भोपाल

--Advertisement--

नो ड्यूज लेने पहुंचीं BJP कैंडिडेट, तो पता चला कि ढाई साल से नहीं दिया था किराया

चुनाव से पहले प्रत्याशियों को विभिन्न विभागों के नो-ड्यूज नामांकन फार्म के साथ जमा करना पड़ता है।

Danik Bhaskar

Feb 03, 2018, 06:05 AM IST

अशोकनगर (भोपाल). चुनाव से पहले प्रत्याशियों को विभिन्न विभागों के नो-ड्यूज नामांकन फार्म के साथ जमा करना पड़ता है। पर जब मुंगावली से भाजपा प्रत्याशी और जिपं अध्यक्ष बाईसाहब के परिजन विभिन्न विभागों के नो ड्यूज ले रहे थे, तभी वहां एक पेंच फंस गया। वर्ष 2015 में जो बंगला उनको जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए अलॉट हुआ था, उसका 6 हजार रुपए मासिक किराया तत्कालीन कलेक्टर आरबी प्रजापति ने फिक्स कर दिया था। इसकी जानकारी ढाई साल से बाईसाहब को नहीं दी गई। अब ये किराए का बकाया बढ़कर 1.80 लाख रु. का हो गया है। जब मामले में अशोकनगर के अपर कलेक्टर एके चांदिल से बात की गई तो उन्होंने बताया कि अभी मैं मीटिंग में हूं। राशि जमा हुई है या नहीं इसके बारे में बाद में बता सकूंगा।

बाईसाहब बोलीं- बंगले तो नि:शुल्क मिलते हैं

- कुछ दिन पहले जब जिपं अध्यक्ष बाईसाहब यादव को मुंगावली उपचुनाव के लिए भाजपा प्रत्याशी बनाया गया और नामांकन फार्म के लिए सभी विभागों से नो ड्यूज के लिए आवेदन किया तब तक उन्हें नहीं पता था कि उनपर किराए का 1.80 लाख रुपए बकाया है। ये किराया पीडब्ल्युडी में जमा करना है।

- मामले में जब बाईसाहब से बात हुई तो उन्होंने कहा कि जहां पूरे प्रदेश में सभी जिपं अध्यक्ष को आवंटित बंगले नि:शुल्क हैं फिर उनका किराया किस नियम के अनुसार निर्धारित किया गया।


शासकीय अधिकारियों का कटता है वेतन से किराया

- अधिकारियों को जो शासकीय आवास आवंटित होते हैं, उनका किराया कटता है। पीडब्ल्यूडी ईई दिलीप बिगोनिया ने बताया कि जब आवंटित बंगले को लेकर उनसे जानकारी मांगी तो मैंने लिखकर दे दिया कि हमारे पास कोई राशि जमा नहीं हुई है।

Click to listen..