भोपाल

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एक गरीबों के फ्री लड़ता है केस, तो दूसरा मुफ्त में सिखा रहा कराटे

दो उत्साही अपने जोश, जज्बे और जिद से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के प्रयासों में जुटे हुए हैं।

Danik Bhaskar

Jan 29, 2018, 05:02 AM IST

भोपाल. अलग-अलग क्षेत्रों में काम करने वाले नगर के दो उत्साही अपने जोश, जज्बे और जिद से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के प्रयासों में जुटे हुए हैं। उनके ये प्रयास अब धरातल पर दिखाई भी देने लगे हैं। एक वकील निर्धन असहाय वंचितों का बिना फीस लिए केस लड़कर न्याय दिला रहा है, तो दूसरा बधिर होते हुए भी मुफ्त में कराटे की कोचिंग देकर आत्मरक्षा के गुर सिखाने में जुटा हुआ है। इनके उत्कृष्ट और सराहनीय कार्य समाज की न सिर्फ दशा बदल रहे हैं, बल्कि समाज को नई ऊर्जा और दिशा भी दिखा रहे हैं।

फीस के बदले लोगों से मिलती है दुआ-आशीष

- पैसे कमाने की आपाधापी में लोग अपनों के साथ रिश्ते नातेदारों से दूर होते जा रहे हैं। ऐसे में पेशे से एक वकील बेसहारा गरीब और असहायों के कोर्ट केस बिना फीस लिए लड़कर उन्हें न्यास दिलाने में जुटा हुआ है।

- ये शख्स हैं नगर के वार्ड 23 की महावीर कॉॅलोनी निवासी एड. हिम्मत सिंह मीणा। सात साल के कॅरियर में वे अब तक दर्जनों लोगों के बिना फीस लिए गौहरगंज अदालत में केस लड़ चुके हैं। यहां तक कि वे कोर्ट फीस तक अपनी जेब से भरते हैं।

- वे बताते हैं कि किसी पीड़ित को इंसाफ दिलाकर उन्हें दिली खुशी मिलती हैं। फीस के बदले उन्हें लोगों से दुआ आशीष मिलती है। वे भगवान को धन्यवाद ज्ञापित करते हैं कि ईश्वर ने उन्हें इस काबिल बनाया कि वे दूसरों की परेशानियां और दुख दूर कर सकें। इससे बढ़कर जीवन में और क्या चाहिए। महीने में अन्य दूसरे केस इतने मिल जाते हैं कि परिवार का भरण पोषण आसानी से हो जाता है।

मेहनत से सीखी कला, लेकिन दूसरों को फ्री सिखा रहे

- अगर मन में कुछ करने की इच्छा हो तो कुछ भी असंभव नहीं। यह बात कराटे कोच सुंदरलाल लौवंशी पर सटीक बैठती है। सुंदर बधिर है। कम सुनाई देने के बाद भी उसने इसको अपनी राह में रोड़ा नहीं बनने दिया। वे बताते हैं कि गरीब परिवार में जन्म हुआ। बचपन से ही कराटे सीखना चाहते थे, मगर फीस चुकाने के लिए पैसे नहीं होते थे।

- ऐसे में वे कराटे की कोचिंग लेने के लिए 25 किमी दूर साइकिल से भोपाल जाते थे। छोटा-मोटा काम कर जैसे-तैसे फीस की जुगाड़ करते थे। उन्होंने जिद को पूरा करने बचपन में मेहनत कर यह कला सीखी। नगर का यह उत्साही युवा खिलाड़ियों को इस खेल की नि:शुल्क कोचिंग देता है।

- खिलाड़ी तैयार करने का उनका यह सिलसिला 15 सालों से चल रहा है। वे अब तक सैकड़ों खिलाड़ी तराश राज्य और राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में अवसर दिलवा चुके हैं। जबकि 30से अधिक खिलाड़ी तो इंटरनेशनल टूर्नामेंट तक खेल चुके हैं।

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