लिखी लेकिन उन्होंने इस पर ध्यान नहीं दिया तो भिंड के कांग्रेस नेता व सिंधिया के नजदीकी पूर्व मंत्री राकेश चौधरी को सड़क पर उतरना पड़ा।

{मुरैना के कैलारस का शक्कर कारखाने को चालू कराने के लिए सीएम को पत्र लिखा तो बजाए चालू करने के उस कारखाने की संपत्ति समेटने (परिसमापन) के आदेश जारी कर दिए।

लहार... इस सीट से कांग्रेस के कद्दावर नेता और मंत्री डॉ गोविंद सिंह विधायक हैं। वे दिग्विजय सिंह गुट से आते हैं। वे सरकार के साथ हैं और सरकार को बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। डॉ सिंह के विस से किसी भी पदाधिकारी ने इस्तीफा नहीं दिया है।

अटेर... अटेर में भाजपा विधायक अरविंद सिंह भदौरिया के धुर विरोधी कांग्रेस से पूर्व विधायक हेमंत कटारे अब साथ आ सकते हैं। लेकिन कटारे ने अब तक चुप्पी साध रखी है। हालांकि कटारे को भी सिंधिया का बेहद खास माना जाता है।

मेहगांव... सिंधिया के इस कदम से जिले की राजनीति में बड़ा भूचाल आया है। कई धुर विरोधी नेता जो एक दूसरे की शक्ल देखना पसंद नहीं करते थे। अब इस असमंजस में हैं कि आखिर अब वे क्या करें। मेहगांव में भाजपा के राकेश शुक्ला को विधानसभा चुनाव में करारी शिकस्त ओपीएस भदौरिया ने दी थी। लेकिन अब यह दोनों साथ आएंगे।

गोहद... गोहद में भाजपा के लाल सिंह आर्य और कांग्रेस के रणवीर जाटव अब एक मंच पर दिखाई देंगे। रणवीर जाटव ने विधायक पद से इस्तीफा दे दिया है। ये दोनों धुर विरोधी हैं। भाजपा नेता आर्य पर रणवीर के पिता की हत्या के मामले में आरोप भी लगे थे। हालांकि कोर्ट ने उन्हें बरी कर दिया है।
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