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यहां हनुमान जी है आॅर्थोपेडिक स्पेशलिस्ट, दवाई खिला पंडित जोड़ देते हैं हडि्डयां

मोच हो या फिर हड्‌डी में क्रेक, मंदिर से मिली दवा खाने से दर्द गायब हो जाता है।

Danik Bhaskar | Dec 20, 2017, 03:02 AM IST
मध्य प्रदेश के दमोह जिले के मोहास स्थित मंदिर के बारे में ऐसी मान्यता है कि यहां हनुमानजी लोगों की टूटी हड्डी का इलाज करते हैं। मंदिर आने वाले पीड़ित व्यक्ति को यहां दी गई दवाई खाते ही आराम मिल जाता है। इसलिए अब लोग 'आॅर्थोपेडिक स्पेशलिस्ट' भी कहते हैं। मध्य प्रदेश के दमोह जिले के मोहास स्थित मंदिर के बारे में ऐसी मान्यता है कि यहां हनुमानजी लोगों की टूटी हड्डी का इलाज करते हैं। मंदिर आने वाले पीड़ित व्यक्ति को यहां दी गई दवाई खाते ही आराम मिल जाता है। इसलिए अब लोग 'आॅर्थोपेडिक स्पेशलिस्ट' भी कहते हैं।

दमोह (मध्य प्रदेश). शहर के कुम्हारी से 12 किमी दूर कटनी दमोह रोड के पास मोहास में हनुमान मंदिर है। इस मंदिर से लोगों की अद्भुत आस्था जुड़ी हुई है। कहते हैं इस मंदिर में टूटी हुई हड्डियां अपने आप जुड़ जाती हैं। यहांं टूटी हुई हड्डियां हनुमान जी कृपा से जुड़ जाती है। हर मंगलवार को यहां पर मरीजों की भीड़ लगती है। हर कई लोग दवा के लिए आते हैं। आस्था के इस मंदिर में हर दिन आसपास के अलावा दूर-दूर तक के लाेग यहां पहुंचते हैं और दवा खाने के बाद स्वयं चलते हुए जाते हैं। आर्थोपेडिक स्पेशलिस्ट हैं हनुमान जी...

- इस मंदिर के पंडा सरमन पटेल 75 साल के हो गए हैं। वे ही दवाई देने का काम करते हैं। वे 40 साल से ऐसा कर रहे हैं। मंदिर पहुंचने पर सभी को आंखें बंद करके राम नाम जपने के लिए कहते हैं। जब भक्त आंखें बंद करते हैं तो वे पीड़ितों को कोई दवाई खिलाते हैं।

- वे पीड़ित को पत्तियों और जड़ की बनी अौषधि देते हैं अौर उसे खूब चबाकर खाए जाने की सलाह देते हैं। अौषधि खाने के बाद सभी को घर भेज दिया जाता है। कहा जाता है कि इस अौषधि अौर हनुमानजी के आशीर्वाद से हड्डियां अपने आप जुड़ जाती है।

- आमतौर पर मंदिर में हर रोज अौषधि दी जाती है। लेकिन मंगलवार के दिन इसके लिए विशेष रुप से निर्धारित है। मंदिर में अौषधि के लिए कोई राशि निर्धारित नहीं है। भक्त गोविंद पटेल ने बताया कि कुछ दिनों पहले उनकी पैर फ्रैक्चर हो गया था। बिना किसी डॉक्टरी इलाज के हनुमान जी के आशीर्वाद से उनका पैर ठीक हो गया।

- आयुष अधिकारी के मुताबिक, मुहास के हनुमान मंदिर में जड़ी बूटी की औषधि से टूटी हड्डी जोड़ने का काम किया जाता है। लोगों को आराम भी मिलता है। मेरा स्वयं कॉलेज की पढ़ाई के समय पैर टूट गया था। परिवार वाले मुझे वहां पर लेकर गए थे, जहां पर दवा खाने करने से मुझे आराम लगा था।

यहां पंडित जाप करने के बाद पत्तियों और जड़ की बनी अौषधि पीड़ित लोगों को खाने देते हैं। यहां पंडित जाप करने के बाद पत्तियों और जड़ की बनी अौषधि पीड़ित लोगों को खाने देते हैं।
आस्था के इस मंदिर में हर दिन आसपास के अलावा दूर-दूर तक के लाेग यहां पहुंचते हैं। आस्था के इस मंदिर में हर दिन आसपास के अलावा दूर-दूर तक के लाेग यहां पहुंचते हैं।
हनुमान जी का मंदिर। हनुमान जी का मंदिर।