Hindi News »Madhya Pradesh »Bhopal »News» Center For Bhabha Started For Agri Startup

एग्री स्टार्टअप के लिए भोपाल में सेंटर शुरू, एक साल में 400 महिलाओं और युवाओं को बनाएंगे स्वावलंबी

ईंटखेड़ी फल अनुसंधान केंद्र में 1.30 करोड़ का प्रोजेक्ट; प्याज, लहसुन, टमाटर का पाउडर, जैम-जैली बनाना सिखाएंगे

Bhaskar News | Last Modified - Jan 26, 2018, 07:37 AM IST

  • एग्री स्टार्टअप के लिए भोपाल में सेंटर शुरू, एक साल में 400 महिलाओं और युवाओं को बनाएंगे स्वावलंबी

    भोपाल.एग्रीकल्चर से जुड़ा उद्योग शुरू करने के लिए भोपाल में एक सेंटर खुल गया है। ईंटखेड़ी में 1.30 करोड़ रुपए की लागत से फूड प्रोसेसिंग सेंटर स्थापित किया गया है। इसमें फ्रूट, वेजीटेबल वैल्यू एडेड प्रोडक्ट लैब भी बनाई गई है। इसमें टमाटर, प्याज और लहसुन के पाउडर सहित जैम, जैली, चिप्स, मसाले वगैरह बनाना सिखाया जाएगा।

    12 हजार से लेकर 4 लाख रुपए लागत तक की छोटी व बड़ी मशीनें लैब में स्थापित की गई हैं। इसका उद्देश्य ग्रामीण युवाओं व महिलाओं को कृषि उत्पादों के प्रसंस्करण की ट्रेनिंग देकर स्वावलंबी बनाना है। सालभर में ऐसे चार सौ लोगों को प्रशिक्षित करेंगे। मार्च से ट्रेनिंग का सिलसिला शुरू हो जाएगा। 54 एकड़ में फैले रिसर्च सेंटर के फार्म में नई बिल्डिंग में फल प्रसंस्करण केंद्र बनाया गया है। इसमें प्रोसेसिंग, पैकेजिंग की सुविधा भी है। नवंबर 2016 में इसका काम शुरू हुआ था। सितंबर 2017 में यह बनकर तैयार हो गया। प्रोजेक्ट इंचार्ज और वैज्ञानिक फूड साइंस डॉ. शालिनी चक्रवर्ती ने बताया कि राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत यह प्रोजेक्ट लॉन्च किया गया है। कृषि उत्पादन आयुक्त पीपी मीना, राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय के तत्कालीन कुलपति प्रो. एके सिंह, कुलपति डाॅ. एसके राव ने इस प्रोजेक्ट को लॉन्च किया है। प्रोजेक्ट इंचार्ज के मुताबिक यहां ग्रामीण इलाकों की महिलाओं व युवतियों के समूह को प्रशिक्षित करने को प्राथमिकता दी जाएगी।


    एक बैच में करीब 15 लाेग शामिल होंगे। एक हफ्ते की अवधि के एक महीने में एक से दो बैच को ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके दौरान मशीनों का डिमांस्ट्रेशन भी किया जाएगा।

    उद्देश्य : अपने ही उत्पादों से अधिक आय अर्जित करें
    फल, सब्जी मसालों की प्रोसेसिंग से जुड़ी तकनीक की जानकारी इसमें इस्तेमाल होने वाली मशीनों की जानकारी व ट्रेनिंग लेने के बाद महिलाएं एवं युवा किसान छोटे उद्योग एवं प्रोसेसिंग यूनिट अपने ही क्षेत्र में ही लगाकर अपने ही कृषि उत्पादों से अधिक आय अर्जित कर स्वावलंबी बन सकते हैं।

    होटल्स, शॉपिंग मॉल्स, आउटलेट्स में डिमांड
    प्रोजेक्ट इंचार्ज डॉ. शालिनी ने बताया कि प्याज, टमाटर, लहसुन के पाउडर की डिमांड बड़े होटल्स, शॉपिंग मॉल्स, रेस्त्रां और आउटलेट्स में है। प्याज की फसल की ज्यादा पैदावार होने पर किसानों लोकल लेवल पर ही फसल के सही दाम मिल जाएंगे। डॉ. शालिनी को पिछले महीने हुई नेशनल एग्री बिजनेस समिट में कृषि भूषण का अवार्ड मिल चुका है। उन्होंने फूड साइंस में पीएचडी किया है।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए Bhopal News in Hindi सबसे पहले दैनिक भास्कर पर | Hindi Samachar अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App, या फिर 2G नेटवर्क के लिए हमारा Dainik Bhaskar Lite App.
Web Title: Center For Bhabha Started For Agri Startup
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

More From News

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×