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आज महिलाएं अपनी लड़ाई खुद लड़ सकती हैंः चौरसिया

एक वर्ष पहले
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महिला दिवस पर दबोह, अटेर और आलमपुर में क्षेत्र की महिलाओं का किया सम्मान

आज महिलाएं इस काबिल बन गई हैं कि वह अपने अधिकारों की लड़ाई खुद लड़ सकती हैं। देश में पहले महिलाओं को इस काबिल नहीं समझा जाता था कि वह पुरुषों के समान अधिकार प्राप्त करें । फिर एक बदलाव की घड़ी आई और शिक्षा की देवी सावित्री बाई फुले ने समाज में महिलाओं की शिक्षा के लिए घर-घर अलख जगाई । यह बात दबोह के वार्ड 6 में धम्म जाग्रति समाज कल्याण संघ द्वारा अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर आयोजित समारोह में श्री बांके बिहारी आश्रम की समाजसेविका सीमा चौरसिया ने कही । कार्यक्रम में अवधरानी रजक, ऊषा रायपुरिया, रजनी दौहरे, ऊदल दौहरे, प्रदीप चौधरी, नरेंद्र दुधारिया, उपाध्यक्ष सतेंद्र बरसेना, सचिव कन्हैया लाल, पार्षद सुरेंद्र दौहरे, बीपी बौद्ध आदि लोग मौजूद थे ।

महिलाओं को किया सम्मानित: इधर नगर परिषद दबोह में वृद्ध एवं महिला कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। प्रभारी सीएमओ शिव शंकर जाटव ने कहा महिलाएं आज हर क्षेत्र में पुरुषों की भांति पूरी सक्रियता के साथ काम कर रही हैं। नप कर्मचारी सियाशरण सविता, मुन्ना खान, सलामत खान, रामकुमार तिवारी आदि ने उन्हें सम्मानित किया। इसी तरह महिला दिवस पर महिला बाल विकास अटेर की परा सेक्टर पर्यवेक्षक ज्योति मिश्रा ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का सम्मान किया। प्रधानमंत्री मातृ वंदना में उत्कृष्ट कार्य करने वाली कार्यकर्ता शीला देवी का सम्मान श्रीफल और शॉल देकर किया गया। इस अवसर पर पंचायत सचिव पुरुषोत्तम सुमन, नितिन जोशी, महिला सरपंच ऊषा देवी, सुरपुरा सेक्टर की पर्यवेक्षक रिंकी राजावत आदि
लोग मौजूद थे।

दबोह में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर कार्यक्रम में बैठीं महिलाएं ।
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