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7th क्लास की लड़की के चूहे की हुई मौत, शव दफनाया, फूल चढ़ाए और लगा ली फांसी

मां कमरे में पहुंची तो फंदे पर लटकी थी लाड़ली, चीख सुनकर पहुंचे पिता

Danik Bhaskar | Jan 06, 2018, 01:21 AM IST
घर में चूहे पर दपनाया शव। घर में चूहे पर दपनाया शव।

भोपाल. अयोध्या नगर इलाके में 7th क्लास की स्टूडेंट ने दोपहर फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। वह पालतू चूहे की मौत से दुखी थी। यह कदम उठाने के पहले छात्रा ने घर के गार्डन में चूहे के शव को दफनाया, पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि भी दी। इससे पहले उसके पालतू कुत्ते की भी मौत होने के कारण वह तनाव में थी। ये था मामला...


- मूलत: राजगढ़ निवासी महेन्द्र सिंह राठौर के पिता फॉरेस्ट के रिटायर्ड अफसर हैं।

- राजगढ़ में उनकी खेती की जमीन है। वे यहां अयोध्या नगर के सुरभि विहार परिसर में मकान नंबर 38 में परिवार के साथ रहते हैं।

- उनकी 12 वर्षीय बेटी दिव्यांशी आनंद नगर स्थित सेंट पॉल स्कूल में 7th क्लास की स्टूडेंट थी।

- चार दिन पहले घर में महेंद्र एक सफेद चूहा लेकर आए थे। दिव्यांशी उससे काफी हिल-मिल गई थी लेकिन आज दोपहर चूहे की मौत हो गई।

गुलाब का फूल चढ़ाया, श्रद्धांजलि दी और दुखी मन से चली गई कमरे में

- मृत चूहे को गोद में लेकर दिव्यांशी काफी देर तक घूमती रही। मां ने बेटी को चूहा घर के बाहर फेंकने को कहा।

- दिव्यांशी ने कहा- नहीं मम्मी मैं उसे गार्डन में दफनाऊंगी और उसे श्रद्धांजलि दूंगी।

- दोपहर 3 बजे दिव्यांशी ने दुखी मन से चूहे को जमीन में दफना दिया। उसे एक गुलाब का फूल चढ़ाया।

- थोड़ी देर चूहे की कब्र के पास खड़े रहने के बाद वह उदास मन से घर के अंदर चली गई। उस समय वसुंधरा अपनी बेटी के साथ घर के बाहर बैठी हुई थी और महेंद्र घर पर थे। उन्हें लगा कि दिव्यांशी टीवी देख रही है।

मां कमरे में पहुंची तो फंदे पर लटकी थी लाड़ली, चीख सुनकर पहुंचे पिता

- काफी देर तक बेटी की आवाज नहीं आने पर वसुंधरा उसे देखने के लिए कमरे पर पहुंची, तो दरवाजा अंदर से बंद था। उन्होंने दिव्यांशी को आवाज लगाई, लेकिन उसने कोई जवाब नहीं दिया।

- वसुंधरा की चीख सुनकर महेंद्र दौड़कर वहां पहुंचे। उन्हाेंने पड़ोसियों की मदद से दरवाजा तोड़ा, तो दिव्यांशी अंदर दुपट्टे के फंदे पर मिली।

- दिव्यांशी घर में सबसे बड़ी और अपने माता-पिता की लाडली थी। पढ़ने में होशियार दिव्यांशी इमोशनल बहुत थी।

- महेंद्र के अब नौ साल की बेटी प्रियदर्शनी और सात साल का बेटा सूर्यवर्धन है। बच्चों को पढ़ाने के लिए ही महेंद्र काफी समय से भोपाल में ही रह रहे हैं।

कुत्ते की मौत के बाद से रहती थी तनाव में, मन बहलाने के लिए पिता लाए थे चूहा

- महेंद्र ने पुलिस को बताया कि कुछ दिन पहले उनके पालतू कुत्ते की मौत हो गई थी। उसके बाद से ही वह मानिसक तनाव में थी। उसे उन्होंने बहलाने की काफी कोशिश की थी।

- वह पालतू जानवरों से बहुत प्यार करती थी। उसका दुख कम करने के लिए ही वे चूहा लेकर आए थे। चार दिन में ही वह उससे काफी घुलमिल गई थी। वह पूरा समय उसका ख्याल रखती थी।

- स्कूल से लौटने के बाद सबसे पहले अपने पालतू चूहे के बारे में मां से जानकारी लेती थी। घटना से मां वसुंधरा को गहरा आघात लगा है। वे वसुंधरा की याद में बीच-बीच में जोर-जोर से रोने और उसका नाम लेने लगती हैं।

आगे की स्लाइड्स में देखें फोटोज...

शव पर लड़की द्वारा चढ़ाया हुआ फूल। शव पर लड़की द्वारा चढ़ाया हुआ फूल।
क्यारी में दफनाया हुआ चूहे का शव। क्यारी में दफनाया हुआ चूहे का शव।
गुलाब का फूल गुलाब का फूल