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  • $ 49 million loan sanctioned for development of roads; 1600 km of highways to be built, one to two lane roads of the district

मप्र / सड़कों के विकास के लिए 49 करोड़ डालर का ऋण मंजूर; 1600 किमी हाइवे बनेंगे, जिले की सड़कें एक से दो लेन होंगी

एशियाई विकास बैंक ने मप्र में सड़कों के विकास के लिए ऋण दे रही है। - फाइल फोटो एशियाई विकास बैंक ने मप्र में सड़कों के विकास के लिए ऋण दे रही है। - फाइल फोटो
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एशियाई विकास बैंक ने मप्र में सड़कों के विकास के लिए ऋण दे रही है। - फाइल फोटोएशियाई विकास बैंक ने मप्र में सड़कों के विकास के लिए ऋण दे रही है। - फाइल फोटो

  • एशियाई विकास बैंक दे रहा है ऋण, पीपीपी के माध्यम से 28 करोड़ से 60 लाख डालर का निवेश जुटाएंगे
  • ऋण समझौते पर वित्त मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव और एडीबी के भारतीय निदेशक ने हस्ताक्षर किए 

दैनिक भास्कर

Dec 20, 2019, 06:48 PM IST

भोपाल/नयी दिल्ली. एशियाई विकास बैंक (एडीबी) के साथ मध्य प्रदेश में लगभग 1,600 किमी लम्बे राज्य-राजमार्गों के उन्नयन और प्रमुख जिला सड़कों को एक लेन से दो लेन की करने के लिए 49 करोड़ डॉलर के ऋण पर हस्ताक्षर किए हैं। वित्त मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया कि इसके अतिरिक्त 28 करोड़ 60 लाख डॉलर का अतिरिक्त निवेश सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) के माध्यम से जुटाया जाएगा।

इस समझौते पर वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलों के विभाग में अतिरिक्त सचिव (फंड बैंक और एडीबी) समीर कुमार खरे और एडीबी के भारतीय क्षेत्र के निदेशक केनिची योकोयामा ने हस्ताक्षर किए। इसके बाद समीर खरे ने कहा कि मप्र के राज्य राजमार्ग और प्रमुख जिला सड़कें, ग्रामीण सड़कों और राष्ट्रीय राजमार्गों के बीच एक महत्वपूर्ण जुड़ाव उपलब्ध कराती हैं। इस परियोजना के तहत इन सड़कों के उन्नयन से राज्य में ग्रामीण और शहरी संपर्क में सुधार के साथ-साथ और बाजारों और बेहतर सेवाओं तक पहुंच में भी सुधार होगा।

एडीबी के भारतीय निदेशक योकोयामा ने कहा कि यह परियोजना 2002 से राज्य के सड़क क्षेत्र के साथ एडीबी के साथ संबंध को जारी रखेगी। इससे हाइब्रिड-एन्युटी मॉडल (एचएएम) के माध्यम से पीपीपी की शुरुआत से नई भागीदारी शुरू होगी जिससे सरकारी वित्तपोषण को लाभ मिलेगा और पूंजी निवेश की क्षमता में भी सुधार होगा। एचएएम इंजीनियरिंग, खरीद, निर्माण और निर्माण-संचालन-हस्तांतरण का मिश्रण है। इससे डिजाइन, कार्यान्वयन, और संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी निजी क्षेत्र पर चली जाती है। 

750 किमी के राज्य राजमार्गों का होगा विकास 
इसके अलावा यह निजी क्षेत्र के वित्त पोषण को भी आकर्षित करती है। इस मॉडल के तहत सरकार निर्माण के दौरान कुल परियोजना लागत की 60 प्रतिशत राशि जारी करेगी। बकाया 40 प्रतिशत का प्रबंध इक्विटी और वाणिज्यिक ऋण के रूप में किया जाएगा। एक बार परियोजना पूरी होने के बाद 10 साल में सरकार वित्तीय निवेश का भुगतान करेगी। इस परियोजना से 750 किलोमीटर लम्बे राज्य राजमार्गों का उन्नयन होगा और 850 किमी एमडीआर को दो लेन बनाया जाएगा। इन सड़कों को सभी मौसम के मानकों और सड़क सुरक्षा सुविधाओं के साथ अपग्रेड किया जाएगा। 

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