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MP Budget 2018 : 2 लाख करोड़ का चुनावी बजट पेश, 3650 करोड़ सीधे किसानों के खातों में जाएंगे

शिवराज सरकार ने इस कार्यकाल के आखिरी बजट में पहली बार किसानों के लिए सबसे ज्यादा 37498 करोड़ रु. का प्रावधान किया है।

Danik Bhaskar | Mar 01, 2018, 04:49 AM IST

भोपाल. शिवराज सरकार ने इस कार्यकाल के आखिरी बजट में पहली बार किसानों के लिए सबसे ज्यादा 37498 करोड़ रु. का प्रावधान किया है। इनमें से 3650 करोड़ रुपए सीधे किसानों के खातों में जाएंगे। यह गेहूं, धान खरीदी की प्रोत्साहन राशि है। कर्मचारी, पेंशनर्स, महिलाओं, आदिवासियों और युवाओं को भी थोड़ा-थोड़ा खुश करने की कोशिश। थोड़ा इसलिए क्योंकि पेंशनर्स को सातवें वेतन आयोग में केंद्र की अपेक्षा कम पेंशन दी गई है। कर्मचारियों को भी कुछ नहीं मिला। महिलाओं के लिए सिर्फ स्वसहायता समूह के जरिये लोन का प्रावधान किया है।

जीत का फॉर्मूला: किसान+दलित +आदिवासी +महिला+युवा = बहुमत

मप्र सरकार का चुनावी बजट आगामी विधानसभा चुनाव पर सीधा असर डालेगा। दैनिक भास्कर ने जानने की कोशिश की है कि घोषणाओं का फायदा किस वर्ग को कितना होगा। साथ ही जो उम्मीदें पूरी नहीं हो सकीं, उनका सरकार को कितना नुकसान हो सकता है।

5 खास बातें

1. किसान : सरकार ने पहली बार किसानों के लिए करीब 20% हिस्सा रखा है। डिफाॅल्टर किसानों को भी अब लोन मिल सकेगा।

2. स्मार्ट सिटी : भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन, सागर और सतना स्मार्ट सिटी के लिए 100-100 करोड़ की घोषणा हुई है।

3. मेट्रो: 2018-2019 में भोपाल और इंदौर में मेट्रो के काम का पहला चरण शुरू करने का लक्ष्य। प्रदेश में मेट्रो की घोषणा 2010 में हुई थी।

4. प्रोफेशनल टैक्स : 2.25 लाख तक वेतन पर प्रोफेशनल टैक्स नहीं लगेगा। अभी 1.80 लाख सालाना वेतन वालों को छूट थी।

5. स्टाम्प ड्यूटी : अमल्गमेशन और मर्जर पर वर्तमान में पंजीयन शुल्क सम्पत्ति के मूल्य का .08% है। अब स्टाम्प का .8% लगेगा।

जानिए मेरे लिए क्या?

1. प्रोफेशनल टैक्स में राहत

सवा दो लाख तक कोई कर नहीं
2.25 लाख से 3 लाख 1500 रुपए
3 लाख से 4 लाख 2000 रुपए
4 लाख से अधिक

2500 रुपए

अध्यापकों को छठा वेतनमान

कर्मी परम्परा को समाप्त कर अध्यापक संवर्ग की स्थापना की एवं इस संवर्ग को छठवे वेतनमान का लाभ दिया गया। स्थानीय निकायों के अधीन अध्यापकों की सेवाओं को परिवर्तित कर सेवाएं राज्य शासन के अधीन किया।

छात्रों को नि:शुल्क कोचिंग
इन्दौर, जबलपुर, भोपाल एवं ग्वालियर में 1600 आदिवासी विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर के इंजीनियरिंग, मेडिकल तथा लाॅ कालेजों में प्रवेश को बढ़ावा देने के लिए उत्कृष्ट कोचिंग संस्थाओं के माध्यम से निःशुल्क कोचिंग।

भोपाल, इंदौर में कन्या छात्रावास

भोपाल, जबलपुर, इन्दौर और ग्वालियर में 500 सीट वाले कन्या छात्रावासों की स्थापना। राजगढ़, उज्जैन, दमोह एवं रायसेन में 100 सीटर कन्या छात्रावासों की स्थापना। ग्वालियर, भोपाल एवं उज्जैन में 100 सीटर बालक छात्रावास।

मेधावी विद्यार्थी योजना का लाभ
मुख्यमंत्री मेघावी विद्यार्थी योजना के तहत उच्च शिक्षा के 26 हजार 112, चिकित्सा शिक्षा के 640, तकनीकी शिक्षा के 296 एवं एनआईएटी/एसपीए के 189 विद्यार्थी लाभान्वित हुए हैं।

9 मेडिकल कॉलेज और महिला उद्यमियों के लिए 5 करोड़ की ऋण सीमा समेत ये एलान

- इंदौर-भोपाल एक्सप्रेस-वे के लिए 5000 करोड़। यह योजना 2022 तक पूरी होगी।

- महिला उद्यमियों के स्व- सहायता समूहों को अब एक की बजाय 5 करोड़ रुपए तक का लोन मिलेगा।

- विदिशा, शहडोल, खंडवा, सिवनी, रतलाम, दतिया, शिवपुरी, छिंदवाड़ा और सतना में कुल 9 मेडिकल कॉलेज खुलेंगे।

- सामाजिक सुरक्षा के तहत 100 करोड़ से असंगठित क्षेत्र के कर्मकारों को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाया जाएगा।

- प्याज को भी भावांतर योजना में शामिल किया। 250 करोड़ रु. का प्रावधान। सरकार-किसान दोनों को फायदा ।

उम्मीदें जो टूट गईं

पेट्रोल-डीजल पर वैट: देश में संबसे अधिक मप्र में वैट। घटने की उम्मीद थी लेकिन नहीं घटाया।

रियल एस्टेट: शहरी प्रॉपर्टी पर हाल ही में स्टाम्प ड्यूटी 1% बढ़ी है। कम होती तो थोड़ा बूम आता।

किसान कर्जमाफी: लंबे समय से मुद्दा चल रहा है। कई किसानों ने आत्महत्या भी की। फिर आस टूटी।

रीपैकेजिंग

मेट्रो ट्रेन : पिछले वर्ष भी बजट में इस पर घोषणा हुई। 10 करोड़ का बजट भी हुआ। काम शुरू नहीं हुआ। इस बार फिर प्रावधान।

पौधरोपण: पिछले बजट में 6 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य रखा था। इन पौधों का अता-पता नहीं। इस बार 8 करोड़ का लक्ष्य।

नल-जल योजना : पिछले वर्ष इसमें काफी बड़ा प्रावधान किया था, लेकिन काम नहीं हुआ। इस बार 1650 बसाहटों में काम होने हैं।

आगे की स्लाइड्स में टू मिनट गाइड में जानें, सरकार ने किस वर्ग को क्या दिया...