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राज्यपाल बोलीं- 114 साल पुराने मकानों में कैसे रह रहे हैं कर्मचारी,

शौर्य स्मारक की 12 लाख 57 हजार 84वीं पर्यटक आनंदीबेन।

Dainik Bhaskar

Jan 30, 2018, 05:21 AM IST
How are the employees living in 114-year-old houses,

भोपाल. राज्यपाल आनंदीबेन पटेल सोमवार को उस समय हैरत में रह गई जब उन्हें बताया गया कि अभी भी राजभवन में कर्मचारी 114 साल पहले में बने आई टाइप मकानों में रह रहे हैं। उन्होंने इन मकानों को तोड़कर कर्मचारियों के नए सुविधायुक्त मकान बनाए जाने का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। राज्यपाल ने पीडब्ल्यूडी के अफसरों से पूछा कि आखिर अब तक इन मकानों को बनाए जाने के बारे में क्यों कोई पहल नहीं की गई।

- राजभवन में अंग्रेजों के समय के सर्वेंट क्वार्टर बने हुए हैं। इनमें से 57 आई टाइप क्वार्टर 1904 में बनाए गए थे। बाद में 39 क्वार्टर राजभवन की बाउंड्री से बाहर 1956, 1975 और 1977 में बनाए गए थे। मकानों को तोड़कर दोबारा बनाए जाने की पहल पूर्व में तत्कालीन राज्यपाल केएम चांडी के कार्यकाल 1984 से 1987 के दौरान हुई थी। बाद में यह मामला ठंडे बस्ते में चला गया। राज्यपाल ने पीडब्ल्यूडी के अफसरों से कहा कि नए क्वार्टर ऐसे बनाए जो सर्व सुविधायुक्त हों जिनमें कर्मचारी अपने परिवार के साथ आराम से रह सकें।

स्कूल-कॉलेजों तक पहुंचे वीरों की शौर्य गाथा
- आजादी के पहले और बाद में क्या हुआ, यह हमारे बच्चों व युवा पीढ़ी को बताना चाहिए। देश के वीर सपूत सैनिकों की शौर्य गाथा स्कूल- कॉलेजों तक पहुंचाना चाहिए। दुर्गम इलाकों, पहाड़ियों एवं माइनस 50 डिग्री तापमान में डटे रहकर देश की रक्षा करने वाले इन सैनिकों के बारे में जानना बेहद जरूरी है।

- राज्यपाल आनंदीबेन ने यह बात सोमवार को शौर्य स्मारक का अवलोकन करने के बाद कहीं। राज्यपाल सोमवार दोपहर 12.20 बजे वहां पहुंची थीं। राज्यपाल ने जैसे ही स्मारक में प्रवेश किया तो प्रमुख सचिव मनाेज श्रीवास्तव ने उनसे कहा कि आपका यहां स्वागत है, आप 12 लाख, 57 हजार 84वीं पर्यटक हैं।

- राज्यपाल ने कहा कि यहां उकेरे गए चित्र बहुत दुर्लभ हैं और यह बहुत कठिन काम है। एक- दो घंटे का वक्त काफी नहीं है। इसके अवलोकन के लिए दिन भर का समय भी कम पड़ जाएगा। दोपहर 1.30 बजे वे वहां से रवाना हुईं।

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