--Advertisement--

आरजीपीवी बताएगा बिल्डिंग, ब्रिज भूकंप झेल सकते हैं या नहीं

प्रयोगशाला में बड़ी बिल्डिंग, ब्रिज या अन्य परियोजनाओं के निर्माण से पहले इनके मॉडल को टेस्ट किया जाएगा।

Dainik Bhaskar

Dec 29, 2017, 06:30 AM IST
bridge can catch earthquake or not

भोपाल. राजधानी सहित प्रदेश भर में बनने वाले ब्रिज और हाइराइज बिल्डिंग भूकंप का कितना बड़ा झटका झेल सकते हैं, इसका आकलन राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (आरजीपीवी) करेगा। विश्वविद्यालय में भूकंप अनुसंधान प्रयोगशाला स्थापित की जा रही है। इस प्रयोगशाला में बड़ी बिल्डिंग, ब्रिज या अन्य परियोजनाओं के निर्माण से पहले इनके मॉडल को टेस्ट किया जाएगा।

- इस लैब में यह पता लग जाएगा कि जिस भवन या ब्रिज का निर्माण किया जाना है वो भूकंप का कितना झटका झेल सकते हैं। साथ ही विश्वविद्यालय से संबद्ध इंजीनियरिंग कॉलेजों में अध्ययनरत छात्र जो भूकंप से संबंधित विषयों में शोध कर रहे हैं वो भी इस प्रयोगशाला का उपयोग कर सकेंगे।

- प्रदेश के किसी भी संस्थान में भूकंप अनुसंधान के लिए खुलने वाली यह पहली प्रयोगशाला होगी। इस लैब के लिए आरजीपीवी के सिविल इंजीनियरिंग विभाग ने उपकरण खरीदी की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस प्रयोगशाला के लिए सारे आधुनिक उपकरण भारत सरकार के टेक्निकल एजुकेशन क्वालिटी इंप्रूवमेंट प्रोग्राम फेस तीन के तहत खरीदे जा रहे हैं।

- सिविल इंजीनियरिंग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. सुधीर भदौरिया के अनुसार पहले चरण में सीस्मिक टेबल खरीदा जाएगा। इस टेबल पर किसी भी निर्माण प्रोजेक्ट के रियल लाइफ मॉडल को रखकर उस पर भूकंप की तरंगों से कंपन किया जाएगा। इससे पता लग सकेगा कि यह प्रोजेक्ट भूकंप का कितना बड़ा झटका झेल सकता है।

प्रयोगशाला का उपयोग कंसल्टेंसी के लिए भी होगा

- आरजीपीवी इस प्रयोगशाला का उपयोग कंसल्टेंसी के लिए भी करेगा। इस प्रयोगशाला के लिए जो उपकरण खरीदे जा रहे हैं उनमें से ज्यादातर की कीमत एक से तीन करोड़ तक है। पहले चरण की प्रयोगशाला अगले छह महीने में स्थापित हो जाएगी। इसके बाद दूसरा चरण पूरा करने में एक से डेढ़ साल लग जाएंगे।

माइक्रो जोनिंग स्तर पर तैयार होगा प्रदेश का मैप

- विभागाध्यक्ष डाॅ. भदौरिया के अनुसार इस प्रयोगशाला में भूकंप पर रिसर्च के लिए प्रदेश की माइक्रो जोनिंग की जाएगी। इसके तहत एक मैप तैयार किया जाएगा कि किस-किस स्थान पर अब तक भूकंप आ चुके हैं, रिक्टर स्केल पर उनकी तीव्रता क्या रही और कौन से स्थान संवेदनशील है। उनका कहना है कि विवि से संबद्ध इंजीनियरिंग कॉलेजों के जो रिसर्च स्कॉलर हैं उनके लिए भूकंप पर अध्ययन करने के लिए कोई प्रयोगशाला मध्यप्रदेश में नहीं है।

X
bridge can catch earthquake or not
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..