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व्यापमं महाघोटाला : सीबीआई तो पकड़ने में नाकाम, खुद सरेंडर कर रहे रसूखदार

दो महीने से ज्यादा वक्त बीत जाने के बाद भी सीबीआई किसी भी रसूखदार आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर पाई है।

Dainik Bhaskar

Feb 02, 2018, 06:42 AM IST
CBI fails to catch it, surrenders itself

भोपाल . प्री मेडिकल टेस्ट (पीएमटी) 2012 मामले में चालान पेश हुए दो महीने से ज्यादा वक्त बीत जाने के बाद भी सीबीआई किसी भी रसूखदार आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। सीबीआई को पीपुल्स ग्रुप के चेयरमैन सुरेश एन विजयवर्गीय, डायरेक्टर कैप्टन अंबरीश शर्मा, एलएन मेडिकल के जयनारायण चौकसे व इंडेक्स मेडिकल कॉलेज के सुरेश भदौरिया की तलाश है, लेकिन गिरफ्तारी किसी की भी नहीं हो सकी। अब सीबीआई ने आरोपियों के पासपोर्ट की जानकारी मांगी है। पासपोर्ट डिटेल लेकर विदेश मंत्रालय काे भेजी जाएगी ताकि कोई भी आरोपी देश के बाहर न जा सके। हालांकि बड़ा सवाल यह है कि जो आरोपी देश के बाहर जा चुके हैं उनके संबंध में क्या कार्रवाई होगी।

चालान में चार मेडिकल काॅलेजों के 26 कर्ताधर्ताओं के नाम

- पीपुल्स मेडिकल काॅलेज के चेयरमैन एसएन विजयवर्गीय, उनके दामाद कै. अंबरीश शर्मा, डीन वीके पांडे, मेंबर काॅलेज लेवल कमेटी एएन माशके, सीपी शर्मा, वीके रमन, पीडी महंत, एसके सरवटे, अतुल अहीर।

- इंडेक्स मेडिकल काॅलेज के चेयरमैन सुरेश सिंह भदौरिया, मेंबर काॅलेज लेवल एडमिशन कमेटी केके सक्सेना, पवन भारवानी, अरुण अरोरा, नितिन गोठवाल, जगत रॉवल।

- चिरायु मेडिकल काॅलेज भोपाल के चेयरमैन डॉ. अजय गोयनका, डीन वी मोहन, काॅलेज लेवल एड.कमेटी के डॉ. रवि सक्सेना, एसएन सक्सेना, वीएच भावसार, एके जैन, विनोद नारखेड़े, हर्ष सालनकर।

- एलएन मेडिकल काॅलेज के चेयरमैन जयनारायण चौकसे, एडमिशन इंचार्ज डीके सत्पथी, डीन डॉ. र्स्वणा बिसारिया गुप्ता शामिल हैं।

अब तक इनकी गिरफ्तारी

- सीबीआई ने 26 नवंबर को इंदौर से इंडेक्स मेडिकल कॅालेज के मेंबर अरुण अरोरा, 28 नवंबर को चिरायु मेडिकल कॉलेज के डीन वीरेंद्र मोहन, जबलपुर से एक रेकेटियर छितेंद्र कुशवाह सहित पांच अन्य छात्रों और रेकेटियर को गिरफ्तार किया। केवल दो रसूखदारों को गिरफ्तार किया है। सीबीआई सूत्रों की मानें तो कॅालेज मालिकों की तलाश में टीमें निरंतर प्रयास कर रहीं है, लेकिन आरोपियों का कोई सुराग नहीं मिल रहा है।

अदालत में अब तक इन्होंने किया सरेंडर
- सीबीआई के विशेष लोक अभियोजक सतीश दिनकर ने बताया कि अब तक अदालत में 125 से ज्यादा छात्र, छात्राओं, अभिभावकों और परीक्षा सेंटर से जुड़े लोगों की जमानत कोर्ट से हो चुकी है। इस मामले में चिरायु मेडिकल कॉलेज के डायरेक्टर डॉ. अजय गोयनका और यहां के तीन डाॅक्टर, पीपुल्स मेडिकल कॉलेज की डीन स्वर्णा बिसारिया गुप्ता सहित एक दर्जन लोग अदालत में सरेंडर करने के बाद से जेल में है।

आरोपी कोर्ट में उपस्थित नहीं हुए तो भगोड़ा घोषित कर संपत्ति होगी कुर्क
- सीबीआई धारा 82 के तहत अदालत में आवेदन पेश कर आरोपियों को कोर्ट में एक तारीख और समय पर पेश होने का आदेश करेगी। यदि आरोपी उपस्थित नहीं होते है तो उन्हें फरार घोषित कर उनके धारा 83 में फरार आरोपी को भगोड़ा घोषित करवाकर उसकी संपत्ति कुर्क करने की कार्रवाई भी की जा सकती है। फरार आरोपियों के पास गिरफ्तारी से बचने के लिए हाइकोर्ट और उसके बाद सुप्रीम कोर्ट जाने के रास्ता खुला हुआ है। खास बात यह कि 6 दिसंबर को हाईकोर्ट चिरायु के गोयनका, एलएन मेडिकल के चौकसे और डॉ. सत्पथी की अग्रिम जमानत अर्जी पर सीनियर एडवोकेट ने दलील दी थी कि जमानत दें, हम सहयोग के लिए तैयार हैं। इस पर चीफ जस्टिस हेमंत गुप्ता ने जमानत अर्जी नामंजूर करते हुए कहा था कि सहयोग करना है तो अब तक सरेंडर क्यों नहीं किया।

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CBI fails to catch it, surrenders itself
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