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इस बात से परेशान होकर किसान के बेटे ने की suicide, शव खटोली पर ले जाया गया

बुंदेलखंड में किसान और उनके परिजनों की आत्महत्या करने का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है।

Dainik Bhaskar

Dec 29, 2017, 04:43 PM IST

भोपाल। बुंदेलखंड में किसान और उनके परिजनों की आत्महत्या करने का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले में गुरुवार की देर रात एक किसान के बेटे धनीराम कुशवाहा (28) ने रोजगार के अभाव में पेड़ से लटककर आत्महत्या कर ली। वहीं, वाहन का इंतजाम नहीं होने की वजह से शव को पोस्टमार्टम के लिए खटोली पर ले जाया गया।


-पृथ्वीपुर थाने के बरगोला खिरक निवासी धनीराम के पिता मिट्ठू कुशवाहा ने शुक्रवार को बताया कि उनके पास डेढ़ एकड़ जमीन है। सूखे की वजह से उस पर खेती नहीं हो पाई। बेरोजगार होने की वजह से धनीराम काफी परेशान था। वह रोजगार की तलाश में दिल्ली जाने को कह रहा था। लेकिन, दिल्ली जाने के लिए भी पैसों का इंतजाम नहीं हो पाया। काफी दिनों से तनाव में चल रहे मिट्ठू ने गुरुवार देर रात आत्महत्या कर ली।

-ग्रामीणों के मुताबिक, पेड़ से लटककर आत्महत्या करने के बाद धनीराम के शव को पोस्टमार्टम के लिए पृथ्वीपुर ले जाना था, लेकिन वाहन का इंतजाम न होने पर उसके शव को खटोली पर ही ले जाने का फैसला किया गया। शव को खटोली पर रखकर लगभग दो किलोमीटर दूर स्वास्थ्य केंद्र तक ले जाया गया।

-पृथ्वीपुर एसडीओपी एलएस मिश्रा ने बताया कि आत्महत्या करने वाला किसान नहीं, बल्कि किसान का बेटा था। उसने आत्महत्या क्यों की इसका खुलासा नहीं हो पाया है, पुलिस जांच कर रही है।

-दूसरी ओर विकासखंड चिकित्सा अधिकारी (बीएमओ) डॉ. एन के जैन ने मीडिया को बताया कि आत्महत्या करने वाले व्यक्ति के परिजनों ने वाहन के लिए कोई सूचना नहीं दी। वाहन भेजने के नियम हैं, गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाले परिवार को नि:शुल्क वाहन भेजने का प्रावधान है। वहीं, अन्य लोगों से सात रुपये किलोमीटर की दर से किराया लिया जाता है।

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