--Advertisement--

शहर के इस लड़के को मिलेगा जीवन रक्षक अवॉर्ड, एक साथ 20 लोगों की बचाई थी जान

9 जुलाई 2016 की बारिश ने कैलाश साहू के बेटे दीपक साहू की लोगों की जान बचाते बचाते मौत हो गई थी।

Danik Bhaskar | Jan 15, 2018, 04:46 AM IST

भोपाल . 9 जुलाई 2016 की बारिश ने कैलाश साहू के बेटे दीपक साहू की लोगों की जान बचाते बचाते मौत हो गई थी। दीपक ने उफनते नाले में बह रहे 20 लोगों की जान बचाई थी। अपनी परवाह न करते हुए लोगों की जान बचाने वाले दीपक को 26 जनवरी को दिल्ली में जीवन रक्षक सम्मान से सम्मानित किया जाएगा। दैनिक भास्कर ने इस पर पिता कैलाश और मां कांताबाई से बात की तो उन्होंने कहा कि उनके घर का दीपक उफनते नाले में बुझ गया। बेटे ने वो काम किया शायद ही कोई दूसरा कोई करेगा। उसने अपनी जान की परवाह न कर दूसरों की जान बचाई। सरकार को ऐसे इंतजाम करना चाहिए कि आगे किसी के साथ ऐसे हादसे न हो। शहर के नालों को चौड़ा करने की जो योजनाएं बनाई जाती हैं, उन्हें समय रहता पूरा करें। बेटी की शादी करना है, लेकिन बेटे को नहीं मिल सकी नौकरी

- पिता के मुताबिक, दीपक के जाने के बाद घर में सन्नाटा पसरा रहता है। मैं दिनभर में ऑटो चलाने के बाद भी 200 रुपए से ज्यादा नहीं कमा पाता हूं।

- दीपक था तो वो कहता था कि पापा आपको कमाने की कोई जरूरत नहीं है। मैं जो कमाऊंगा, उससे सबकी पूर्ति कर दूंगा।

- टीटी नगर में सेल्समैन का काम करता था। पूरा परिवार खुश था बेटी कंचन के भी हाथ पीले करना है, लेकिन बेटी की नौकरी नहीं होने के चलते यह कैसे पूरा होगा यह समझ से परे है।

- सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि बेटे को स्थाई नौकरी देंगे। लेकिन अभी उसे वार्ड दफ्तर में दैनिक वेतन भोगी के तौर पर रखा गया है।

बंद हो गई बेटी की पढ़ाई

- दीपक की मां के मुताबिक, बेटे के जाने के बाद ही बेटी कंचन की पढ़ाई बंद हो गई। 10वीं तक पढ़ाई का खर्च बेटा ही उठाता था। लेकिन पैसों की तंगी के चलते घर चलाने में दिक्कत है इसलिए आगे की पढ़ाई नहीं करा पा रहे हैं। सम्मान मिलने की बात जब से घर में पता चली है, दीपक को याद कर सभी की आंखें नम हैं।