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सवर्ण एवं पिछड़ा वर्ग युवाओं ने हाथ उठाकर किसी पार्टी को वोट न देने का लिया संकल्प

राजीव गांधी स्टेडियम मंे शपथ लेते सवर्ण समाज के लोग। सवर्ण और पिछड़ा वर्ग भुगत रहे हैं खामियाजा सभा में युवा...

Danik Bhaskar | Sep 13, 2018, 02:16 AM IST
राजीव गांधी स्टेडियम मंे शपथ लेते सवर्ण समाज के लोग।

सवर्ण और पिछड़ा वर्ग भुगत रहे हैं खामियाजा

सभा में युवा सौरभ सिंह भदौरिया ने कहा देश में आरक्षण व्यवस्था इसलिए लागू की गई थी ताकि निचली जातियों के लोगों को भी मुख्यधारा में शामिल किया जा सके, मगर आज़ादी के सात दशक बाद भी आरक्षण खत्म नहीं किया गया, बल्कि इसे और बढ़ा दिया गया है जिसका खामियाजा जनरल कैटेगरी के लोगों को भुगतना पड़ रहा है, शिक्षा से लेकर नौकरी तक इतना ही नहीं अब तो सरकार खुलेआम वोटबैंक के लिए एससी एसटी पर मेहरबान हो रही है और जनरल कैटेगरी की साफ अनदेखी कर रही है। हाल ही सुप्रीम कोर्ट ने एससी एसटी एक्ट में यह कहते हुए बदलाव किए कि इस एक्ट का गलत इस्तेमाल हो रहा है और इसका दुरुपयोग रोकने के लिए अदालत ने नई गाइडलाइन जारी की, मगर अदालत के इस फैसले का पूरे देश में एससी एसटी समुदाय ने विरोध किया। इतना ही नहीं सरकार भी इस फैसले के खिलाफ थी, इसलिए रिव्यू पिटिशन दायर की, मगर अदालत न उसे खारिज कर दिया। जिसके बाद बीजेपी की सरकार ने संसद के मानसून सत्र में सुप्रीम कोर्ट के फैसले को अध्यादेश लाकर बदल दिया और यह कानून पहले और अधिक सख्त हो गया। हम सवर्ण और पिछड़ा वर्ग से हैं हम अपना हक लेना जानते हैं जो लेकर रहेंगे।

सवर्ण समाज युवाओं ने एससी-एसटी एक्ट और आरक्षण के विरोध में रैली और आम सभा का आयोजन किया

भास्कर संवाददाता | भिंड

जिलेभर के सवर्ण और पिछड़ा वर्ग समाज के युवाओं ने बुधवार को शहर के मुख्य मार्गों पर आरक्षण और एससी-एसटी एक्ट के विरोध में रैली निकालकर राजीव गांधी खेल स्टेडियम परिसर में आम सभा का आयोजन किया। इस दौरान दोनों समाज के युवाओं ने आरक्षण आैर एससी-एसटी एक्ट के विरोध में अपने विचार रखते हुए अंत में हाथ उठाकर आगामी विधानसभा और लोकसभा में किसी भी राजनीतिक पार्टी को वोट न करने का संकल्प लिया। साथ ही राष्ट्रीय कथा वाचक देवकीनंदन ठाकुर की गिरफ्तारी पर आक्रोश प्रकट किया।

सभा के दौरान स्वराज अभियान संगठन के प्रदेश सचिव विनीत शर्मा ने अपने विचार प्रकट करते हुए कहा कि सवर्ण और पिछड़ा वर्ग समाज हमेशा समानता का पक्षधर रहा है। लेकिन देश के राजनेताओं ने वोट बैंक के लिए हिंदुओं को आपस में बांट दिया है। वर्तमान में सभी समाज इस आग में जल रहे हैं, जो देश हित में सही नहीं है। देश में सभी जातियों के गोत्र आपस में मिलते जुलते ही नहीं बल्कि एक समान हैं। उन्होंने इसके कई उदाहरण भी दिए। उन्होंने कहा कि देश में जब तक जाति का जहर है तब तक तरक्की नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि देश के मुस्लिम व ईसाई आपस में संगठित हैं और वे एक आवाज पर इकट्ठा हो जाते हैं। लेकिन आज हिंदू आपस में बटा हुआ है। आने वाले समय में अल्पसंख्यक बहुसंख्यक हो जाएंगे।

