सड़क पर दलदल, 5 गांवों के लोग परेशान
6 किमी का कच्चा रास्ता ग्रामीणों के लिए बना मुसीबत
भारौली-अमायन मुख्य मार्ग से नधरौली गांव के लिए जाने वाला 6 किमी का कच्चा रास्ता ग्रामीणों के लिए सिर दर्द बन गया है। इस मार्ग से 5 गांवों के लोग आवागमन करते हैं जो पिछले एक साल से दलदल से होकर गुजर रहे हैं। इधर रिंगे सिंह का पुरा के लोग आज भी कीचड़ से होकर मुख्य मार्ग पर जाते हैं। अगर कोई वाहन चालक अनजाने में इस रोड से निकल जाता है तो घंटों दलदल में फसकर मशक्कत करता है। स्थिति यह है कि मार्ग पर पड़ने वाले गांवों तक प्राइवेट स्कूलों के वाहन नहीं पहुंच पाते हैं, इसलिए छात्रों की शिक्षा प्रभावित हो गई है। इस सभी के बावजूद शासन व प्रशासन ने ग्रामीणों की समस्या नहीं समझी है।
30 साल पहले थी डब्ल्यूबीएम रोड: चुन्नाई मार्ग पर 30 साल पहले डब्ल्यूबीएम रोड बनी थी, जो धीरी-धीरे बारिश में उखड़ती चली गई। अब इस सड़क पर कहीं भी मुरम तक दिखाई नहीं देती है। मुरम की यह रोड सैर में बदल गई है जिस पर बारिश हो जाने के बाद रास्ता अवरुद्ध हो जाता है। चुन्नाई के लोगों ने बताया इस मार्ग पर कठनापुरा, नधरौली, चुन्नाई, सुमेरपुरा और निवैयापुरा गांव पड़ते हैं। इन गांवों के लोग इसी रोड से होकर अपने घर पहुंचते हैं। अमायन या भारौली खरीदारी करने के लिए जो ग्रामीण अपने वाहनों से जाते उन्हें बारिश के मौसम में पैदल ही निकलना पड़ता है या किसी दूसरे गांव में वाहन खड़े करने पड़ते हैं। क्योंकि पूरा मार्ग इन दिनों कीचड़ व दलदल से सना हुआ है। रिंगेसिंह का पुरा के लोगों ने सरपंच से भी गुहार लगाई है पर निकलने के लिए रास्ता यथावत बना हुआ है।
िरंगे िसंह का पुरा केेे मुख्य मार्ग पर दलदल ।