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ट्रांजेक्शन चार्ज के चलते 35% लोगों ने ATM जाना छोड़ा, UPI से पेमेंट 300% बढ़ा

पिछले छह माह में प्रदेश की शीर्ष 20 बैंकों के जरिए कुल 56.36 करोड़ डिजिटल ट्रांजेक्शन हुए।

गुरुदत्त तिवारी | Last Modified - Jan 23, 2018, 05:45 AM IST

ट्रांजेक्शन चार्ज के चलते 35% लोगों ने ATM जाना छोड़ा, UPI से पेमेंट 300% बढ़ा

भोपाल.एटीएम से पैसे निकालने वालों की संख्या में तेजी से गिरावट दर्ज की जा रही है। यह आकलन है मप्र राज्य बैंकर्स समिति (एसएलबीसी) का। एसएलबीसी की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक सिर्फ तीन माह में ही मप्र में एटीएम से पैसा निकालने वालों की संख्या में 35 फीसदी की कमी दर्ज की गई है। दरअसल, बैंकों द्वारा पांच ट्रांजेक्शन के बाद लगाए गए शुल्क इसकी सबसे बड़ी वजह बताई जा रही है।

तेजी से बढ़ रहे USSD, आधार पे, IMPS से पेमेंट करने वाले

- इंदौर-भोपाल जैसे शहरों में ज्यादातर बैंक सिर्फ 5 ट्रांजेक्शन ही फ्री दे रहे हैं। वहीं दूसरी बैंक के एटीएम से पैसा निकालने पर 20 रुपए तक का शुल्क लग रहा है। बैंकों ने एक साल पहले इस तरह की बंदिशें लगाना शुरू की थीं। जिसका असर अब दिख रहा है। विशेषज्ञ कहते हैं कि मैंटेनेंस और सुरक्षा के लिए ऊंचे मापदंडों से भी एटीएम का संचालन महंगा हो रहा है। इसलिए भी बैंक अब एटीएम से दूरी बना रहे हैं।

- वहीं इंटरनेट बैंकिंग के यूजर भी 22 फीसदी तक घट गए हैं। इंटरनेट को लेकर सुरक्षा की चिंता ने लोगों को इंटरनेट बैंकिंग से दूर किया है। इसकी तुलना में मोबाइल बैंकिंग की लोकप्रियता बढ़ रही है। केवल तीन माह में मोबाइल बैंकिंग यूज करने वाले 56 फीसदी तक बढ़ चुके हैं। विशेषज्ञ कहते हैं कि मोबाइल बैंकिंग में लोग अस्थाई वैलेट बनाकर जरूरत के मुताबिक राशि डालकर पेमेंट कर देते हैं।

यूपीआई -यूनीफाइड पेमेंट इंटरफेस के जरिए एक मोबाइल एप्लीकेशन से कई बैंकों के खाते जोड़कर पेमेंट किए जा सकते हैं। पेटीएम, फोन पे सबसे अधिक उपयोगी और लोकप्रिय यूपीआई हैं।

यूएसएसडी-अनस्ट्रक्चर्ड सप्लीमेंट्री सर्विस डाटा द्वारा बेसिक मोबाइल फोन पर एक क्विक कोड जनरेट कर पेमेंट किया जाता है। इसमें यूपीआई की तरह एप्लीकेशन डाउनलोड नहीं करनी पड़ती।

आईएमपीएस -इमीडिएट पेमेंट सर्विस एक से दूसरी बैंक के बीच मोबाइल से इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर करती है।

आधार पे -बायोमेट्रिक मशीन में थंब इंप्रेशन के जरिए यूआईडीएआई और बैंक के कोलेब्रेशन से पेमेंट होता है।

टारगेट-129 करोड़ डिजिटल ट्रांजेक्शन करने का लक्ष्य मार्च 2018 तक

एटीएम से पैसे निकालना भी एक डिजिटल ट्रांजेक्शन माना जाता है, लेकिन कुल डिजिटल ट्रांजेक्शन में इसकी हिस्सेदारी तेजी से घट रही है। साफ है कि लोग कैशलेस की ओर जा रहे हैं। हां यह कह सकते हैं कि ग्राहक उस माध्यम से लेन-देन पसंद करते हैं, जिसमें लागत कम से कम हो। -अजय व्यास, महाप्रबंधक, लीड बैंक, मप्र

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Web Title: traanjekshn Charj ke chalte 35% logon ne ATM jaanaa chhoड़aa, UPI se pemeint 300% badhaa
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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