वोटों के लिए बदल दिया एक्ट

सभा में मंच से बाेलते हुए टीकम सिंह ने कहा कि केंद्र में सत्ता चाहे किसी भी पार्टी की हो उसका एकमात्र उद्देश्य अपने वोटबैंक को बचाए रखना होता है और एससी एसटी एक्ट में पुरानी स्थिति बहाल करके बीजेपी ने भी साबित कर दिया कि उसे बस अपने वोटों से मतलब है सही और गलत से नहीं, वो एससी एसटी का वोट खोना नहीं चाहती। इसलिए कोर्ट के फैसले को भी पलट दिया। देश के राजनेताओं ने सवर्ण और पिछड़ा वर्ग को एससी-एसटी का वोट लेने के लिए अनदेखा कर दिया है। लेकिन आगामी विधानसभा चुनाव में हम भी राजनीतिक दलों को अनदेखा करते हुए सबक सिखाएंगे।

हमारा आंदोलन चलता रहेगा

युवा अमित बौहरे, बिहारी राजावत, बलराम सिंह, विक्की आदि ने मंच पर आकर केंद्र और राज्य सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर केंद्र सरकार एक महीने में आरक्षण और एससी-एसटी एक्ट सवर्ण और पिछड़ा वर्ग के पक्ष में कोई फैसला नहीं लेती है तो दोनों समाज की ओर से अपनी मांग को लेकर उग्र आंदोलन किया जाएगा। गत दिवस अपनी मांग को लेकर शांतिपूर्ण भारत बंद करते हुए सभ्यता का परिचय दिया था। लेकिन अब हमारी मांग पूरी नहीं होगी तो हम लोगों का आंदोलन हिंसक भी हो सकता है। जिसकी जिम्मेदारी केंद्र और राज्य सरकार की होगी। देश के संविधान में सभी को समानता का अधिकार कानून है। लेकिन सत्ताधारी पार्टियों ने आरक्षण और हरिजन एक्ट के चलते सवर्ण समाज को दबाने का काम किया है।

हाथ उठाकर लिया संकल्प

सभा के दौरान मौजूद सवर्ण और पिछड़ा वर्ग के युवाओं ने अपने-अपने हाथ उठाकर आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनाव में किसी भी राजनीतिक पार्टी को वोट न करने का संकल्प लिया। इस दौरान उनका कहना था कि अगर राजनेताओं को हमारा वोट चाहिए तो वे हमारी मांगों को पूरा करें, अन्यथा वे हमारे दरवाजे पर वोट मांगने के लिए नहीं आएं, अगर आते भी हैं तो उनके मुंह पर कालिख पोतकर भगा दिया जाएगा। साथ ही हम लोग राष्ट्रीय कथा वाचक देवकीनंदन ठाकुर की आगरा में हुई गिरफ्तारी का विरोध करते हैं। अगर भविष्य में कथा वाचक संत के साथ इस प्रकार का कोई कृत्य किया जाता है तो इसका जबाव हम लोग शांति से न देकर उग्रता के साथ देंगे। इस मौके पर कांजी साहब, अमित कुशवाह, अभिषेक भदौरिया, शिशुपाल कुशवाह, भूरे दीक्षित, राहुल बिछौली, डब्बू शर्मा, संदीप राजावत, रॉकी तोमर, धर्मेंद्र भदौरिया, मनीष मिश्रा, अवधेश शिवहरे, संतोष उदोतपुरा, मिंटू, आदित्य पुरोहित उर्फ पुरखा, हरिकिशन चौधरी,राकेश सिंह, दीवानसिंह सहित सैकड़ों युवा शामिल रहे।