--Advertisement--

सीहोर जिले के 20 गांवों के किसान भूख हड़ताल पर बैठे, तहसील में गुजारी रात

सौ से अधिक गांवों में तबाही मचाई और किसानों की कई महीनों की मेहनत पर पानी फेर दिया।

Dainik Bhaskar

Feb 13, 2018, 04:43 AM IST
Farmers of Sehore district sitting on hunger strikes

भोपाल. रविवार को हुई ओलावृष्टि और तेज बारिश ने सीहोर जिले के सौ से अधिक गांवों में तबाही मचाई और किसानों की कई महीनों की मेहनत पर पानी फेर दिया। विदिशा जिले के 68 गांवों में और रायसेन जिले के 50 से अधिक गांवों में ओलावृष्टि से फसल आड़ी हो गई। वहीं, अशोकनगर जिले के मुंगावली क्षेत्र के 40 गांवों में सोमवार शाम को ओलावृष्टि से फसल को नुकसान पहुंचा है। बैतूल, हरदा और हांशंगाबाद में प्रशासन ने सर्वे के आदेश दे दिए हैं। उधर, शिवपुरी, दतिया व भिंड के 10 गांवों में सोमवार शाम को चने के आकार के ओले गिरे।


- सीहोर जिले के नसरुल्लागंज तहसील के 20 गांवों के किसान सोमवार शाम को तहसील कार्यालय पहुंचे और उन्होंने नारेबाजी की। किसान तहसील कार्यालय में भूख हड़ताल पर बैठ गए।

- उन्होंने रात भी वहीं गुजारी। किसानों का कहना था कि सीएम खुद आएं और हमारे नुकसान को देखें। किसानों की मांग है कि फसल नुकसान का उन्हें सौ फीसदी मुआवजा दिया जाए।

- किसानों का आरोप था कि एसडीएम ने अभद्रता भी की है। एसडीएम व्यवहारिक पक्ष को सुनने को तैयार नहीं थे।

नसरुल्लागंज तहसील कार्यालय में गुजारी रात

- प्रारंभिक सर्वे में 62 गांवों में नुकसान हुआ है। सबसे अधिक प्रभावित गांव नसरुल्लागंज में हैं - जिनकी संख्या 40 है।
अवनीश चतुर्वेदी, उप संचालक कृषि

X
Farmers of Sehore district sitting on hunger strikes
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..