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ओले से बर्बाद फसल देख किसान को आया अटैक, खेत से खाट पर उठाकर लाए

ओलावृष्टि से फसल बर्बाद के सदमें से जौध गांव के एक किसान को खेत पर अटैक आ गया।

Dainik Bhaskar

Feb 15, 2018, 04:47 AM IST
खेत में फसल देखने गया था किसान। खेत में फसल देखने गया था किसान।

बीना (सागर). बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि किसानों के लिए आफत बन गई है। ओलावृष्टि से फसल बर्बाद के सदमें से जौध गांव के एक किसान को खेत पर अटैक आ गया। लोग उसे खाट पर मुख्य सड़क तक लाए फिर सिविल अस्पताल लेकर आए जहां से सागर रैफर कर दिया गया है। डाॅ. ने किसान को सदमा बैठने से माइनर अटैक आना बताया है। फसलों को देखर बेहोश होकर गिर पड़ा...


- सिरचौपी पुलिस चौकी क्षेत्र के जाैध गांव का किसान बुद्दे सिंह रजक 55 साल के हैं। वे बुधवार सुबह जौध और बम्हौरी दुर्जन गांव सीमा पर के पास अपने खेत गया था।

- उसने फसलों को देखा और वहीं बेहोश होकर गिर पड़ा। बम्हौरीदुर्जन के किसान रमाशंकर श्रीधर ने बताया कि वे सुबह 9 बजे अपना खेत देखने गए थे।

- बंधान से होकर गुजर रहे थे, तभी देखा कि बुद्दे सिंह खेत की मेड़ पर बेहोश होकर पड़ा है। वह एक हाथ में गेहूं व मसूर की बर्बाद फसल लिए हुए था।

- उसे बेहोश पड़ा देख वे रेलवे गेट नंबर 10 गए और वहां मौजूद बली, रामसिंह आदि लोगों को बताया।

- उनके साथ अन्य किसान पहुंचे और खेत से सड़क तक खाट पर लाए फिर 108 की मदद से उसे अस्पताल में भर्ती कराया।

- कुछ देर बाद पूर्व जनपद अध्यक्ष इंदर सिंह ठाकुर भी अस्पताल पहुंच गए और अधिकारियों को सूचना दी, लेकिन समय पर कोई भी अधिकारी नहीं पहुंच सका।

- शहर पटवारी राजेश शर्मा और बाद में आरआई प्रेमप्रकाश गोस्वामी, अखिलेश तिवारी पहुंचे। आरआई गोस्वामी ने हालात को देखते हुए किसान के इलाज के लिए 2000 रूपए दिए और सागर भी बात की।

- रमाशंकर ने बताया कि मौका पर ही डायल 100 एवं 108 वाहन को सूचना दी। साथ ही किसान नेता पूर्व जनपद अध्यक्ष इंदर सिंह ठाकुर को बताया। करीब एक घंटे बाद डायल 100 एवं 108 वाहन पहुंचा। चूंकि खेत तक वाहन जाने के लिए रास्ता नहीं था।

- इस पर सभी ने पहले किसान बुद्दे को खाट पर लिटाया और फिर रोड तक लेकर आए फिर 108 वाहन से अस्पताल लेकर आए। डांक्टर ने चेकअप किया और हालत गंभीर होने पर सागर रैफर कर दिया। डांक्टर किसान को सदमा बैठने से माइनर अटैक आना बता रहे हैं।

बीना अस्पताल में न ईसीजी न शुगर जांच की सुिवधा
- अस्पताल में भर्ती किसान की जांच करने के लिए ईसीजी मशीन भी नहीं मिल सकी। डांक्टर ने शुगर की जांच करने कहा तो पता चला पैथोलॉजी बंद है।

- इंदर के विरोध करने पर डांक्टरों ने प्राइवेट अस्पताल से ईसीजी मशीन मंगाकरजांच के बाद सागर रैफर कर दिया।

- मालूम हो कि बीना की अस्पताल को भले ही सिविल अस्पताल का दर्जा मिला हो लेकिन सुविधाओं के नाम पर कुछ भी नहीं है। यहां हर दिन बड़ी संख्या में मरीज आते हैं लेकिन सुविधा नहीं मिलने से सागर रैफर कर दिया जाता है।

- तहसीलदार ने कहा जानकारी लगने पर अस्पताल पहुंच कर हालात जाने है। किसान को शासन से जो मदद मिल सकती है दिलाई जाएगी।

फसल को देखकर खेत में ही आ गया अटैक। फसल को देखकर खेत में ही आ गया अटैक।
खाट पर लेकर आते ग्रामीण। खाट पर लेकर आते ग्रामीण।
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खेत में फसल देखने गया था किसान।खेत में फसल देखने गया था किसान।
फसल को देखकर खेत में ही आ गया अटैक।फसल को देखकर खेत में ही आ गया अटैक।
खाट पर लेकर आते ग्रामीण।खाट पर लेकर आते ग्रामीण।
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