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दो दिन बाद थी बेटे की शादी, पार्सल में पिता के लिए आई मौत, खून से सना था बेटा

पार्सल से भेजा रेडियो, घर में ऑन करते ही विस्फोट, बेटे सहित तीन लोग गंभीर

Dainik Bhaskar

Jan 26, 2018, 06:44 AM IST
कमरे का मंजर। कमरे का मंजर।

सागर. मकरोनिया में डाकघर अधीक्षक को पार्सल के जरिए भेजे गए एफएम रेडियाे डिवाइस में तीव्र विस्फोट से तीन लोग घायल हो गए। गणतंत्र दिवस के एक दिन पहले हुई घटना से सनसनी फैल गई। बीडीएस और एफएसएल टीम ब्लास्ट में इस्तेमाल किए गए विस्फोटक की जांच कर रही है। पुलिस ने घटना के पीछे डाक विभाग के ही किसी कर्मचारी की साजिश होने का संदेह जताया है। निशाने पर मुख्य डाकघर के प्रवर अधीक्षक केके दीक्षित थे। दीक्षित का ड्राइवर बिहारी बुधवार की शाम पोस्ट ऑफिस से एक पार्सल उनके घर दे गया था। इसे सुबह उनके बेटे डॉ.रितेश दीक्षित ने खोला तो इसमें एफएम रेडियो निकला।


वे कुछ समझ नहीं पाए। उसी समय उनके घर के उनके मामा विजय मिश्रा आए हुए थे। फर्स्ट फ्लोर पर पहुंचकर रितेश ने नौकर देवसिंह को इस डिवाइस का प्लग इलेक्ट्रिक बोर्ड में लगाने को कहा। जैसे ही उन्होंने स्विच ऑन किया ब्लास्ट हो गया। धमाके से पूरा इलाका दहल गया। तीनों खून से लथपथ बेहोश पड़े थे। धमाके से कमरे का पंखा लटक गया। खिड़की, अलमारी के शीशे और सामान बिखरा पड़ा था। रिश्तेदार व पड़ोसियों की मदद से घायलों को पास के ही एक निजी अस्पताल ले जाया गया। रितेश की हालत गंभीर है।

घटना से कुछ देर पहले ही आया था रीतेश का रिजल्ट, तीन दिन बाद थी सगाई

डॉ. रीतेश दीक्षित ने भोपाल स्थित एलएन मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस की पढ़ाई की है। वे जिला अस्पताल के एनआरसी केंद्र में मेडिकल ऑफिसर के पद पर पदस्थ हैं। रीतेश ने हाल ही में पीजी की पढ़ाई के लिए एग्जाम दिया था, इसका रिजल्ट घटना के ठीक पहले ही आया था। पिता केके दीक्षित ने बताया कि तीन दिन बाद ही रीतेश की सगाई थी। यदि यह घटना एक या दो दिन बाद होती तो पता नहीं घर के कितने और मेहमान सदस्य इस साजिश की चपेट में आते।

मामा ने बताई ये कहानी

मैं,ऑफिस जाने के लिए तैयार हो रहा था, दीदी किचिन में खाना बना रहीं थीं। तभी भांजे रीतेश ने मुझे नाश्ते के लिए बुलाया। मैं उसे यह बोलने गया था कि नाश्ता ऑफिस में ही करुंगा। इतने में रीतेश ने नौकर देवसिंह से पार्सल खोलने की बात कही। पार्सल में नीली रंग का रेडियो निकला। रीतेश ने रेडियो अपनी डाइनिंग टेबल पर रखकर देवसिंह से उसे ऑन करने की बात कही। उन्होंने जैसे ही प्लग लगाकर स्विच ऑन किया। रेडियो में जोरदार धमाका हुआ। आंखों के सामने अंधेरा छा गया और कानों में सीटी सी सुनाई देने लगी। आंख खुली तो हम हॉस्पिटल में थे।

गबन मामले से जुड़े हो सकते हैं तार

डाकघर के प्रवर अधीक्षक केके दीक्षित ने हाल ही में दो साल पहले डाकघरों के कम्प्यूटराइजेशन के दौरान हुए गबन का मामला पकड़ा था। दीक्षित ने इस तरफ भी पुलिस को जांच का इशारा किया है। एसपी सत्येंद्र शुक्ला का कहना है कि पूछताछ व तमाम बिंदुओं पर जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। एसपी सत्येंद्र शुक्ला का कहना है कि सभी पहलुओं पर जांच चल रही है। इस साजिश में डाकघर के ही किसी कर्मचारी की साजिश हो सकती है। सागर रेंज के आईजी सतीश सक्सेना व एसपी सत्येंद्र शुक्ला बीडीएस व एफएसएल टीम के साथ मौके पर पहुंचे। दोपहर बाद जबलपुर से बीडीएस की एक और टीम विस्फोटक की जांच करने पहुंची।

विस्फोट में घर में रखे सामान के उड़े परखच्चे। विस्फोट में घर में रखे सामान के उड़े परखच्चे।
दूसरे कमरे का भी सामान क्षतिग्रस्त। दूसरे कमरे का भी सामान क्षतिग्रस्त।
विजय मिश्रा, डॉ. रीतेश का मामा विजय मिश्रा, डॉ. रीतेश का मामा
अधीक्षक दीक्षित बेटे के साथ अधीक्षक दीक्षित बेटे के साथ
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कमरे का मंजर।कमरे का मंजर।
विस्फोट में घर में रखे सामान के उड़े परखच्चे।विस्फोट में घर में रखे सामान के उड़े परखच्चे।
दूसरे कमरे का भी सामान क्षतिग्रस्त।दूसरे कमरे का भी सामान क्षतिग्रस्त।
विजय मिश्रा, डॉ. रीतेश का मामाविजय मिश्रा, डॉ. रीतेश का मामा
अधीक्षक दीक्षित बेटे के साथअधीक्षक दीक्षित बेटे के साथ
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