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बारहसिंगा के शावक का जन्म, हार्ड ग्राउंड बारहसिंगा केवल कान्हा पार्क में

वन विहार नेशनल पार्क में दुर्लभ प्रजाति के हार्ड ग्राउंड बारहसिंगा ने एक शावक को जन्म दिया है।

Danik Bhaskar | Dec 09, 2017, 06:08 AM IST

भोपाल . वन विहार नेशनल पार्क में दुर्लभ प्रजाति के हार्ड ग्राउंड बारहसिंगा ने एक शावक को जन्म दिया है। यहां इनकी संख्या बढ़कर 11 हो गई है। वन विहार के कर्मचारी नए मेहमान पर लगातार नजर रखे हैं। वर्ष 2016 में दो बारहसिंगा शावकों का जन्म हुआ था। वहीं, सितंबर 2017 में एक शावक का जन्म हुआ था। कान्हा नेशनल पार्क के बारहसिंगा को वन विहार नेशनल पार्क भा गया है। यहां आने के बाद इनका परिवार लगातार बढ़ रहा है।


- वन विहार नेशनल पार्क की डायरेक्टर ने बताया कि चार-पांच दिसंबर की दरमियानी रात को शावक का जन्म हुआ।

- दुर्लभ प्रजाति के इस बारहसिंगा को बचाने की कवायद के चलत 8 जनवरी 2015 को कान्हा नेशनल पार्क से 7 बारहसिंगा (03 नर एवं 04 मादा) यहां शिफ्ट किए गए थे।
- इसलिए है यह दुर्लभ प्रजाति-बारहसिंगा की कई प्रजातियां हैं लेकिन हार्ड ग्राउंड बारहसिंगा विश्व में केवल कान्हा नेशनल पार्क में पाए जाते थे।

- इनकी संख्या कभी तीन हजार से अधिक थी। इसके बाद इनकी संख्या घटकर 365 रह गई थी। इसके बाद इनकी आबादी बढ़कर 700 के आसपास हो गई है।

दिल्ली की एक कंपनी की सीईओ ने तेंदुआ शावक को लिया गोद
- नरसिंहपुर से वन विहार पहुंचे तेंदुआ शावक नरसिंह बानो को दिल्ली की एक कंपनी की सीईओ राधा अहलूवालिया ने गोद लिया है।

- इसके लिए उन्होंने एक लाख रुपए टाइगर फाउंडेशन को दिए हैं। राधा का कहना है कि वे नरसिंह बानो को हमेशा के लिए गोद लेना चाहती हैं।

- अहलूवालिया वन विहार घूमने आई थीं। यहां उन्होंने इसे गोद लेने का विचार बनाया था।

केरवा के पास छोड़ा गया पेंगोलिन
- नेहरू नगर से रेस्क्यू किए गए पेंगोलिन को शुक्रवार को सतपुड़ा नेशनल पार्क में छोड़ दिया गया।

- दूसरे पेंगोलिन को केरवा डेम के पास के जंगल में छोड़ा। राजौरा का कहना है कि कर्मचारियों की टीम ने पेंगोलिन को चींटी और दीमक की अधिकता वाले क्षेत्र में छोड़ा है।