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पहली-दूसरी क्लास के स्टूडेंट्स को नंबर नहीं, अब एक-दो या तीन ‘स्माइली’ मिलेंगे

बच्चों में परीक्षा का डर खत्म करने के लिए राज्य शिक्षा केंद्र का नया प्रयोग

Danik Bhaskar | Jan 24, 2018, 07:27 AM IST
डेमोफोटो डेमोफोटो

भोपाल. सवा लाख शासकीय स्कूलों के पहली और दूसरी कक्षा के बच्चों को फाइनल परीक्षा के बाद अब कम या ज्यादा नंबर देखकर निराश नहीं होना पड़ेगा। उन्हें रिपोर्ट कार्ड में अब मुस्कुराते चित्र मिलेंगे। आज के सोशल मीडिया के दौर में उन्हें ‘स्माइली’ कहा जाता है। यदि किसी की परफॉर्मेंस खराब है या सुधार की जरूरत है तो एक ‘स्माइली’, किसी की औसत से अच्छी है तो दो और कोई छात्र सीख चुका है तो उसे तीन ‘स्माइली’ मिलेंगे।

ये ‘स्माइली’ तीन विषयों अंग्रेजी, गणित और हिंदी के लिए ही मिलेंगे। पहली बार यह प्रयोग किया जा रहा है। राज्य शिक्षा केंद्र के संचालक लोकेश कुमार जाटव की ओर से तमाम कलेक्टर को कहा गया है कि वो मूल्यांकन के साथ पहली-दूसरी कक्षा के लिए किए जा रहे बदलाव के इस कार्यक्रम को लागू कराएं। ‘स्माइली’ के साथ बच्चों का नए तरीके से वार्षिक रिपोर्ट कार्ड तैयार किया जाएगा, जिसमें चार पेज होंगे। पहले पन्ने पर संबंधित बच्चे की सामान्य जानकारी रहेगी। चौथे पन्ने में क्वालिटी का जिक्र होगा। इसमें बताया जाएगा कि व्यक्तिगत व सामाजिक गुणों में बच्चा कैसा रहा। किन लर्निंग आउटकम्स पर बच्चे का प्रयास कैसा था। विषयवार शिक्षक द्वारा अभ्यास कराकर उसकी स्थिति में सुधार किया जाएगा। बीच के दो पन्नों में रिजल्ट रहेगा। नए रिपोर्ट कार्ड की एक प्रति स्कूल को अपने पास भी रखनी पड़ेगी।

मूल्यांकन में ये बदलाव भी

- प्राथमिक (पहली से पांचवीं) व पूर्व माध्यमिक (कक्षा छठवीं से आठवीं) के मूल्यांकन के भी कुछ कार्यक्रम बनाए गए हैं। मसलन परीक्षा के टाइम-टेबल को स्कूल के बाहर नोटिस बोर्ड पर चस्पा किया जाएगा।
- पहली से दूसरी कक्षा के विद्यार्थियों की तीन विषयों अंग्रेजी, हिंदी और गणित की परीक्षा वर्कबुक के आधार पर हो। जिनकी वर्कबुक नहीं है, उसमें स्कूल स्तर से ही प्रश्नपत्र बनाए जाएं।
- तीसरी-चौथी की परीक्षा सुबह 11.30 बजे से दोपहर 2 बजे तक, छठवीं-सातवीं की सुबह 11.30 बजे से दोपहर 2.30 बजे तक ली जाए। आठवीं की परीक्षा सुबह 8 से दोपहर 11 बजे तक होनी चाहिए।
- कक्षा एक से चार और छठवीं-सातवीं की उत्तर पुस्तिका का मूल्यांकन, रिजल्ट और डाटा बनाने का काम स्कूल स्तर पर हो। पांचवी और आठवीं के उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन वहां स्थिति मूल्यांकन केंद्र पर किया जाए।
- कक्षा एक से आठवीं तक रिजल्ट की घोषणा 30 अप्रैल से पहले की जाए।
- वार्षिक परीक्षा में शामिल सभी बच्चों को अगली कक्षा में प्रवेश दिया जाए। एक अप्रैल से नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत हो। जो बच्चे गैर हाजिर रहे हैं, उनकी परीक्षा व मूल्यांकन स्कूल स्तर पर ही अप्रैल या जून में किया जाए।