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बेटी की मौत पर पिता का दर्द, जो मांगा, दिया, फिर भी दिल की बात छिपा गई

पंजाब मेल से कटकर खुदकुशी करने वाली लड़की पीडब्ल्यूडी के एडिशनल डायरेक्टर (वित्त सेवा) की बेटी थी।

Danik Bhaskar | Dec 02, 2017, 04:00 AM IST

भोपाल. हबीबगंज स्टेशन के प्लेटफार्म-4 पर पंजाब मेल से कटकर खुदकुशी करने वाली युवती पीडब्ल्यूडी के एडिशनल डायरेक्टर (वित्त सेवा) की बेटी थी। जर्मनी में पढ़ाई करने के बाद वह जॉब की तलाश में थी, लेकिन सवा महीने बाद भी जॉब नहीं मिलने के कारण डिप्रेशन में आ गई। यह बयान जीआरपी हबीबगंज को युवती के पिता ने दिए हैं। हालांकि, सुसाइड नोट नहीं मिला, जिस कारण खुदकुशी की असल वजह सामने नहीं आ सकी है। पिता का दर्द...

- जैसा गीतिका के पिता राजेंद्रनाथ मिश्रा ने दैनिक भास्कर को बताया, दोनों बेटियों को कभी किसी चीज की कमी नहीं होने दी।

- गीतिका ने इंजीनियरिंग करने के बाद जर्मनी जाकर जर्मन भाषा में कोर्स करने की इच्छा जताई थी। वह भी मैंने करवाया।

- उसकी हिंदी, इंग्लिश और जर्मन तीनों भाषाओं पर जबरदस्त पकड़ थी। वह कहती थी पापा मुझे आगे बढ़ना है।

- कुछ करके दिखाना है, लेकिन भोपाल आने के बाद जॉब न मिलने से वह तनाव में थी।

- मैंने उसे समझाया था कि बेटा कोई बात नहीं है। अपनी कोशिश जारी रखो, एक दिन कामयाबी तुम्हारे कदम चूमेगी।

- बच्चियों ने जो मांगा हमने दिया, फिर भी वह अपने दिल की बात मुझसे छिपा गई।

- उसने कभी तो बताया होता, मैं अपनी बेटी को यूं न जाने देता। जॉब, जिंदगी से बड़ी थोड़े ही है। बहुत कुछ है करने के लिए। बेटी, मेरी तो जिंदगी ही उजड़ गई।’

सवा महीने पहले ही लौटी थी गीतिका

- परिजनों के मुताबिक गीतिका ने भोपाल के एक निजी कॉलेज से जर्मन भाषा में ढाई साल का डिप्लोमा कोर्स किया था।

- उसके बाद जर्मन भाषा में सी-2 और सी-3 कोर्स के लिए गीतिका जर्मनी के बर्लिन चली गई थी।

- वहां से कोर्स पूरा करने के बाद वह 25 अक्टूबर 2017 में भोपाल लौट आई थी।

- गुरुवार को रात तक घर नहीं लाैटने पर परिजनों ने उसे फोन किया था, लेकिन उसका नंबर स्विच ऑफ था।

- उसे फोन रिचार्ज करवाना था, लेकिन जीआरपी को मौके से फोन नहीं मिला है।