मप्र / 500 करोड़ से ज्यादा निवेश पर 40 हैक्टेयर भूमि आधी कीमत में



40 hectares of land for half the price on investment of more than 500 crores
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40 hectares of land for half the price on investment of more than 500 crores

  •  निवेशकों को लुभाने सरकार का फैसला, मध्यप्रदेश राज्य औद्योगिक भूमि एवं भवन प्रबंधन नियम 2019 लागू होंगे, कैबिनेट में लगेगी मुहर
  • एमपीआईडीसी के निवेश पोर्टल पर होगा ऑनलाइन सिंगल विंडो सिस्टम

Dainik Bhaskar

Oct 12, 2019, 05:39 AM IST

शैलेंद्र चौहान | भोपाल . राज्य सरकार ने मैग्नीफिसेंट एमपी समिट के पहले निवेशकों को निवेश में सहूलियत देने का खाका तैयार कर लिया है। इसके लिए मप्र राज्य औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग औद्योगिक नीति के चार साल पुराने नियमों में बदलाव कर रहा है। ये बदलाव मध्यप्रदेश राज्य औद्योगिक भूमि एवं भवन प्रबंधन नियम 2019 कहलाएंगे, जो औद्योगिक क्षेत्र, स्पेशल इकोनॉमिक जोन और स्पेशल एजुकेशनल जोन में लागू रहेंगे। इससे उद्योगों के लिए जमीन आवंटन पर प्रीमियम की गणना में 50 से 75% छूट मिलेगी। 


10 से 100 करोड़ रु. के निवेश पर 10 हैक्टेयर तो 500 करोड़ से ज्यादा के निवेश पर 40 हैक्टेयर जमीन आधी कीमत (50% छूट) में मिलेगी। निवेशक मैग्नीफिसेंट समिट के बाद धरातल पर तेजी से काम शुरू कर सकें, इसके लिए एमपी इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कार्पोरेशन (एमपीआईडीसी) के पोर्टल पर सिंगल विंडो सिस्टम से सारी मंजूरी मिलेगी। जमीन आवंटन सात दिन में होगा। नए नियम 14 या 15 अक्टूबर की कैबिनेट बैठक में मंजूरी के बाद लागू हो जाएंगे। 

 

ऐसे समझें... जमीन की कीमत में छूट के दो स्लैब 

 

‌अविकसित जमीन के आवंटन पर छूट
पूंजी निवेश    जमीन क्षेत्रफल
10 से 100 करोड़ रु.    10 हैक्टेयर
100 से 500 करोड़    20 हैक्टेयर
500 करोड़ से ज्यादा    40 हैक्टेयर

 

स्पेशल इकोनॉमिक व एजुकेशन जोन पर
जमीन क्षेत्रफल    मूल्य में छूट
1 हैक्टेयर तक    75 प्रतिशत
1 हैक्टेयर से ज्यादा    50 प्रतिशत
(छूट जमीन की कीमतों में)

 

प्रमुख बदलाव : जमीन का पट्‌टा 99 साल का रहेगा

  •  जमीन आवंटन सारे शुल्क जमा होने पर केवल सात दिन में होगा।
  •  भूमि आवंटन का पट्‌टा अब 30 की जगह 99 साल का रहेगा।
  •  औद्योगिक क्षेत्रों में गोवंश मांस से संबंधित गतिविधि नहीं होेगी। कसाईखाने नहीं खोले जाएंगे। 
  •  शहरी अपशिष्ट या मृत पशु अपशिष्ट नहीं रख सकेंगे।
  •  कांच, पॉलिथिन, प्लास्टिक, पीवीसी, नॉयलान, रबर, लोहा, लकड़ी के संग्रहण पर रोक रहेगी। 
  •  रेत संग्रहण और ईंट भट्‌टे व चूने के भट्‌टे नहीं चलाए जा सकेंगे।
  •  फायर वर्क्स निर्माण, चारकोल निर्माण पर प्रतिबंध रहेगा।

ये भी खास : उद्योग शुरू करने के लिए छूट के तीन स्लैब होंगे

  •  जमीन के आवंटन में लाजिस्टिक एवं वेयर हाउसिंग हब तथा पार्क को जोड़ा गया है। रहवासी क्षेत्र अलग दूर होगा।
  •  विकसित और अविकिसत दोनों क्षेत्र की भूमि पर आवंटन के लिए प्रीमियम, विकास शुल्क, लीज रेंट, वार्षिक संधारण शुल्क देने के अलावा सुरक्षानिधि चुकाना पड़ेगी।
  •  औद्योगिक क्षेत्र में अंदरूनी नहीं, बल्कि समुचित विकास होगा।
  •  गांव में विकसित औद्योगिक क्षेत्रों में 250 रुपए वर्गमीटर से कम कीमत पर जमीन आवंटित नहीं होगी।   
  •  आवंटन के बाद उद्योग शुरू करने के लिए तीन स्लैब रहेंगे। सूक्ष्म-लघु उद्योग में छूट दो साल, मध्यम में तीन और वृहद में चार साल रहेगी।

नए नियमों के लिए कैबिनेट की मंजूरी लेंगे 

 

मैग्नीफिसेंट एमपी के लिए मध्यप्रदेश राज्य औद्योगिक भूमि एवं भवन प्रबंधन नियम 2019 लाए जाएंगे। इनकी कैबिनेट से मंजूरी ली जाएगी।

-डॉ. राजेश राजौरा, प्रमुख सचिव, औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग

 

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