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एक माह पहले खरीदी कार, गैस किट में छिपाया 36 किलो गांजा, ऐसे हुआ अरेस्ट

गैस किट में 36 किलो और ड्राइविंग सीट के नीचे मिला 4 किलो गांजा

bhaskar news | Last Modified - Jan 14, 2018, 05:21 AM IST

  • एक माह पहले खरीदी कार, गैस किट में छिपाया 36 किलो गांजा, ऐसे हुआ अरेस्ट
    गांजा तस्करी में उपयोग की जा रही थी गैस टंकी।

    होशंगाबाद.चार कार खरीदकर जल्द अमीर बनने के लालच में गांजा तस्कर बने युवक को पुलिस ने शनिवार तड़के एसएनजी स्कूल के पास से गिरफ्तार किया। उसकी अल्टो कार की गैस किट में 36 किलो और ड्राइविंग सीट से 4 किलो गांजा मिला। तस्करी के लिए युवक ने एक महीने पहले ही अल्टो के-10 कार खरीदी थी।

    पुलिस मुताबिक श्यामपुर दोराहा (सीहोर) का इब्राहिम खां पिता भूरे खां उड़ीसा और आंध्रप्रदेश की बॉर्डर चित्रकुंडा से 40 किलो गांजा लेकर आ रहा था। तस्करी के लिए उसने एक महीने पहले भोपाल से अल्टो के-टेन खरीदी। कार में गांजा छिपाने के लिए गैस किट लगवाई। शनिवार तड़के गैस किट में गांजे के 11 और एक पैकेट ड्राइविंग सीट के नीचे रखा था। एसएनजी स्कूल के पास से गिरफ्तार किया। उसके पास से 10,800 रुपए भी बरामद हुए। शहर का बालागंज क्षेत्र में नशा तस्करी का बड़ा अड्‌डा है। इस कारण इब्राहिम का बालागंज से कनेक्शन माना जा है।


    एसपी अरविंद सक्सेना ने बताया मुखबिर से गांजा तस्करी की सूचना मिल रही थी। शनिवार तड़के चार टीम लगीं। इब्राहिम को गिरफ्तार किया गया। वह अंतरराज्जीय गिरोह का सदस्य है। बाकी सदस्यों के बारे में पूछताछ की जा रही है।

    5वीं तक पढ़ाई, भोपाल गुना, सीहोर तक सप्लाई
    इब्राहिम खां पांचवीं तक पढ़ा है। पहले वह श्यामपुर से भोपाल तक किराए की तूफान सवारी गाड़ी चलाता था। दो साल पहले किसी ने उसे अमीर बनने का लालच दिया। उसने एक कार खरीदी। उसके दोस्तों ने कहा- एक गाड़ी से कुछ नहीं होगा। अमीर बनना है गांजा सप्लाई का काम शुरू कर दे। एक साल से वह गांजा तस्करी करने लगा। एक साल का यह तीसरा राउंड था। पहले गांजा लेकर वह राजगढ़ अौर गुना में गांजा बेच चुका है।

    80 हजार में खरीदा 2.80 लाख में बेचता है
    आंध्रप्रदेश और उड़ीसा में गांजा सस्ता मिलता है। वह देतारी नामक युवक से 80 हजार में 40 किलो गांजा ला रहा था। मप्र के शहरों में 2.80 लाख रुपए तक में गांजे की कीमत मिलती है। इससे एक बार में डेढ़ लाख से ज्यादा का फायदा होता है। गांजे की यह उसकी तीसरी सप्लाई थी।

    जीजा से भांजे नाम खरीदवाई काम
    इब्राहिम खां ने भोपाल निवासी भांजे वसीम के नाम से 13 दिसंबर 17 को कार खरीदी थी। उसके जीजा मुश्ताक खान इनायतपुर कोलार रोड भोपाल में रहते हैं। वह 50 एकड़ जमीन पर खेती करते हैं। इब्राहिम ने जीजा से आगे बढ़ने की बात कहकर भांजे के नाम गाड़ी खरीदी थी।

    पुलिस थ्योरी पर सवाल
    पुलिस के अनुसार आरोपी डबल फाटक से भोपाल तिराहा होते हुए भोपाल जाने के बजाय एसएनजी के सामने से से ओवर ब्रिज उतरते हुए भोपाल जा रहा था। किसी को यह शक न हो कि वह इटारसी से आ रहा है। संदेह है कि पुलिस ने उसे कहीं से पकड़ा या उसे पुलिस की जांच की भनक लग गई।

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