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बिना सूचना बेमियादी हड़ताल पर गए 108 के कर्मी, खड़ी हुईं 175 एंबुलेंस

कॉल सेंटर से एक ही जवाब- अपने साधन से मरीज को अस्पताल पहुंचाए।

Danik Bhaskar | Mar 01, 2018, 06:56 AM IST
सरकार का प्लान, आज दूसरे ड्राइ सरकार का प्लान, आज दूसरे ड्राइ

भोपाल. 108 एंबुलेंस के कर्मचारी बुधवार को अचानक हड़ताल पर चले गए। प्रदेश भर की 175 एंबुलेंस खड़ी हो गई हैं। बुधवार को 108नंबर लगाने पर उधर से जवाब आया-माफ कीजिए, एंबुलेंस से हमारा संपर्क नहीं हो पा रहा है। पास की दूसरी एंबुलेंस से भी बात नहीं हो पा रही है, इसलिए आप अपने साधन से ही मरीज को अस्पताल ले जाइए। किसी भी कर्मचारी ने ये नहीं बताया कि एंबुलेंस की हड़ताल है। हड़ताल के चलते राजधानी में 50 से ज्यादा, जबकि प्रदेश भर में करीब 1900 जरूरतमंदों को एंबुलेंस नहीं मिल पाई। उधर, हड़ताल से निपटने के लिए सरकार ने बी प्लान तैयार किया है। प्राइवेट ड्राइवरों से एंबुलेंस चलवाई जाएगी।

कॉल सेंटर से एक ही जवाब- अपने साधन से मरीज को अस्पताल पहुंचाए

एम्बुलेंस 108 के कर्मचारियों के हड़ताल पर होने से कुछ लोग पुलिस के डायल 100 वाहन और निजी साधनों से अस्पताल पहुंचे। 108 के कर्मचारी संगठन ने आधा दर्जन मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। इससे मरीजों की परेशानी और बढ़ सकती है। इसके चलते बुधवार को शहर में मरीजों को काफी परेशानी उठानी पड़ी है। जिगित्सा हेल्थ केयर कंपनी में काम करने वाले एंबुलेंस कर्मचारी संघ के सचिव असलम खान ने बताया कि प्रदेश में 606 एंबुलेंस का संचालन होता है। जबकि इसमें करीब 3100 कर्मचारी रोजाना तय समय पर ड्यूटी करते हैं। लेकिन हर महीने मिलने वाली सैलरी में 500 से एक हजार रुपए कम दिए जा रहे हैं। इसकी शिकायत के बाद भी कोई सुनवाई नहीं होती है। काम के घंटे भी कम नहीं हुए हैं। इसके चलते सभी ने हड़ताल पर जाने का फैसला लिया है। गौरतलब है कि जिगित्सा हेल्थ केयर को 606 एंबुलेंस का संचालन करने के बाद लगाए गए बिल के एवज में करीब 5 करोड़ रुपए एनएचएम द्वारा दिया जाता है। गाड़ी ऑफ रोड होने पर जुर्माना लगाया जाता है।

कर्मचारियों की मांगें... ड्राइवर और ईएमटी का काम 12 की जगह 8 घंटे हो

- तय सैलरी से 500 से 1 हजार रुपए कम मिलने पर कर्मचारियों ने हड़ताल पर जाने का फैसला लिया।

- ड्राइवर को 16 हजार व ईएमटी को 19 हजार वेतन दिया जाए। अभी 9 हजार से 11 हजार वेतन मिल रहा है।

- ड्राइवर, ईएमटी का काम 12 की जगह 8 घंटे किया जाए।

- 108 एंबुलेंस को ठेके से मुक्त कर संचालन स्वास्थ्य विभाग को दें।

- समय पर वेतन और ग्रेज्युटी का भुगतान किया जाए।

- जेडएचल के अफसर कर्मचारियों से दुर्व्यवहार व नौकरी से निकलवाने की धमकी देते हैं। यह बंद हो।