भोपाल

--Advertisement--

धान के कम रेट पर भड़के किसान, 3 घंटे भोपाल-सागर हाईवे पर लगाया जाम

कंपनी और स्थानीय व्यापारियों के बीच ज्यादा भाव लगाने को लेकर कहासुनी हो गई।

Dainik Bhaskar

Dec 14, 2017, 06:25 AM IST
Farmers thrash at low rates of paddy, stuck highway

रायसेन. कृषि उपज मंडी में बुधवार को धान की खरीदारी करने वाली बाहर की कंपनी और स्थानीय व्यापारियों के बीच ज्यादा भाव लगाने को लेकर कहासुनी हो गई। इसके बाद व्यापारियों ने नीलामी बंद कर दी। नीलामी बंद होने के बाद धान बेचने के लिए आए किसान आक्रोशित हो गए अौर वे भोपाल-सागर हाईवे पर पहुंच गए। उन्होंने हाईवे पर ट्रैक्टर-ट्रॉलियां खड़ी कर जाम लगा दिया। इससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। जाम में स्कूली बसें भी फंसी रही। लंबे समय तक जाम नहीं खुलने की स्थिति में क्राइम मीटिंग में जिलेभर से आए 20 थाना प्रभारी और छह एसडीओपी को मौके पर भेजा गया। बाद में अफसरों की समझाइश पर दोपहर 12.30 बजे से लगा जाम तीन घंटे बाद खुल सका। वाहनों की आवाजाही शुरू हो सकी।


- नीलामी के दौरान एक निजी कंपनी के प्रतिनिधि ने धान का रेट 2800से 3100 रुपए लगाकर धान खरीदना शुरू कर दिया। वहीं स्थानीय व्यापारी 2400 से 2700 रुपए तक ही रेट लगा रहे थे। ज्यादा रेट लगाए जाने को लेकर स्थानीय व्यापारियों से उसकी कहासुनी हो गई।

- वहीं किसान भी वाजिब दाम नहीं मिलने पर भड़क गए। किसानों का आरोप था कि व्यापारी उनकी उपज का सही दाम नहीं दे रहे। बाद में मंडी में धान के रेट रोजाना तय होने और भाव सूचना पटल चस्पा होने का आश्वासन मिलने के बाद ही किसानों ने जाम समाप्त किया।

- बालाखेड़ी के किसान हरिप्रकाश मीणा ने बताया कि नीलामी के दौरान बाहर के व्यापारी 2800 से 3100 रुपए तक के भाव से धान खरीद रहे थे, लेकिन स्थानीय व्यापारियों को उक्त भाव लगाना बुरा लगा और वे नीलामी छोड़कर चले गए, जिससे नीलामी बंद हो गई।

- इस कारण उन्हें विरोध जताने के लिए सड़क पर आना पड़ा। सरकार द्वारा धान को भावांतर योजना में शामिल नहीं किया गया है, जबकि धान का समर्थन मूल्य 1700 रुपए तय किया गया है।

रोजाना रेट तय करेंगे
- किसानों को धान का उचित दाम मिल सके, इसके लिए धान की क्वालिटी के अनुसार रोजाना रेट तय कर उस आधार पर खरीदी कराई जाएगी, ताकि किसानों को धान के अच्छे भाव मिल सकें।
वरुण अवस्थी, एसडीएम, रायसेन

X
Farmers thrash at low rates of paddy, stuck highway
Click to listen..