Hindi News »Madhya Pradesh »Bhopal »News» Gangsters In The List Of Aishbagh And Jahangirabad Polices Punk List

​जानलेवा लापरवाही : 25 गुंडों के नहीं भरे बॉन्ड 11 नवंबर से जुबेर मौलाना को देखा तक नहीं

ऐशबाग और जहांगीराबाद थाने की गुंडा सूची में 177 गुंडे और निगरानी की सूची में 87 बदमाश हैं।

Bhaskar News | Last Modified - Dec 03, 2017, 05:40 AM IST

​जानलेवा लापरवाही : 25 गुंडों के नहीं भरे बॉन्ड 11 नवंबर से जुबेर मौलाना को देखा तक नहीं

भोपाल .ऐशबाग और जहांगीराबाद थाने की गुंडा सूची में 177 गुंडे और निगरानी की सूची में 87 बदमाश हैं। इन 264 बदमाशों में से 25 ऐसे हैं, जिनका मुहिम चलने के बाद भी बाॅन्ड ओवर नहीं भरवाया गया। ये जानलेवा लापरवाही तब उजागर हुई, जब एक कुख्यात गुंडे की वजह से एक बेकसूर की खुदकुशी के बाद डीआईजी की स्पेशल टीम ने इन दोनों थानों का औचक निरीक्षण किया। नौ सदस्यीय टीम को ऐशबाग में एक और बड़ी गड़बड़ी मिली।

- पता चला कि बदमाश जुबेर मौलाना से पुलिस ने अपराध न करने का बॉन्ड तो भरवाया, लेकिन 11 नवंबर के बाद से उसे चेक ही नहीं किया।

- उसका खर्च कैसे चल रहा है, इसकी भी जानकारी नहीं जुटाई गई। वह अशोका गार्डन निवासी मनोज सिंह को परेशान करता रहा।

- इसके चलते बीते बुधवार को मनोज ने खुदकुशी कर ली। अशोका गार्डन पुलिस उस तक पहुंचती, इसके पहले ही वह फरार हो गया।

थाना प्रभारी और बीट प्रभारी को नोटिस

- जुबेर को लेकर बरती गई लापरवाही सामने आने के बाद डीआईजी संतोष कुमार सिंह ने ऐशबाग थाने के प्रभारी नागेंद्र शुक्ला और बीट प्रभारी नर्मदा उइके को नोटिस जारी किए हैं।

- हवलदार प्रेमनारायण की एक साल की वेतनवृद्धि इसलिए रोकी गई, क्योंकि उन्होंने आरोपी को प्रॉपर चेक नहीं किया।

- डीआईजी का कहना है कि न प्रभारी ने अपनी बीट में रह रहे बदमाश की सही मॉनिटरिंग की और न ही थाना प्रभारी ने इस गड़बड़ी को पकड़ा।

- उन्हें चाहिए था कि दिन में कभी भी पहुंचकर उसे चेक करें। सेट पैटर्न पर चेक करने के कारण कोई भी बदमाश उस वक्त घर पर ही मिलेगा। अचानक यदि चेकिंग की जाए तो उसकी करतूत सामने आ सकेगी।

हर थाने में जाएगी टीम
- डीआईजी ने बताया कि एक सूबेदार के नेतृत्व में बनी यह टीम किसी भी थाने में जाकर पुराने बदमाशों के खिलाफ मिले आवेदन और कार्रवाई का ब्यौरा जुटाएगी।

- ये भी देखा जाएगा कि किसी बदमाश को लेकर थाना प्रभारी या स्टाफ नर्म रवैया तो नहीं रखता। टीम जिस भी थाने में जाएगी उस संभाग के एएसपी को सुपरविजन करना होगा।

गुंडा या बदमाश कौन
- गुंडा सूची में उन्हीं बदमाशों को शामिल किया जाता है, जिन्होंने शरीर को नुकसान पहुंचाने वाले दो या उससे ज्यादा अपराधों को अंजाम दिया है।

- निगरानी बदमाशों की सूची में दो या दो से अधिक संपत्ति संबंधी अपराध करने वाले बदमाशों का नाम जोड़ा जाता है।

- अमूमन गुंडा सूची में शामिल होने के बाद ही किसी बदमाश को निगरानी बदमाश घोषित किया जाता है।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From News

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×