--Advertisement--

इंजीनियर ने बनाया ये खास लेडीज सेंडल, एक ठोकर से पहुंच जाएगा SMS

शहर के बीएससी सेकंड ईयर के छात्र ने सड़क सुरक्षा और एमटेक कर रहे इंजीनियरों ने महिला सुरक्षा के लिए बनाए अनोखे डिवाइस

Dainik Bhaskar

Jan 22, 2018, 05:33 AM IST
लेडीज सेंडल लेडीज सेंडल

भोपाल. शहर के युवा इंजीनियरों ने महिला सुरक्षा के लिए एक इनोवेशन किया है। स्मार्ट सेफ्टी सिस्टम फॉर वुुमन नाम के इस डिवाइस को जूते और सेंडल में लगाया जाता है। इसके जरिए किसी मुसीबत में होने पर चंद सेकंड में सेंडल में लगे डिवाइस में महज एक ठोकर मारकर सूचना पुलिस कंट्रोल रूम और परिजनों को दे सकते हैं।

यही नहीं, संदेश के साथ लोकेशन भी पहुंचेगी और सायरन भी बजेगा। इंजीनियर कपिल कुमार सोनी एमटेक फाइनल ईयर के छात्र हैं। उन्होंने अपने साथियों रिया रावत, दीपा मर्सकोले, प्रियंका चौकसे और श्रेयांस के साथ मिलकर करीब तीन महीने में यह डिवाइस तैयार किया है।

बटन नुमा वायरलेस सिस्टम

वायरलेस टेक्नोलॉजी पर आधारित इस सिस्टम का बटन नुमा एक हिस्सा सेंडल में लगा होता है जबकि, दूसरा महिला के पर्स में मौजूद रहता है। आपात स्थिति में महिला पैर से ठोकर मारकर उक्त बटन को दबा सकती है। इससे महज 30 सेकंड में एक मैसेज पुलिस कंट्रोल रूम व दूसरा पहले से दर्ज परिजन के मोबाइल नंबर पर चला जाएगा। साथ ही महिला के पर्स में रखे सिस्टम में सायरन की आवाज गूंजेगी।

जैसे-जैसे तेज होगी गाड़ी की स्पीड, बड़े होते जाएंगे नंबर प्लेट के डिजिट, रंग भी बदलेगा

पिछले साल यानी 2017 में शहर में सड़क हादसों में 244 लोग जान गंवा चुके हैं। सड़क दुर्घटनाओं में अक्सर तेज रफ्तार ही हादसे की मुख्य वजह होती है। दुर्घटना के बाद ज्यादातर वाहन चालक तेजी से भागने की कोशिश करते हैं। ऐसे लोग सामान्य नंबर प्लेट के नंबर नहीं पढ़ पाते हैं। इस समस्या का हल कॅरियर कॉलेज के बीएससी सेकंड ईयर के स्टूडेंट आदित्य पाराशर ने ढूंढ निकाला है। उन्होंने ऐसी नंबर प्लेट बनाई है, जिसमें वाहन की गति तेज करने पर नंबर प्लेट के डिजिट बढ़े होते जाते हैं और रंग भी बदल जाता है। आदित्य ने इससे पहले भी कई डिवाइस बनाए हैं। 2010 में डॉ. अब्दुल कलाम उन्हें पुरस्कृत भी कर चुके हैं।

इनोवेशन का डेमो, एक्सपर्ट ने की सराहना

आदित्य ने एएसपी ट्रैफिक महेंद्र जैन के सामने इनोवेशन का डेमो दिया। उन्होंने कहा कि कुछ सुधार के बाद इसका प्रस्ताव परिवहन समिति के माध्यम से आगे भेजेंगे। जैन ने सुझाव दिए कि डिजिट के रंगों का चयन सिग्नल के रंगों के मुताबिक हो। स्पीड लिमिट का डिस्प्ले भी मॉडल में हो।

तीन गुना बढ़ जाता है आकार

आदित्य ने बताया कि यह मॉडल बनाने का आइडिया एक दुर्घटना में टक्कर मारने वाले वाहन का नंबर नहीं मिलने पर आया। इस डिवाइस में उसमें डिजिट एलईडी से लिखे हैं। सामान्य गति होने पर ये दो इंच के आकार में सफेद रंग के नजर आते हैं। वाहन की स्पीड बढ़ने पर इनका रंग पीला हो जाता है व आकार मध्यम। स्पीड निर्धारित लिमिट से अधिक होते ही इसका आकार सबसे बड़ा व रंग लाल हो जाता है।

आगे की स्लाइड्स में देखें फोटोज...

लेडीज सेंडल जिसमें स्विच लगा है। लेडीज सेंडल जिसमें स्विच लगा है।
स्टूडेंट को मिला सर्टिफिकेट। स्टूडेंट को मिला सर्टिफिकेट।
एसपी ट्रैफिक महेंद्र जैन के सामने इनोवेशन का डेमो दिया। एसपी ट्रैफिक महेंद्र जैन के सामने इनोवेशन का डेमो दिया।
एसपी ट्रैफिक महेंद्र जैन के सामने इनोवेशन का डेमो दिया। एसपी ट्रैफिक महेंद्र जैन के सामने इनोवेशन का डेमो दिया।
X
लेडीज सेंडललेडीज सेंडल
लेडीज सेंडल जिसमें स्विच लगा है।लेडीज सेंडल जिसमें स्विच लगा है।
स्टूडेंट को मिला सर्टिफिकेट।स्टूडेंट को मिला सर्टिफिकेट।
एसपी ट्रैफिक महेंद्र जैन के सामने इनोवेशन का डेमो दिया।एसपी ट्रैफिक महेंद्र जैन के सामने इनोवेशन का डेमो दिया।
एसपी ट्रैफिक महेंद्र जैन के सामने इनोवेशन का डेमो दिया।एसपी ट्रैफिक महेंद्र जैन के सामने इनोवेशन का डेमो दिया।
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..