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भोपाल के दिल ने दी मुंबई के इस शख्स को जिंदगी, हार्ट ट्रांसप्लांट को पहली बार ग्रीन कॉरिडोर

भोपाल और मुंबई में ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया, भोपाल 20 साल के शशांक कोरान्ने का हार्ट एयर एंबुलेंस से ले जाया गया।

Ajay Verma | Last Modified - Dec 29, 2017, 07:51 PM IST

भोपाल।राजधानी में अंगदान के लिए चलाए जा रहे जागरूकता अभियान का नतीजा अब दिखने लगा है। शुक्रवार को अंगदान के लिए भोपाल और मुंबई में ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया। भोपाल में 20 साल के शशांक कोरान्ने की ब्रेन डेथ होने के बाद ग्रीन कॉरिडोर बनाकर उसका दिल एयर एंबुलेंस से मुंबई भेजा गया, जिसे वहां पर एक मरीज में लगाया गया।

- हार्ट रिट्रीव के लिए फोर्टिस हॉस्पिटल, मुंबई के डॉक्टरों की टीम विशेष रूप से शहर के बंसल हॉस्पिटल आई थी। बंसल हॉस्पिटल से एक किडनी को इंदौर एंबुलेंस के जरिए भेजा गया। देर रात दोनों जगह पर ट्रांसप्लांट की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

एक्सीडेंट में हुई थी मल्टीपल इंजुरी
- रोहित नगर निवासी शशांक कोरान्ने का एक्सीडेंट 19 दिसम्बर को बीएसएसएस कॉलेज जाते समय हो गया था। एक तेज रफ्तार डंपर ने उसकी बाइक को टक्कर मारी थी। इसके बाद शशांक को नर्मदा अस्पताल भर्ती कराया गया। जहां पर वो ठीक था। बातचीत कर रहा था। डॉक्टरों ने जांच के बाद परिजनों को बताया था कि मल्टीपल इंजूरी है। इसलिए बचना मुश्किल है। 27 तारीख तक नर्मदा में इलाज चला।

- परिजनों की काउंसलिंग भोपाल ऑर्गन डोनेशन सोसायटी के सदस्यों और डॉ. राकेश भार्गव द्वारा कराई गई। शशांक के पिता राजेश कोरान्ने और उनकी पत्नी ममता कोरान्ने ने फैसला लिया कि उनके बेटों के अंगों से 10 लोगों को नई जिंदगी मिल सकती है। इन अंगों के दान के जरिए बेटे को हमेशा अपने बीच जिंदा रहेगा। परिजनों के अनुमति के बाद डॉक्टरों ने उसे ब्रेन डेड घोषित किया गया।

- डॉक्टरों ने बताया कि शशांक के परिजनों के फैसले के बाद आर्गन रिट्रीव करने की प्रक्रिया अस्पताल में शुरू की गई। यहां पर हार्ट, दोनों किडनी, लिवर, आंखें और त्वचा रिट्रीव की गई। सुबह 12 हार्ट रिट्रीव करने काम फोर्टिस मुंबई के डॉक्टरों की टीम यहां पर आई थी। बंसल हॉस्पिटल से एक किडनी को इंदौर एंबुलेंस के जरिए भेजा गया। देर रात दोनों जगह पर ट्रांसप्लांट की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

पहले भोपाल बाद में प्रदेश में हार्ट के लिए खोजा गया मरीज
- शशांक की ब्रेन डेथ डॉक्टरों द्वारा घोषित किए जाने के बाद डाक्टर्स ने उनके परिजनों को अंगदान के लिए प्रेरित किया। उनके तैयार होने के बाद रिसीवर की तलाश की गई। भोपाल में हार्ट के मरीज ट्रांसप्लांट के लिए मरीज की तलाश की गई। इसके बाद नोटो के यहां पर रजिस्टर्ड मरीजों में यह देखा गया कि प्रदेश में कोई हार्ट की जरूरत है या नहीं। इसके बाद रोटो मुंबई के सदस्यों से बात की गई। तब पता चला कि हार्ट ट्रांसप्लांट के लिए फोर्टिस मुंबई में एक मरीज को जरूरत है। अंकों के आधार पर उसे सिलेक्ट किया गया। इसके बाद एयर एंबुलेंस से टीम भोपाल पहुंची। यहां पर बंसल हॉस्पिटल में हार्ट रिट्रीव की प्रक्रिया को शुरू किया गया।

पहली बार पार्थिव शरीर को पुलिस बैंड देगा विदाई
- अंगदान को बढ़ावा देने और लोगों के बीच जागरूकता बढ़ाने के लिए एक निजी अस्पताल में शशांक के पार्थिव शरीर परिजनों को सौंपने के पहले एक गरिमामय सम्मान समारोह का आयोजन किया जा रहा है। ऐसा पहली बार होगा जब पुलिस का बैंड डोनेशन करने वाले पार्थिव शरीर की विदाई के समय बजाया जाएगा।

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