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राजगढ़ / साउथ कोरिया के सरकारी स्कूलों की तर्ज पर बनेंगे 4 मॉडल स्कूल; डीईओ चार दिन की यात्रा कर लौटे

राजगढ़ में साउथ कोरिया के स्कूलों की तर्ज पर तैयार किए जाएंगे चार मॉडल स्कूल। राजगढ़ में साउथ कोरिया के स्कूलों की तर्ज पर तैयार किए जाएंगे चार मॉडल स्कूल।
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राजगढ़ में साउथ कोरिया के स्कूलों की तर्ज पर तैयार किए जाएंगे चार मॉडल स्कूल।राजगढ़ में साउथ कोरिया के स्कूलों की तर्ज पर तैयार किए जाएंगे चार मॉडल स्कूल।

  • प्रणाली को समझने के लिए डीईओ बीएस बिसौरिया ने दक्षिण कोरिया में चार दिन का प्रशिक्षण लिया
  • कलेक्टर निधि निवेदिता ने जिले के कई स्कूलों को विकसित करवाया है, वैसे ही सुधारेंगे 

दैनिक भास्कर

Dec 02, 2019, 12:14 PM IST

राजगढ़. जिले के तीन से चार शासकीय स्कूलों को दक्षिण कोरिया के सरकारी स्कूलों की तर्ज पर विकसित किया जाएगा, साथ ही जिले के शिक्षक-शिक्षिकाओं को शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए प्रशिक्षित भी किया जाएगा। वह इसलिए क्योंकि दक्षिण कोरिया के सरकारी स्कूल हाईटेक हैं। उस देश ने शिक्षा के बल पर ही विश्व में अपनी विशेष पहचान बनाई है। वहां के स्कूल और पढ़ाई बहुत मजबूत और विशेष गुणवत्तापूर्ण है। इसी प्रणाली को जानने-समझने के लिए हमारे जिले के जिला शिक्षा अधिकारी बीएस बिसौरिया ने राज्य दल के साथ चार दिन की यात्रा दक्षिण कोरिया की, यात्रा से वापस आने के बाद उन्होंने यात्रा के अनुभव और भविष्य की प्लानिंग शेयर की।

उन्होंने बताया कि शिक्षा परिवार के प्रतिनिधि के रूप में साउथ कोरिया में भ्रमण का अवसर प्राप्त हुआ। दक्षिणी कोरिया 15 अगस्त 1945 को जापान के आधिपत्य से स्वतंत्र हुआ, इसके बाद वहां शिक्षा को सबसे प्रथम स्थान पर रखा गया। भ्रमण में शिक्षाविदों, विषय विशेषज्ञों के व्याख्यान एवं शासकीय शालाओं के अवलोकन, दक्षिण कोरिया की जीवनशैली व संस्कृति से रूबरू होने का अवसर प्राप्त हुआ। 

बिसोरिया ने बताया कि दक्षिण कोरिया स्वतंत्रता के बाद निरंतर प्रगति कर आज शिक्षा, तकनीकी, खेलकूद, कृषि उत्पाद, समृद्ध जीवन शैली, प्रति व्यक्ति आय ,शालाओं में उत्कृष्ट अधोसंरचना सहित विभिन्न क्षेत्रों में न केवल एशिया का बल्कि विश्व का सबसे अग्रणी देश है। शिक्षा के विभिन्न सूचकांकों, प्रतियोगिताओं में विश्व के सर्वोच्च देशों में स्थान है। हमनें वहां बहुत कुछ सीखा है और अब हमारी योजना है कि जिस प्रकार कलेक्टर निधि निवेदिता ने जिले के कई स्कूलों को विकसित करवाया है, उसी अभियान को आगे बढ़ाते हुए हम कलेक्टर के निर्देशन में जिले की कुछ शालाओं को दक्षिण कोरिया के स्कूलों की तर्ज पर मॉडल के तौर पर विकसित करेंगे, साथ ही जो भी शिक्षा के क्षेत्र में वहां हमने जाना और समझा है वह जिले के शिक्षकों के साथ शेयर करेंगे, ताकि शिक्षा की गुणवत्ता में और बेहतर सुधार आ सके।


जानिए...किस तरह हैं दक्षिण कोरिया के सरकारी स्कूल
बिसौरिया ने बताया कि वहां शाला में छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए खेल, संगीत, क्राफ्ट, प्रायोगिककार्य, पुस्तकालय, बागवानी, कुकिंग, तकनीकी शिक्षा आदि का सैद्धांतिक एवं व्यवहारिक समन्वय किया गया है। छात्रों की बैठक व्यवस्था बहुत ही फ्रेंडली है, जिसमें शिक्षक प्रत्येक बच्चे पर ध्यान रखकर खुशनुमा वातावरण में शिक्षा देते हैं। खेलकूद परिसरों को विभिन्न खेलों के लिए बहुउद्देशीय बनाया गया है।

क्यों...इसलिए क्योंकि दक्षिण कोरिया शिक्षा के बल पर विश्व का सबसे अग्रणी देश बना है, वहां के स्कूलों में सभी व्यवस्थाएं हाईटेक हैं।
कैसे...जिला शिक्षा अधिकारी ने राज्य दल के साथ दक्षिण कोरिया पहुंचकर लिया चार दिन का प्रशिक्षण। 
अब...डीईओ शिक्षकों के साथ शेयर करेंगे अनुभव, ताकि पढ़ाई में आ सके गुणवत्ता। 

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