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बिना किसी औपचारिक आदेश के तोड़ दिया 150 साल पुराना ऐतिहासिक गेट

इंफ्रास्ट्रक्चर रिपोर्टर| भोपाल दो दिन पहले धराशाई हुए ऐतिहासिक बाग फरहत अफ्जा गेट के मामले में यह अब भी रहस्य...

Danik Bhaskar | Sep 12, 2018, 02:26 AM IST
इंफ्रास्ट्रक्चर रिपोर्टर| भोपाल

दो दिन पहले धराशाई हुए ऐतिहासिक बाग फरहत अफ्जा गेट के मामले में यह अब भी रहस्य बना हुआ है कि गेट तोड़ने के आदेश किसने दिए थे? तीन दिन तक चली इस कार्रवाई के दौरान नगर निगम और जिला प्रशासन के अफसर मौजूद थे। गेट तोड़ने के लिए निगम के अमले और संसाधनों का उपयोग किया गया, लेकिन इतनी बड़ी कार्रवाई के लिए किसी भी स्तर पर कोई औपचारिक आदेश नहीं हुआ। जोन अधिकारी व अतिक्रमण प्रभारी कमर साकिब ने दावा किया है कि उन्होंने उपायुक्त बीडी भूमरकर के मौखिक आदेश पर कार्रवाई की। जबकि भूमरकर का दावा है कि उन्होंने कोई लिखित या मौखिक आदेश नहीं दिया।

निगम आयुक्त अविनाश लवानिया ने दोनों अफसरों को सोमवार को ऑफिस अटैच कर दिया था। दोनों ने मंगलवार को अपने जवाब पेश कर दिए। भूमरकर ने कहा कि उन्होंने केवल साकिब के अनुरोध पर एसडीएम एलएल अहिरवार से जिला प्रशासन की मौजूदगी का अनुरोध किया था। वे यह मानकर चल रहे थे कि साकिब उच्च अधिकारियों के आदेश पर ही कार्रवाई कर रहे होंगे। साकिब ने अपने जवाब में कहा है कार्रवाई के दौरान जोन-11 के सहायक यंत्री एसके जैमिनी, नायब तहसीलदार मुमताज अली मौजूद थे। वर्कशाप से उन्होंने मशीनरी बुलाई और इस दौरान अन्य अफसरों से भी बातचीत हुई। यानी सभी को पता था कि वहां कार्रवाई हो रही है। एसडीएम एलएल अहिरवार ने भास्कर से चर्चा में कहा कि उन्होंने कोई आदेश नहीं दिया। मुमताज अली ने कार्रवाई के दौरान मौके पर मौजूद होने से इनकार किया है। जर्जर इमारत को गिराने की कार्रवाई नगर निगम की इंजीनियरिंग शाखा की रिपोर्ट के बाद कमिश्नर के आदेश पर होती है। सिटी इंजीनियर पीके जैन ने कहा कि इंजीनियरिंग विभाग ने गेट के जर्जर होने की कोई रिपोर्ट नहीं दी।