भोपाल / राजधानी में 10 माह में मिले डेंगू के 1081 मरीज, 4 की मौत; अफसरों ने नहीं निभाई जिम्मेदारी

भोपाल में डेंगू बेकाबू हो गया है, इसमें जिम्मेदारों की लापरवाही भी सामने आई है। भोपाल में डेंगू बेकाबू हो गया है, इसमें जिम्मेदारों की लापरवाही भी सामने आई है।
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भोपाल में डेंगू बेकाबू हो गया है, इसमें जिम्मेदारों की लापरवाही भी सामने आई है।भोपाल में डेंगू बेकाबू हो गया है, इसमें जिम्मेदारों की लापरवाही भी सामने आई है।

  • स्टोर में पड़ीं हैं फॉगिंग मशीनें क्योंकि इन्हें चलाने वाले नहीं
  • शहर में लार्वा सर्वे के लिए स्वास्थ्य विभाग को बनाना थीं 170 टीमें, जबकि 42 टीमें ही बनाईं गईं

दैनिक भास्कर

Nov 05, 2019, 05:49 PM IST

भोपाल. डेंगू का संक्रमण कम होने के बजाय तेजी से वजह बढ़ता जा रहा है। इसकी वजह स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम के जिम्मेदारों अफसरों की लापरवाही है। स्वास्थ्य विभाग को बारिश शुरू होते ही माइक्रो प्लानिंग कर वार्ड स्तर पर टीमों का गठन करना था। हर वार्ड में दो टीमें तैनात करनी थी। हर टीम में तीन कर्मचारियों को रखना था।

 

इस लिहाज से शहर में 170 टीमों का गठन होना था, लेकिन अफसरों ने नाम मात्र की 42 टीमें बना दी, एक टीम में दो कर्मचारियों को रखा गया। इसकी का नतीजा है कि ये टीमें ज्यादातर इलाकों में फैल रहे डेंगू को कंट्रोल नहीं कर पाई हैं। इसकी का नतीजा 10 महीने के भीतर डेंगू पॉजिटिव मरीजों की संख्या 1081 पर पहुंच गई है, जबकि चार संदिग्ध मरीजों की डेंगू से मौत हो चुकी है।

 

सूत्रों ने बताया कि मलेरिया दफ्तर के पास 10 फॉगिंग मशीनें हैं, इसमें से छह से ही शहर में फॉगिंग कराई जा रही है। चार मशीनें स्टोर रूम में रखी हुई है। इसकी वजह मशीनें चलाने के लिए मलेरिया दफ्तर के पास कर्मचारी नहीं होना है। जबकि, नगर निगम पिछले कुछ दिनों से जोन स्तर पर फॉगिंग करा रहा है और लार्वा मिलने पर चालानी कार्रवाई कर रहा है।


दावा यह भी... हर सप्ताह किया जा रहा बीमारी का रिव्यू

नगर निगम, जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी लार्वा सर्वे और फॉगिंग कराने के काम में लगे हैं। हर सप्ताह बैठक कर बीमारी का रिव्यू किया जा रहा है। जिन इलाकों में लार्वा संख्या में लार्वा मिल रहा है, वहां पर नगर निगम द्वारा चालानी जारी की जा रही है।

तरुण पिथोड़े, कलेक्टर

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