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ATM में कैशलेस ट्रांजेक्शन बढ़ाने डाले जा रहे 2000 के बदले 200 के नोट, नोटबंदी का प्लान-बी

बैंकों की इस बैक ऑफिस नोटबंदी से शहर में लोग पैसा निकालने के लिए एक से दूसरे एटीएम के चक्कर काट रहे हैं।

Dainik Bhaskar

Mar 05, 2018, 06:59 AM IST
बैंकों की इस बैक ऑफिस नोटबंदी बैंकों की इस बैक ऑफिस नोटबंदी

भोपाल. बैंकिंग तंत्र में इन दिनों नोटबंदी का प्लान-बी शुरू हो गया है। इसके तहत लोगों में बड़े नोटों की आदत खत्म की जा रही है। यह काम ऑटोमेटेड टेलर मशीन (एटीएम) के जरिए किया जा रहा है। दरअसल, एटीएम की चार कैसेट में से एक दो हजार के नोटों की थी, जिसे 200 रुपए के नोट से बदल दिया गया है। पिछले 15 दिन से चल रही इस बदलाव की प्रक्रिया के तहत ही शहर के 95% एटीएम की प्रोग्रामिंग बदली जा चुकी है। 15 दिन पहले तक एटीएम में 500-500 रुपए के नोट की दो कैसेट रिफिल हो रही थी, जिसे घटाकर एक कर दिया गया है। इसकी जगह 100-100 रुपए के नोट की कैसेट एक से बढ़ाकर दो कर दी गई है। यही कारण है कि प्रति एटीएम कैश देने की क्षमता सीधे 56% तक घट गई है।

ऐसे समझिए... आपको एटीएम से पैसे निकालने में इसलिए हो रही है परेशानी

1 .एक एटीएम में 4 कैसेट (पैसों की ट्रे) होती हैं। हर कैसेट में नोट के 25 पैकेट डाले जाते हैं। हर पैकेट में 100-100 के नोट होते हैं। यानी हर कैसेट में नाेटों की संख्या 2500 होती है।

2. 2000 के नोट बंद करके उसकी जगह कैसेट में 200 के नोट की कैसेट लगा दी गई है। 500 के नोट की दो कैसेट थी। अब उसकी जगह एक कैसेट को 100 रुपए के नोट से रिप्लेस दिया गया है।

एटीएम से पैसे निकालने की क्षमता कई गुना घट गई है, जानिए कैसे...

पहले ऐसी थी व्यवस्था

- कैसेट में 2000 के 2500 नोट डाले जा सकते थे, यानी 50 लाख रुपए। एक एटीएम का बीमा 40 लाख का होता है। बैंक दो हजार रुपए के 1000 नोट ही डालते थे, यानी 20 लाख रुपए।

- प्रति कैसेट 500 रुपए के 2500 नोट की क्षमता के आधार पर नोट हुए 5000 (दो कैसेट में), यानी 25 लाख रुपए, लेकिन डाले जा रहे थे 3500 नोट, यानी 17,50,000 रुपए।

- प्रति कैसेट 100-100 के नोट डाले जा रहे थे। इसकी क्षमता भी 2500 नाेट ही थी। 100-100 के 2500 नोट, यानी 2,50,000 रुपए।

(एक एटीएम की 4 कैसेट में कुल 40 लाख रुपए रखे जा रहे थे)

...और अब यह हो रहा है

- एटीएम को अब 200 का नोट निकालने के लिए कैलिबरेट किया जा चुका है, लेकिन कैसेट का साइज वही है। इसलिए एक बार में 200 के 2500 नोट यानी 5 लाख रुपए रखे जा रहे हैं।

- कैसेट अब 100-100 के नोटों की है। यानी अब 5000 नोट 100-100 के नोट दो कैसेट में डाले जा रहे हैं, यानी 5 लाख रुपए।

- चौथे कैसेट में 500 के 2500 नोट यानी अधिकतम 7.5 लाख रुपए। यह नोट भी जरूरत का एक तिहाई यानी 2.5 लाख रुपए ही है यानी इस कैसेट में रखे जा रहे हैं 2.5 लाख रुपए।

(अब 4 कैसेट में रखे जा रहे हैं कुल 12.5 लाख रुपए)

जरूरत... रोज चाहिए ~400 करोड़

राजधानी में सरकारी और निजी क्षेत्रों के करीब 1000 से अधिक एटीएम हैं। इनके जरिए रोजाना 400 करोड़ रुपए निकाले जाते हैं। न्यू मार्केट, एमपी नगर, दस नंबर, भोपाल रेलवे स्टेशन, हबीबगंज रेलवे स्टेशन और मारवाड़ी रोड जैसे व्यस्त और कारोबारी इलाकों में एटीएम से ज्यादा पैसा निकाले जाते हैं। इसलिए बैंक यहां पूर्ण क्षमता यानी 40 लाख रुपए डालते हैं। दूसरे इलाकों में यह क्षमता मांग के आधार पर 15 से 25 लाख रुपए होती है। इस हिसाब से रोजाना एटीएम में 400 करोड़ रुपए रिफिल होते थे।

सेंट्रल बैंक के जीएम अजय व्यास के मुताबिक, आरबीआई की तरफ से ऐसी कोई गाइडलाइन नहीं है। चूंकि 2000 के नोट मार्केट में मिल ही नहीं रहे और 200 के नोट आसानी से उपलब्ध हैं। ऐसे में हम 2000 की कैसेट को 200 से बदल रहे हैं। बड़े बैंक पिछले 7 दिन से यह काम कर रहे हैं। छोटे बैंक भी इस काम में लगे हैं। मप्र में 534 एटीएम में से 35 में यह बदलाव हो चुका है।

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