--Advertisement--

महिला ASI ने रेलवे ठेकेदार से ठगे 26 लाख, पार्किंग ठेके में पार्टनरशिप का दिया था लालच

पुलिस मुख्यालय की स्पेशल ब्रांच में पदस्थ एक सब इंस्पेक्टर ने पिता के साथ मिलकर एक ठेकेदार से करीब 26 लाख रुपए ठग लिए।

Danik Bhaskar | Dec 10, 2017, 06:11 AM IST

भोपाल। पुलिस मुख्यालय की स्पेशल ब्रांच में पदस्थ एक सब इंस्पेक्टर ने पिता के साथ मिलकर एक ठेकेदार से करीब 26 लाख रुपए ठग लिए। सब इंस्पेक्टर ने ठेकेदार को भोपाल रेलवे स्टेशन पर बाइक और कार पार्किंग के ठेके में बराबर की हिस्सेदारी देने का लालच देकर 26 लाख रुपए के तीन डिमांड ड्राफ्ट हासिल किए थे। इसके बाद आरोपियों ने ठेकेदार को पहचानने से इंकार कर दिया। गोविंदपुरा पुलिस ने जांच के बाद आरोपी बाप-बेटी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है।

दोनों के बीच पार्टनरशिप की हुई थी बात

- गोविंदपुरा पुलिस के मुताबिक इंडस टाउन, होशंगाबाद रोड निवासी राहुल चतुर्वेदी (32) रेलवे और नगर निगम के पार्किंग ठेके लेते हैं। मूलत: सुराना कॉलोनी बरबाहा जिला खरगोन निवासी अर्चना नागर पुलिस मुख्यालय की स्पेशल ब्रांच में सब इंस्पेक्टर हैं।

- अर्चना और उनके पिता बसंत कैलाश नारायण ने राहुल से मोबाइल फोन पर संपर्क किया था। दोनों ने उसे अपने साथ रेलवे में पार्किंग का ठेका बराबर की पार्टनरशिप में करने का कहा था। इसके बाद राहुल की दोनों से तीन-चार बार मुलाकात हुई। इस दौरान उन्होंने राहुल को विश्वास में लेकर ठेके की एडवांस तिमाही लाइसेंस फीस जमा करने के नाम पर डिमांड ड्राफ्ट बनवाकर लाने को कहा।

- राहुल ने अगस्त में 26 लाख 23 हजार 980 रुपए के रेलवे के नाम तीन डिमांड ड्राफ्ट दिए थे। डिमांड ड्राफ्ट लेने के बाद अर्चना ने दस दिन बाद मिलने को कहा। जब राहुल 5 सितंबर को अर्चना और उनके पिता से मिला तो उन्होंने मिलने में आनाकानी की।
- बताया गया है कि राहुल जब 6 सितंबर को अर्चना और उनके पिता से मिलने रेलवे स्टेशन पहुंचे तो पता चला कि बाप-बेटी ने मिलकर किसी राजेंद्र सिंह राजपूत को पार्टनर बनाकर ठेका हासिल कर लिया है। इसके बाद जब राहुल ने दोनों से बात करनी चाही तो उन्होंने उसे पहचानने से इंकार कर दिया। घटना के बाद राहुल ने आरोपी बाप-बेटी के खिलाफ धोखाधड़ी की शिकायत की थी। पुलिस ने जांच के बाद दोनों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

पहले भी विवादों में रहीं हैं सब इंस्पेक्टर
- एसआई अर्चना पहले भी विवादों में घिरी रहीं हैं। वे चार सालों तक निलंबित रहीं। इसके अलावा भोपाल रेलवे स्टेशन की पार्किंग में एक रेलवे कर्मचारी से मारपीट के बाद उसके खिलाफ केस दर्ज हुआ था।

- पार्किंग ठेकेदार राजेंद्र सिंह राजपूत ने भी 9 दिसंबर को सीएसपी गोविंदपुरा को अर्चना और उसके पिता के खिलाफ 13 लाख की धोखाधड़ी के संबंध में लिखित शिकायत की है। एसआई अर्चना और उसके पिता ने रेलवे की पार्किंग में बराबर की पार्टनरशिप झांसा देकर 12.82 लाख रुपए का एफडीआर लिया था।