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मोबाइल फोन से हटा दें ट्रू कॉलर, रिपेयर कराया है तो फिर से न करें यूज: एक्सपर्ट

मुंबई हाईकोर्ट के वकील व साइबर लॉ एक्सपर्ट प्रशांत माली ने IPS अफसरों को दी सलाह।

Danik Bhaskar | Jan 20, 2018, 12:15 PM IST
करीना-शाहिद करीना-शाहिद

भोपाल। मुंबई हाईकोर्ट के वकील व साइबर लॉ एक्सपर्ट प्रशांत माली ने सलाह दी है कि यदि मोबाइल फोन पर ट्रू-कॉलर है तो उसे तुरंत हटाएं। यह प्राइवेसी पर सीधा हमला है, जो कभी भी नुकसान पहुंचा सकता है। उन्होंने उदारहण देते हुए कहा, कुछ साल पहले करीना कपूर और शाहिद कपूर का किस करने वाला वीडियो वायरल हुआ था, जिसे करीना का फोन मिला था, वीडियो उसने वायरल किया था।

- इंडिया लीगल समिट में 2017 के बेस्ट साइबर लायर का अवार्ड लेने वाले माली शुक्रवार को आईपीएस मीट में बोल रहे थे।
- उन्होंने सोशल मीडिया से आज और भविष्य में होने वाले क्राइम के साथ मोबाइल फोन पर डाउनलोड किए जा रहे नए सॉफ्टवेयर के खतरों को उदाहरणों के साथ बताया।
- इसके बाद कट्टरवाद में उदारता को लेकर एक्सपर्ट अतुल कुलकर्णी ने भी ताजा मामलों के साथ पुलिस अधिकारियों को उससे निपटने के तरीके बताए। ये हैं तकनीक के 7 बडे़ चैलेंज...

1- इससे प्राइवेसी भंग होती है...
-ट्रू कॉलर एप, रिपेयर मोबाइल से प्राइवेसी भंग इस एप में पहले से ही नंबर अपलोड रहते हैं। इससे प्राइवेसी भंग होती है। साथ ही मोबाइल रिपेयरिंग के लिए यदि दिया है तो आपका पिन नंबर या क्रेडिट कार्ड की डिटेल आदि सार्वजनिक हो सकती है।

2- चाइल्ड पोर्नोग्राफी डाउनलोडिंग पर खतरा
-चाइल्ड पोर्नोग्राफी डाउनलोड करने वालों को खतरा है। जैसे ही चाइल्ड पोर्नोग्राफी सर्च करते हैं तो सर्च इंजन गूगल को पता चल जाता है। यह धारा 67-बी में गैरजमानती अपराध है। सात साल की सजा और जुर्माना भी लगता है।

3- वायरल पिक्चर, वीडियो कैसे बनें सबूत
-लिव इन पार्टनर में से एक के पास मोबाइल में प्राइवेट वीडियो या पिक्चर हैं और वह उसे वायरल नहीं करता तो वह दोषी नहीं है। चुनौती इस बात की है कि यदि डाटा किसी तीसरे के पास जाता है और वायरल होता है तो दोषी कौन होगा?

4- आईपी एड्रेस पकड़ से बाहर
- आईपी एड्रेस साइबर क्राइम के लिए बड़ी चुनौती है। कई बार जांच में पता चलता है कि आईपी एड्रेस अमेरिका में है। ऐसी स्थिति में केस कब खत्म होगा, पता नहीं रहता। द्विपक्षीय अनुबंध के तहत आधा डाटा ही मिलता है।

5- एआई पर केस दर्ज करना मुश्किल
-आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस-रोबोटिक पर कैसे केस दर्ज होगा। यूएस में था तो एक ऐसा परिवार जो सिर्फ गाय का ही दूध पीता था। फ्रिज अत्याधुनिक था, दूध की बोतल खत्म हुई तो उसने अपनी समझ से ही दूध का ऑर्डर कर दिया जो पिग (सुअर) मिला हुआ था। यह आ भी गया। अब केस किस पर दर्ज होगा।

6- बिटकॉइन नया लीगल चैलेंज
-बिटकॉइन-क्रिप्टोकॉइन ये भी लीगल चैलेंज हैं। इसे मान्यता नहीं है, लेकिन यह वर्चुअल करंसी के रूप में फैल रही है। अहमदाबाद के एक रिटायर व्यक्ति अपना पैसा गंवा चुके हैं। बैंकर्स भी कई परेशान हैं।

7- नए-नए साफ्टवेयर से बचें
-नए-नए गंदे व खराब सॉफ्टवेयर का बिजनेस हो गया है। इनमें स्पाई सॉफ्टवेयर भी होते हैं। बीवियां इनका उपयोग शौहर पर नजर रखने के लिए करती हैं। पुलिस ऐसे सॉफ्टवेयर पर नजर रखें।

सोशल मीडिया से विघटन हो रहा विघटन
-लोगों को लगता है कि पुलिस सब कुछ कर सकती है, लेकिन उन्हें समझना होगा हमारी भी सीमाएं हैं। सोशल मीडिया हमारे लिए चुनौती है, लेकिन हमें इससे निपटते हुए समाज को विघटित होने से बचाना होगा। -ऋषि शुक्ला, पुलिस महानिदेशक