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देश का तीसरा सरकारी ओल्ड एेज होम भोपाल में बनेगा, 100 लोगों के रहने-खाने की रहेगी इंतजाम

देश में सरकारी ओल्ड एज होम केवल त्रिपुरा और चंडीगढ़ में है। भोपाल में दो निजी ओल्ड एच होम हैं।

Danik Bhaskar | Mar 05, 2018, 06:37 AM IST
विदेशों की तर्ज पर देश के दूसर विदेशों की तर्ज पर देश के दूसर

भोपाल. बुजुर्गों के लिए मध्यप्रदेश का पहला और देश का तीसरा सरकारी ओल्ड एेज होम भोपाल में बनेगा। इसके लिए सेंट्रल जेल के पीछे 7 एकड़ जमीन का सिलेक्शन किया गया है। सामाजिक न्याय विभाग ने इस भवन के निर्माण के लिए 10.83 करोड़ रुपए लोक निर्माण विभाग को ट्रांसफर कर दिए हैं। खासबात यह है कि इस ओल्ड एज होम फ्लैटनुमा होगा। जिसमें करीब 100 लोग रह सकेंगे। जमीन के ट्रांसफर की प्रक्रिया एक माह में पूरी होने के बाद निर्माण शुरु हो जाएगा। इससे पहले अफसरों ने पूना, बंगलुरु और चंडीगढ़ के मॉडल्स का परीक्षण करने के बाद ही इसका लेआउट तैयार किया है। बता दें कि देश में सरकारी ओल्ड एज होम केवल त्रिपुरा और चंडीगढ़ में है। भोपाल में दो निजी ओल्ड एच होम हैं।

क्यों लिया फैसला?
दरअसल, विदेशों की तर्ज पर देश के दूसरे शहरों में कॉलोनी में ही ओल्ड एज होम्स का चलन बढ़ रहा है। इसमें बुजुर्ग व्यक्ति कॉलोनी में सभी लोगों के बीच यानी समाज का हिस्सा बने रहते हैं। इससे उन्हें अच्छा माहौल मिलने के साथ ही अकेलेपन की समस्या भी नहीं होती है।

कैसे होंगे मकान?
वृद्धाश्रम से अलग इसमें बुजुर्ग व्यक्ति की जरूरतों के हिसाब से कॉलोनी और फ्लैट्स डिजाइन किए जाएंगे। मसलन बुजुर्गों बाथरूम का फ्लोर ऐसा बनाया जाता है कि उससे फिसलन नहीं होगी। अन्य मकानों की तरह बुजुर्ग व्यक्ति इन्हें खरीदते हैं और सारी सुविधाओं के लिए भुगतान भी करते हैं।

हर जिले में बनाई जाएगी हेल्पलाइन
प्रदेश के दूर दराज के इलाकों में रहने वाले वृद्वजनों की जानकारी एकत्र करने एवं उन्हें हर समय सुविधा प्रदान करने के लिए हर जिले में सामाजिक न्याय विभाग एक हेल्पलाइन सेंटर की स्थापना करेगा। इसके अलावा बच्चों के लिए भी एक हेल्पलाइन डेस्क बनाई जाएगी।

अवेयरनेस प्रोग्राम भी चलाया जाएगा
सामाजिक न्याय विभाग ने जनवरी में बुजुर्गों की सुविधाओं को लेकर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया था। इस कार्यशाला में प्रदेश व देशभर के 200 से ज्यादा प्रतिभागियों ने भाग लिया। कार्यशाला में विभाग की प्रमुख सचिव अशोक शाह ने वृद्वजनों की सुविधाओं के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा था कि आज के दौर में समाज को खुद वृद्वजनों की सेवा करना चाहिए। समाज में इस भावना को जागृत करने के लिए विभाग इस क्षेत्र में काम करने वाले एनजीओ के साथ मिलकर योजना तैयार करेगा। साथ ही हर जिले में एक एक अवेयरनेस प्रोग्राम भी चलाया जाएगा। ओल्ड एज होम का संचालन एजीओ को सौंपने पर भी विचार चल रहा है। हालांकि इस पर अंतिम निर्णय भवन निर्माण कार्य पूरा होने के बाद किया जाएगा।