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बच्चों की फिल्मों का वजूद खत्म करने पर तुली सरकार- एक्टर मुकेश खन्ना

एक्टर मुकेश खन्ना ने ‘चिल्ड्रन फिल्म सोसाइटी’ से इस्तीफे के बाद बोर्ड-मंत्रियों पर उठाए सवाल।

Dainik Bhaskar

Mar 04, 2018, 06:40 AM IST
एक फिल्म की शूटिंग क लिए भोपाल एक फिल्म की शूटिंग क लिए भोपाल

भोपाल. चर्चित टीवी सीरियल ‘महाभारत’ में भीष्म पितामह और बच्चों के बीच ‘शक्तिमान’ के रूप में प्रसिद्ध अभिनेता मुकेश खन्ना ने पिछले दिनों ‘चिल्ड्रन फिल्म सोसाइटी’ के चीफ पद से इस्तीफा दे दिया। एक फिल्म की शूटिंग क लिए भोपाल पहुंचे मुकेश खन्ना ने कहा ‘मैंने चिल्ड्रंस फिल्म सोसाइटी से इस्तीफा इसलिए दिया क्योंकि वहां मेरी बात नहीं सुनी जा रही थी। बच्चों की फिल्मों के लिए केंद्र के पास बजट नहीं है। 3 साल में 8 फिल्में बनाईं। मकसद था इन फिल्मों को थियेटर में लगाना। काफी प्रयासों के बाद भी सफल नहीं हुआ तो इस्तीफा देना जरूरी समझा।

मेरी नहीं बच्चों की शिकायत थी कि उनके लिए फिल्में नहीं बनतीं

जवाब - ‘चिल्ड्स रं फिल्म सोसाइटी’ में चेयरमनै के रूप में मेरा कार्यकाल तीन महीने बाद खत्म होने वाला था। मैंनै सोचा कि तीन महीने के बाद मैं चुपचाप निकल जाऊं, इससे बेहतर मैं अपनी बात कहकर निकलूं। मेरी नहीं, बच्चों की शिकायत थी कि बच्चों के लिए फिल्में नहीं बनती।

तीन साल के कार्यकाल में बच्चों के लिए 8 फिल्में बनाईं

जवाब - बच्चों के लिए फिल्में बनाने के लिए मैंने कोशिश की थी। तीन साल के कार्यकाल में 8 फिल्में बनाई। मेरा मकसद था कि ये फिल्में थियेटर में लगें। फिल्म फेस्टिवल में जाए, स्कूल में दिखाएं। लेकिन तीन साल के आते-आते समझ में आया कि ये लोग सीरियस नहीं है। इस्तीफा देने का यह भी मुख्य कारण था।

दो साल से उठाता रहा था अपनी मांग

जवाब -वह सोसाइटी में इस मकसद से शामिल हुए थे कि बच्चों के लिए गुणवत्तापूर्णफिल्मों का निर्माण किया जाएगा। जिन्हें सिनेमाघरों में दिखाया जा सकेगा। लेकिन ऐसी फिल्में बनाने के लिए कोष की कमी है। मैं ज्यादा आवंटन के लिए पिछले दो साल से जोर लगा रहा था, लेकिन सफलता नहीं मिली।

मोदी से मिलने की कोशिश भी नाकाम रही

जवाब- इस्तीफा देने के 17 दिन बाद मुझे पता चला कि मेरा इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। स्मृति ईरानी से मिलने के लिए मनैंे पत्र लिखे। चार महीने तक उनका कोई रिस्पॉन्स नहीं मिला। तब मैंने मोदी जी को पत्र लिखा। आश्चर्य की बात रही कि 4 महीने हो गए मोदी जी ने भी कोई रिस्पॉन्स नहीं दिया।

बच्चों की फिल्मों का वजूद खत्म करने पर तुली सरकार

मिनिस्ट्री में बड़ी गड़बड़ चल रही है। वे सीएफएसआई को फिल्म डिवीजन के साथ मर्ज करने वाले हैं। बच्चों के लिए प्रेरक फिल्में बनाने वाले इस चिल्ड्रन डिवीजन पर वह सीरियस नहीं है। सीएफएसआई बच्चों पर फिल्म बनाता है जबकि फिल्म डिविजन सरकारी कार्यक्रमों पर प्रोजेक्ट तैयार करता है। इसके मर्ज होने से बच्चों की फिल्मों का सरकार की ओर से वजूद खत्म हो जाएगा।

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