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'रेप के नोटिस' से 'मर्दों की पेंट' तक, सदन में गूंजे थे जया के ये धांसू डायलॉग

इस बजट सेशन के साथ ही खत्म होगा राज्यसभा में जया बच्चन का टेन्यॉर।

Danik Bhaskar | Jan 25, 2018, 03:10 PM IST

भोपाल. एक्ट्रेस से पॉलिटीशियन बनीं जया भादुड़ी बच्चन इस बजट सेशन के बाद राज्यसभा में नजर नहीं आएंगी। उनका टेन्यॉर बतौर राज्यसभा सदस्य खत्म हो रहा है। जबलपुर में जन्मीं जया ने रियल लाइफ पॉलिटीशियन का रोल भी बखूबी निभाया। वे सदन में महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर खुलकर बोलीं। इस मौके पर DainikBhaskar.com उनके कुछ ऐसे ही बेबाक डायलॉग बता रहा है, जिन्हें सुनकर सदन में जमकर तालियां बजीं।

पद्मावत मूवी का मुद्दा पहुंचाया था संसद तक

- जया बच्चन ने पिछले साल नवंबर में कहा था कि वो 'पद्मावत' फिल्म के खिलाफ हो रहे विरोध प्रदर्शन का मुद्दा संसद में उठाएंगी।

- जया ने पद्मावत के डायरेक्टर संजयलीला भंसाली पर जयपुर में हुए अटैक का विरोध करते हुए संसद में कहा था, "फिल्म इंडस्ट्री एंटी सोशल एलिमेंट्स के लिए एक सॉफ्ट टारगेट रही है। कभी उन्हें धमकाया जाता है तो कभी फिल्मों की स्क्रीनिंग रोकी जाती है, सेट्स तोड़े जाते हैं और कभी तो विरोध आक्रामक रूप ले लेता है, जैसा कि जयपुर में हाल ही में देखने को मिला। करणी सेना ने न सिर्फ संजय लीला भंसाली पर अटैक किया, बल्कि महंगे इक्विपमेंट्स भी तोड़े। ऐसा करके हम फिल्म इंडस्ट्री को क्या मैसेज देना चाहते हैं, जो कि देश की सबसे अहम एम्बेसडर है।"

रिपोर्टर थे जया के पिता

- जया बच्चन के पिता तरुण कुमार भादुड़ी कोलकाता के एक अखबार में जर्नलिस्ट थे। वे भोपाल उस अखबार के स्पेशल रिप्रेजेंटेटिव बनकर आए थे।
- अर्जुन सिंह की सरकार में तरुण भादुड़ी एमपी टूरिज्म कॉर्पोरेशन के चेयरपर्सन भी रहे।
- जया बच्चन की स्कूलिंग भोपाल के सेंट जोसेफ कॉन्वेंट से हुई। इंटरमीडिएट के बाद उन्होंने पुणे के फिल्म एंड टेलिविजन इन्स्टीट्यूट ऑफ इंडिया से ग्रैजुएशन किया।
- ब्यूरोक्रेटिक बैकग्राउंड की वजह से जया बच्चन ने पॉलिटिक्स में भी अपना रोल बखूबी निभाया। बतौर समाजवादी पार्टी नेत्री उन्होंने वॉयलेंस अगेंस्ट वुमन जैसे मुद्दों को सदन में उठाया।